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डीसी आफिस के कर्मी की गिरफ्तारी से रोक का अदालत से इंकार
Updated Tue, 10 Apr 2018 01:40 AM IST
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डीसी आफिस में गड़बड़ी के आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
1.13 लाख रुपये के सरकारी पैसे की धोखाधड़ी का मामला
पिछले साल किया गया था केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
डीसी आफिस की आर्म्स ब्रांच में सरकारी पैसे के गबन के मामले में जिला अदालत ने आरोपी अजय प्रकाश को राहत देने से इंकार करते हुए उसकी अग्रिम जमानत याचिका सुनवाई के बाद खारिज कर दी। अजय प्रकाश के खिलाफ सेक्टर-17 थाना पुलिस ने डीसी आफिस की शिकायत पर पिछले साल फरवरी में 1.13 लाख रुपये के गबन का केस दर्ज किया था।
दर्ज मामले के अनुसार डीसी आफिस के आर्म्स ब्रांच में 1,13,280 रुपये के गबन का मामला सामने आया था। इसके बाद इसकी जांच के लिए डीसी के आदेश पर एक कमेटी बनाई गई थी। इसमें इस्टेट आफिस के एसी हरदीप सिंह, रविंदर कुमार, डीसी आफिस के सुपरिंटेंडेंट जय राम और कुलदीप राज के नेतृत्व में कमेटी बनाई गई थी। कमेटी ने जांच में पाया कि आर्म्स ब्रांच में तैनात अजय प्रकाश ने लोगों से सरकारी फीस के 1.13 लाख रुपये तो लिए, लेकिन उसे सरकारी खाते में जमा नहीं करवाया। इसके बाद डीसी आफिस में कार्यरत रविंदर सिंह की शिकायत पर अजय प्रकाश के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
वहीं अदालत में दायर अग्रिम जमानत याचिका में अजय प्रकाश ने कहा था कि उसे मामले में झूठा फंसाया गया है। वह विभागीय जांच पहले ही ज्वाइन कर चुका है इसलिए उसे अग्रिम जमानत का लाभ दिया जाए। पुलिस ने अग्रिम जमानत देने का विरोध करते हुए मामले की जांच के लिए उसे गिरफ्तार कर पूछताछ करने की बात कही थी। साथ ही उससे सरकारी पैसा भी बरामद करवाने की दलील दी थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इंकार करते हुए उसकी याचिका खारिज कर दी।
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1.13 लाख रुपये के सरकारी पैसे की धोखाधड़ी का मामला
पिछले साल किया गया था केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
डीसी आफिस की आर्म्स ब्रांच में सरकारी पैसे के गबन के मामले में जिला अदालत ने आरोपी अजय प्रकाश को राहत देने से इंकार करते हुए उसकी अग्रिम जमानत याचिका सुनवाई के बाद खारिज कर दी। अजय प्रकाश के खिलाफ सेक्टर-17 थाना पुलिस ने डीसी आफिस की शिकायत पर पिछले साल फरवरी में 1.13 लाख रुपये के गबन का केस दर्ज किया था।
दर्ज मामले के अनुसार डीसी आफिस के आर्म्स ब्रांच में 1,13,280 रुपये के गबन का मामला सामने आया था। इसके बाद इसकी जांच के लिए डीसी के आदेश पर एक कमेटी बनाई गई थी। इसमें इस्टेट आफिस के एसी हरदीप सिंह, रविंदर कुमार, डीसी आफिस के सुपरिंटेंडेंट जय राम और कुलदीप राज के नेतृत्व में कमेटी बनाई गई थी। कमेटी ने जांच में पाया कि आर्म्स ब्रांच में तैनात अजय प्रकाश ने लोगों से सरकारी फीस के 1.13 लाख रुपये तो लिए, लेकिन उसे सरकारी खाते में जमा नहीं करवाया। इसके बाद डीसी आफिस में कार्यरत रविंदर सिंह की शिकायत पर अजय प्रकाश के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
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वहीं अदालत में दायर अग्रिम जमानत याचिका में अजय प्रकाश ने कहा था कि उसे मामले में झूठा फंसाया गया है। वह विभागीय जांच पहले ही ज्वाइन कर चुका है इसलिए उसे अग्रिम जमानत का लाभ दिया जाए। पुलिस ने अग्रिम जमानत देने का विरोध करते हुए मामले की जांच के लिए उसे गिरफ्तार कर पूछताछ करने की बात कही थी। साथ ही उससे सरकारी पैसा भी बरामद करवाने की दलील दी थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इंकार करते हुए उसकी याचिका खारिज कर दी।
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