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डर के मारे चौधरी ने फेंका था मोबाइल, अब लोगों को साथ लेकर तलाशने गए
Updated Thu, 10 Aug 2017 01:52 AM IST
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डर के मारे चौधरी ने फेंका था मोबाइल, अब लोगों को साथ लेकर तलाशने गए
सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए जाने के डर से एक दिन पहले निकल गए थे मैकलोडगंज की ओर
वहीं फेंक दिया था मोबाइल, सीबीआई के समक्ष पेश हुए तो नहीं लाए थे फोन
मोबाइल पेश न करने पर सीबीआई सबूत मिटाने की धारा में दर्ज कर सकती है केस
अमरीश शर्मा
चंडीगढ़।
एसडीएम शिल्पी पातर रिश्वत प्रकरण में सीबीआई के सामने पेश हुए एचसीएच वीरेंद्र चौधरी फंसते नजर आ रहे हैं। सीबीआई के समक्ष पेश होने से एक दिन पहले वह गिरफ्तारी के डर से फोन बंद कर हिमाचल में मैकलोडगंज की ओर चले गए थे। वहां उन्होंने अपने मोबाइल के जरिये गिरफ्तारी होने के डर से अपना फोन कहीं फेंक दिया था। अब सीबीआई ने उन्हें अपना मोबाइल कहीं से भी तलाश कर कार्यालय में पेश होने को कहा है। साथ ही मोबाइल पेश न कर पाने की स्थिति में उनके खिलाफ सबूत मिटाने की धारा में केस दर्ज हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार, बुधवार को एचसीएस वीरेंद्र चौधरी 8-10 लोगों की टीम लेकर फिर मैकलोडगंज की ओर गए। उन्होंने जहां फोन फेंका था वहां उसकी तलाश करवाई। सूत्रों के अनुसार, काफी तलाश करने के बाद भी उनका मोबाइल नहीं मिला है। देर शाम तक चौधरी टीम के साथ वहां फोन की तलाश में जुटे थे।
इससे पहले मंगलवार को एचसीएस चौधरी सीबीआई कार्यालय में पेश हुए थे। वहां पूछताछ के दौरान सीबीआई ने उनका मोबाइल मांगा, लेकिन वह फोन पेश नहीं कर सके। चौधरी ने उन्हें बताया कि वह फोन घर पर भूल आए हैं। इस पर सीबीआई ने उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया और साथ ही हर हाल में मोबाइल फोन लेकर आने को कहा।
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इस पर चौधरी ने बताया कि उन्होंने गिरफ्तारी के डर से फोन फेंक दिया है। इस पर सीबीआई ने फोन पेश न करने पर सबूत मिटाने के तहत उनके खिलाफ केस दर्ज करने की बात कही। सूत्रों के अनुसार, इससे घबराए एचसीएस बुधवार को 8-10 लोगों को साथ लेकर फिर मैकलोडगंज की ओर गए और मोबाइल तलाशने का प्रयास किया। देर शाम तक उनकी कोशिश चल रही थी। संभवत: एक-दो दिन में चौधरी फिर से सीबीआई के समक्ष पेश होंगे।
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सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए जाने के डर से एक दिन पहले निकल गए थे मैकलोडगंज की ओर
वहीं फेंक दिया था मोबाइल, सीबीआई के समक्ष पेश हुए तो नहीं लाए थे फोन
मोबाइल पेश न करने पर सीबीआई सबूत मिटाने की धारा में दर्ज कर सकती है केस
अमरीश शर्मा
चंडीगढ़।
एसडीएम शिल्पी पातर रिश्वत प्रकरण में सीबीआई के सामने पेश हुए एचसीएच वीरेंद्र चौधरी फंसते नजर आ रहे हैं। सीबीआई के समक्ष पेश होने से एक दिन पहले वह गिरफ्तारी के डर से फोन बंद कर हिमाचल में मैकलोडगंज की ओर चले गए थे। वहां उन्होंने अपने मोबाइल के जरिये गिरफ्तारी होने के डर से अपना फोन कहीं फेंक दिया था। अब सीबीआई ने उन्हें अपना मोबाइल कहीं से भी तलाश कर कार्यालय में पेश होने को कहा है। साथ ही मोबाइल पेश न कर पाने की स्थिति में उनके खिलाफ सबूत मिटाने की धारा में केस दर्ज हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार, बुधवार को एचसीएस वीरेंद्र चौधरी 8-10 लोगों की टीम लेकर फिर मैकलोडगंज की ओर गए। उन्होंने जहां फोन फेंका था वहां उसकी तलाश करवाई। सूत्रों के अनुसार, काफी तलाश करने के बाद भी उनका मोबाइल नहीं मिला है। देर शाम तक चौधरी टीम के साथ वहां फोन की तलाश में जुटे थे।
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इससे पहले मंगलवार को एचसीएस चौधरी सीबीआई कार्यालय में पेश हुए थे। वहां पूछताछ के दौरान सीबीआई ने उनका मोबाइल मांगा, लेकिन वह फोन पेश नहीं कर सके। चौधरी ने उन्हें बताया कि वह फोन घर पर भूल आए हैं। इस पर सीबीआई ने उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया और साथ ही हर हाल में मोबाइल फोन लेकर आने को कहा।
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इस पर चौधरी ने बताया कि उन्होंने गिरफ्तारी के डर से फोन फेंक दिया है। इस पर सीबीआई ने फोन पेश न करने पर सबूत मिटाने के तहत उनके खिलाफ केस दर्ज करने की बात कही। सूत्रों के अनुसार, इससे घबराए एचसीएस बुधवार को 8-10 लोगों को साथ लेकर फिर मैकलोडगंज की ओर गए और मोबाइल तलाशने का प्रयास किया। देर शाम तक उनकी कोशिश चल रही थी। संभवत: एक-दो दिन में चौधरी फिर से सीबीआई के समक्ष पेश होंगे।