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बोपफोर्स तोप ने दिखई ताकत

Fri, 30 Nov 2018 01:43 AM IST
Updated Fri, 30 Nov 2018 01:43 AM IST
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बोपफोर्स तोप ने दिखई ताकत
फोटो सहित
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बोफोर्स तोप, टी-90 टैंक से दिखाई सेना की ताकत
स्काई ड्राइवर्स ने दिखाए हैरतअंगेज करतब, ऑफ रोडिंग ड्राइवर्स ने दिखाया कमाल
संजीव पंगोत्रा
चंडीगढ़। कारगिल युद्ध में पाकिस्तानी सेना के छक्के छुड़ाने वाली बोफोर्स तोप को शहरवासी नजदीक से देख सकेंगे। आसमान में पैरा माउंटेन से सवारी के साथ-साथ अंग्रेजों और राजाओं-महाराजाओं के समय की विंटेज कारों का दीदार किया जा सकता है। हॉर्स राइडिंग मेें घुड़सवारों के गजब के जौहर देखने को मिलेंगे। यह सब चंडीगढ़ सेक्टर-एक स्थित राजेद्रा पार्क में पंजाब सरकार की ओर से आयोजित मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल में देखने को मिलेगा। यहां सेना की ओर से बोफोर्स और टी-90 टैंक के बारे में जानकारी भी दी जा रही है।

टी-90 टैंक से बरपता है कहर
टी-90 टैंक को राजस्थान में सबसे अधिक मारक क्षमता वाला टैंक माना जाता है। इसे रूस ने खासतौर पर भारत के लिए बनाया है। यह टैंक हाई टेक्नोलॉजी के साथ कंप्यूटर से जुड़ा है। इसे सेना में 2008 में शामिल किया गया। इसकी मारक क्षमता तकरीबन 5 किलोमीटर है, जबकि टारगेट सेट 2.5 किलोमीटर किया जाता है। सेना के एक जवान ने बताया कि इससे एक साथ दुश्मनाें पर 4 वैपन से मार की जा सकती हैं। मिसाइल भी दागे सकते हैं। इसके साथ ही गन लांचर और एसजीएल केसाथ दुश्मन के बीच से निकलने के लिए चाराें तरफ धुंधा फैलाया जा सक ता हैं।
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बोफोर्स तोप बना सेना केलिए तुरुप का एक्का
प्रदर्शनी में सेना के एक अधिकारी ने बताया कि बोफोर्स तोप ने कारगिल युद्ध में सेना केलिए तुरुप के एक्के का काम किया। जरूरत पड़ने पर इससे दुश्मनों पर रात के समय में भी गोले दागे जा सकते हैं। पहाड़ी इलाकों में इसकी मारक क्षमता काफी बढ़ जाती है। समतल इलाकाें में बोफोर्स तोप की मारक क्षमता तकरीबन 30 किलोमीटर होती है, लेकिन जब इसका प्रयोग पहाड़ी इलाकाें में किया जाता है तो मारक क्षमता 42 किलोमीटर हो जाती है। यह खुद ही घूमती है। इस तोप को चलाने के लिए 8 जवानों को लगाया जाता है, जिसमें सभी का अपना अलग-अलग काम होता है। इसका प्रयोग कारगिल युद्ध में सबसे अधिक किया गया।
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पैरा माउंटेन टीम ने दिखाया कमाल
फेस्ट के दौरान पैरा माउंटेन लोगाें केलिए आकर्षण का केंद्र है। इसके लिए जयपुर से स्काई स्कूल इंडिया की टीम आई है। इसमें दो पैर मोटर मशीन है, जोकि हवा में उड़ाई जाती है। इसे ड्राइवर उड़ाता है और उसके साथ की सीट पर विजिटर को बैठाया जाता है। 10 मिनट केलिए 3000 रुपये की फीस रखी गई है। वीरवार को इसका प्रशिक्षण दिया गया। इसमें दो ड्राइवरों ने आसमान में उड़ान भरी।

विंटेज कारें कर रहीं आकर्षित
फेस्ट में विंटेज कारें डिस्पले के लिए रखी गई हैं। इनमें वर्षों पुरानी अंग्रेजों के जमाने की कारें भी शामिल हैं। इनमें फिएट पद्मिनी 1973 मॉडल, इंपाला 1958 मॉडल, बीटल 1968 मॉडल, हिंदुस्तान मोर्ट्स यूके 1948 मॉडल, ऑस्टिन 1962 मॉडल की कारें रखी गई है।


ऑफ रोड के लिए विशेष ट्रैक
वीरवार का रेसिंग गाड़ियाें के लिए ऑफ राइडिंग कंपीटीशन कराया गया। इसे गरारी ऑफ राइडर्स के सहयोग से करवाया जा रहा है। इसमें 30 से 35 गाड़ियां शामिल रहीं। इनमें जिप्सी और अन्य रेसिंग गाड़ियां हैं। इनकेड्राइवर्स ट्राइसिटी से पंजाब तक में कई जगहों पर हिस्सा लेते रहे हैं। इसमें टॉप 2 पर आने वालाें को इनाम भी दिया गया। वहीं, हॉर्स राइडिंग में घुड़सवाराें ने अपने हुनर का परिचय दिया। इसके लिए विशेष तरीके का ट्रैक बनाया गया है। बता दें कि वीरवार को पंजाब केवित्त मंत्री मनप्रीत बादल और हरियाणा केवित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल में हिस्सा लेने पहुंचे।









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