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पेक में एलुमिनी मीट में पहुंचे वरिष्ठ छात्र
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पेक के पूर्व छात्रों को बनेगा थिंक टैंक, जूनियर विद्यार्थियों को लगाएंगे पंख : शलभ
- इंजीनियर शलभ ने कहा, पूर्व छात्रों को अपनी जड़ों से जुड़ा रहना चाहिए
- पेक की एलुमिनी मीट में पहुंचे अमेरिका के एवीजी ग्रुप के चेयरमैन
- मीट में दुनियाभर में काम कर रहे पेक के पूर्व विद्यार्थी हुए शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) के ओल्ड स्टूडेंट एसोसिएशन की ओर एलुमिनी मीट का आयोजन किया गया। दुनियाभर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे पूर्व विद्यार्थी एलुमिनी मीट में शामिल होने के लिए पहुंचे। मुख्य अतिथि व अमेरिका में एवीजी ग्रुप ऑफ कॉस के चेयरमैन इंजीनियर शलभ कुमार ने कहा कि पेक के जरिये उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता मिला और उसी रास्ते ने अमेरिका तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान के पूर्व छात्र पेड़ की तरह हैं, लेकिन उन्हें जड़ों से जुड़ा रहना चाहिए। उन्होंने घोषणा की कि पूर्व छात्रों का एक थिंक टैंक बनेगा, जो अपने जूनियर छात्रों को आगे पहुंचाने में मदद करेगा।
हजारों छात्र दुनिया में मचा रहे हैं धूम
इससे पहले शलभ कुमार व पेक के निदेशक प्रो. धीरज सांघी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रो. केके वोहरा ने एसोसिएशन की प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस मीट में 1959, 1969, 1984, 1994 और 2004 बैच के विद्यार्थी पहुंचे हैं। उन्हें सम्मानित भी किया गया। शलभ कुमार की मौजूदगी दुनिया भर में पूर्व छात्रों को एक मजबूत संदेश दे रही है, जो खुद को पेक और पिकासा की गतिविधियों से जोड़ देंगे। उन्होंने पेक के पूर्व छात्रों की विरासत को याद दिलाया और पद्म भूषण पुरस्कार प्राप्त तीन पूर्व छात्रों के नाम लिए। बताया कि दुनियाभर में धूम मचा रहे पेक के दस हजार से अधिक विद्यार्थियों को एसोसिएशन के जरिये जोड़ा गया है।
इंजीनियर शलभ का ट्रंप को जिताने में रहा बड़ा योगदान
एवीजी ग्रुप के चेयरमैन शलभ कुमार कहते हैं कि वह 1969 बैच के विद्यार्थी रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय ख्याति के रिपब्लिकन हिंदू गठबंधन के संस्थापक भी हैं। उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका में पूर्व छात्र संघों के बारे में अपने अनुभव साझा किए। शलभ कुमार को दुनिया के शीर्ष 100 इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरों में गिना जाता है। उन्होंने बताया कि उनके अभियान कौशल और कैपिटल में प्रभाव के साथ वह पाकिस्तान को अमेरिकी आपूर्ति में कटौती करने में सफल रहे थे। वह अमेरिका में भारतीय विरोधी आव्रजन बिलों को रद्द करने में सबसे आगे थे। रिपब्लिकन हिंदू गठबंधन के अध्यक्ष भी हैं, एक राजनीतिक पार्टी जो अमेरिका में भारतीयों का प्रतिनिधित्व करती है और ट्रंप की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका भी इस पार्टी ने निभाई थी।
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आठ लाख से अधिक की छात्रवृत्ति बांटी गई
इस दौरान मैकेनिकल इंजीनियरिंग के 1993 बैच के विद्यार्थियों ने भविष्य में संस्थान के तीन छात्रों को 50000 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। ये विद्यार्थी वे होंगे, जो आर्थिक रूप से कमजोर होंगे। किताब आदि की मदद भी उन्हें मिलेगी। 1993 इलेक्ट्रॉनिक्स बैच के इंजीनियर अनिल भाटिया की ओर से 15,000 रुपये देने की घोषणा की गई। 1968 बैच के पूर्व विद्यार्थियों की घोषणा पर शनिवार को कई छात्रों को बेहतर प्रदर्शन करने पर लगभग आठ लाख रुपये तक की छात्रवृत्ति दी गई। इस दौरान यह भी तय हुआ कि अगले 30 साल तक लगभग 60 लाख का फंड जुटाकर विद्यार्थियों का भविष्य में छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। इस बैठक में अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, जापान, सिंगापुर और नेपाल के 60 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संस्थान में चल रही विभिन्न गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए एक लघु फिल्म भी दिखाई गई। शाम को पंजाबी कलाकार सुनंदा शर्मा ने प्रस्तुतियां दीं।
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पेक के पूर्व छात्रों को बनेगा थिंक टैंक, जूनियर विद्यार्थियों को लगाएंगे पंख : शलभ
- इंजीनियर शलभ ने कहा, पूर्व छात्रों को अपनी जड़ों से जुड़ा रहना चाहिए
- पेक की एलुमिनी मीट में पहुंचे अमेरिका के एवीजी ग्रुप के चेयरमैन
- मीट में दुनियाभर में काम कर रहे पेक के पूर्व विद्यार्थी हुए शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) के ओल्ड स्टूडेंट एसोसिएशन की ओर एलुमिनी मीट का आयोजन किया गया। दुनियाभर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे पूर्व विद्यार्थी एलुमिनी मीट में शामिल होने के लिए पहुंचे। मुख्य अतिथि व अमेरिका में एवीजी ग्रुप ऑफ कॉस के चेयरमैन इंजीनियर शलभ कुमार ने कहा कि पेक के जरिये उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता मिला और उसी रास्ते ने अमेरिका तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान के पूर्व छात्र पेड़ की तरह हैं, लेकिन उन्हें जड़ों से जुड़ा रहना चाहिए। उन्होंने घोषणा की कि पूर्व छात्रों का एक थिंक टैंक बनेगा, जो अपने जूनियर छात्रों को आगे पहुंचाने में मदद करेगा।
हजारों छात्र दुनिया में मचा रहे हैं धूम
इससे पहले शलभ कुमार व पेक के निदेशक प्रो. धीरज सांघी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रो. केके वोहरा ने एसोसिएशन की प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस मीट में 1959, 1969, 1984, 1994 और 2004 बैच के विद्यार्थी पहुंचे हैं। उन्हें सम्मानित भी किया गया। शलभ कुमार की मौजूदगी दुनिया भर में पूर्व छात्रों को एक मजबूत संदेश दे रही है, जो खुद को पेक और पिकासा की गतिविधियों से जोड़ देंगे। उन्होंने पेक के पूर्व छात्रों की विरासत को याद दिलाया और पद्म भूषण पुरस्कार प्राप्त तीन पूर्व छात्रों के नाम लिए। बताया कि दुनियाभर में धूम मचा रहे पेक के दस हजार से अधिक विद्यार्थियों को एसोसिएशन के जरिये जोड़ा गया है।
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इंजीनियर शलभ का ट्रंप को जिताने में रहा बड़ा योगदान
एवीजी ग्रुप के चेयरमैन शलभ कुमार कहते हैं कि वह 1969 बैच के विद्यार्थी रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय ख्याति के रिपब्लिकन हिंदू गठबंधन के संस्थापक भी हैं। उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका में पूर्व छात्र संघों के बारे में अपने अनुभव साझा किए। शलभ कुमार को दुनिया के शीर्ष 100 इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरों में गिना जाता है। उन्होंने बताया कि उनके अभियान कौशल और कैपिटल में प्रभाव के साथ वह पाकिस्तान को अमेरिकी आपूर्ति में कटौती करने में सफल रहे थे। वह अमेरिका में भारतीय विरोधी आव्रजन बिलों को रद्द करने में सबसे आगे थे। रिपब्लिकन हिंदू गठबंधन के अध्यक्ष भी हैं, एक राजनीतिक पार्टी जो अमेरिका में भारतीयों का प्रतिनिधित्व करती है और ट्रंप की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका भी इस पार्टी ने निभाई थी।
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आठ लाख से अधिक की छात्रवृत्ति बांटी गई
इस दौरान मैकेनिकल इंजीनियरिंग के 1993 बैच के विद्यार्थियों ने भविष्य में संस्थान के तीन छात्रों को 50000 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। ये विद्यार्थी वे होंगे, जो आर्थिक रूप से कमजोर होंगे। किताब आदि की मदद भी उन्हें मिलेगी। 1993 इलेक्ट्रॉनिक्स बैच के इंजीनियर अनिल भाटिया की ओर से 15,000 रुपये देने की घोषणा की गई। 1968 बैच के पूर्व विद्यार्थियों की घोषणा पर शनिवार को कई छात्रों को बेहतर प्रदर्शन करने पर लगभग आठ लाख रुपये तक की छात्रवृत्ति दी गई। इस दौरान यह भी तय हुआ कि अगले 30 साल तक लगभग 60 लाख का फंड जुटाकर विद्यार्थियों का भविष्य में छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। इस बैठक में अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, जापान, सिंगापुर और नेपाल के 60 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संस्थान में चल रही विभिन्न गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए एक लघु फिल्म भी दिखाई गई। शाम को पंजाबी कलाकार सुनंदा शर्मा ने प्रस्तुतियां दीं।