{"_id":"5c4237cabdec2259c53e00c4","slug":"61547843530-panchkula-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार गांव में जांच करने पहुंचे अधिकारी, गांववासी एडवाइजर को मिलने पहुंचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार गांव में जांच करने पहुंचे अधिकारी, गांववासी एडवाइजर को मिलने पहुंचे
विज्ञापन
फोटो सहित
चार गांवों में बिना नक्शा पास कराए बन रहे मकानों की जांच की
मकान मालिकों को पहले नक्शा पास करवाने के लिए कहा
निगम की कार्रवाई रोकने के लिए एडवाइजर से मिला प्रतिनिधिमंडल
अमर उजाला ब्यूरो
मनीमाजरा। निगम में शामिल गांवों में बिना नक्शा पास कराए बन रहे मकानों की जांच शुक्रवार को भी जारी रही। एडिशनल कमिश्नर तिलक राज के निर्देशानुसार बिल्डिंग ब्रांच के एसडीओ बलराज छिकारा ने अपनी टीम के साथ चार गांवों मौलीव, दड़वा, मक्खन माजरा और रायपुर कलां में जाकर जांच की। टीम में जेई दलवीर सिंह, अतिक्रमण हटाओ दस्ते के इंक्पेक्टर मदनलाल शर्मा, वेद प्रकाश गौतम और निर्मला सिंह शामिल थे। टीम ने गांवों में बन रहे 10 मकानों के मालिकों को पहले इनका नक्शा पास करवाने के लिए कहा।
निगम की कार्रवाई को रोकने के लिए गांव वासियों का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को एडवाइजर मनोज परिदा से मिलने पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में चंडीगढ़ भाजपा के उपप्रधान रामवीर भट्टी, जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन भजन सिंह माडू, पंचायत सीमित के पूर्व वाइस चेयरमैन सोनू लुभाणा, किसान मोर्चा के प्रधान बलविंदर शर्मा, भाजपा जिला प्रधान हुकम चंद, सतीश, गुरदीप सिंह, मनदीप, कुलजीत, बिल्ला गुजर, लक्की, विक्की आदि शामिल थे। भजन सिंह माडू ने बताया कि उन्होंने एडवाइजर से गुहार लगाई कि इस तरह गांवों के लोगों को तंग न किया जाए। गांव के लोगों को नक्शा पास कराने के लिए कुछ समय दिया जाए। उन्होंने कहा कि एडवाजइर ने उनकी समस्या सुनने के बाद निगम कमिश्नर केके यादव को अपने ऑफिस बुलाया और दोनों पक्षों की बात सुनी। उन्होंने कमिश्नर को गांव वासियों की हरसंभव मदद करने को कहा।
लाल डोरे में मकानों को बनने दिया जाए
रामवीर भट्टी ने बताया कि एडवाइजर ने कहा कि लाल डोरे के अंदर बन रहे मकानों को बनने दिया जाए। इसके लोगों का जो सामान निगम ने जब्त किया है, वापिस किया जाए। इसके साथ लाल डोरे के बाहर बन रहे मकानों का निर्माण रोका जाए। बलविंदर शर्मा ने सलाहकार को बताया कि गांव में रहने वाले लोग पुश्तों से इस जगह पर रह रहे हैं। चंडीगढ़ के बन जाने के बाद से गांव में बनी लाल डोरे को बढ़ाया नहीं गया। जबकि हर साल शहर की आबादी बढ़ती जा रही है। इसलिए लाल डोरे को बढ़ाया जाए और वहां बने मकानों को नियमित किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
चार गांवों में बिना नक्शा पास कराए बन रहे मकानों की जांच की
मकान मालिकों को पहले नक्शा पास करवाने के लिए कहा
निगम की कार्रवाई रोकने के लिए एडवाइजर से मिला प्रतिनिधिमंडल
अमर उजाला ब्यूरो
मनीमाजरा। निगम में शामिल गांवों में बिना नक्शा पास कराए बन रहे मकानों की जांच शुक्रवार को भी जारी रही। एडिशनल कमिश्नर तिलक राज के निर्देशानुसार बिल्डिंग ब्रांच के एसडीओ बलराज छिकारा ने अपनी टीम के साथ चार गांवों मौलीव, दड़वा, मक्खन माजरा और रायपुर कलां में जाकर जांच की। टीम में जेई दलवीर सिंह, अतिक्रमण हटाओ दस्ते के इंक्पेक्टर मदनलाल शर्मा, वेद प्रकाश गौतम और निर्मला सिंह शामिल थे। टीम ने गांवों में बन रहे 10 मकानों के मालिकों को पहले इनका नक्शा पास करवाने के लिए कहा।
निगम की कार्रवाई को रोकने के लिए गांव वासियों का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को एडवाइजर मनोज परिदा से मिलने पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में चंडीगढ़ भाजपा के उपप्रधान रामवीर भट्टी, जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन भजन सिंह माडू, पंचायत सीमित के पूर्व वाइस चेयरमैन सोनू लुभाणा, किसान मोर्चा के प्रधान बलविंदर शर्मा, भाजपा जिला प्रधान हुकम चंद, सतीश, गुरदीप सिंह, मनदीप, कुलजीत, बिल्ला गुजर, लक्की, विक्की आदि शामिल थे। भजन सिंह माडू ने बताया कि उन्होंने एडवाइजर से गुहार लगाई कि इस तरह गांवों के लोगों को तंग न किया जाए। गांव के लोगों को नक्शा पास कराने के लिए कुछ समय दिया जाए। उन्होंने कहा कि एडवाजइर ने उनकी समस्या सुनने के बाद निगम कमिश्नर केके यादव को अपने ऑफिस बुलाया और दोनों पक्षों की बात सुनी। उन्होंने कमिश्नर को गांव वासियों की हरसंभव मदद करने को कहा।
विज्ञापन
लाल डोरे में मकानों को बनने दिया जाए
रामवीर भट्टी ने बताया कि एडवाइजर ने कहा कि लाल डोरे के अंदर बन रहे मकानों को बनने दिया जाए। इसके लोगों का जो सामान निगम ने जब्त किया है, वापिस किया जाए। इसके साथ लाल डोरे के बाहर बन रहे मकानों का निर्माण रोका जाए। बलविंदर शर्मा ने सलाहकार को बताया कि गांव में रहने वाले लोग पुश्तों से इस जगह पर रह रहे हैं। चंडीगढ़ के बन जाने के बाद से गांव में बनी लाल डोरे को बढ़ाया नहीं गया। जबकि हर साल शहर की आबादी बढ़ती जा रही है। इसलिए लाल डोरे को बढ़ाया जाए और वहां बने मकानों को नियमित किया जाए।
विज्ञापन