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ईडब्लयूएस कोटा के तहत बनाए जाएंगे 5500 फ्लैट्स
Updated Thu, 22 Jun 2017 08:03 PM IST
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पहले फेज में ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत 5500 फ्लैट बनेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पहले फेज में चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड करीब 10 हजार फ्लैट का निर्माण करेगा। इनमें ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत 5500, एलआईजी के तहत 3500 और एमआईजी कोटे के तहत 1 हजार फ्लैट बनाए जाएंगे। वीरवार को योजना के संबंध में रिव्यू मीटिंग की गई। इसमें तय किया गया कि पहले फेज में किस कैटेगरी के तहत कितने फ्लैट बनाए जाएंगे।
सीएचबी चेयरमैन मनिंदर सिंह बैंस का कहना है कि योजना के तहत ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी-1 और 2 कैटेगरी के फ्लैट्स के लिए आए कुल 1 लाख 22 हजार 899 आवेदनों में से 51 हजार लोगों को पहले फेज के लिए शार्ट लिस्ट किया गया है।
शहर में कहां कितनी जमीन खाली, एमएचए को भेजी है रिपोर्ट
अधिकारियों के अनुसार योजना के तहत 36 हजार 382 आवेदन मैनुअली, 40 हजार 524 ऑनलाइन और 45 हजार 993 ई संपर्क केंद्र के माध्यम से मिले हैं। प्रशासन की ओर से वर्ष 2021 तक चंडीगढ़ के इन लोगों को अपना घर मुहैया कराने की योजना है। इसके लिए प्रशासन ने शहर में जमीन तलाशनी शुरू कर दी है। शहर के कौन से हिस्से में कितनी जमीन खाली है। इस पर प्रशासन की ओर से रिपोर्ट तैयार कर एमएचए को भेज दी गई है। प्रशासन को होम मिनिस्ट्री ने पहले ही अवगत करा दिया है कि शहर में मार्केट रेट से कम किसी को भी जमीन अलॉट नहीं की जा सकती तथा जमीन नीलामी के जरिए ही दी जाएगी। जमीन अधिग्रहण पर होम मिनिस्ट्री पहले ही रोक लगा चुकी है। प्रशासन के पास शहर में लगभग 700 एकड़ जमीन है। इसमें से 300 एकड़ से अधिक जमीन विभिन्न प्रोजेक्टों के लिए थी।
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विभिन्न प्रोजेक्टों के लिए पहले ही आवंटित जमीन
प्रशासन अपने विभिन्न प्रोजेक्टों के लिए पहले ही जमीन चिन्हित कर चुका है। इस जमीन का प्रयोग प्रशासन अपने स्तर पर किसी अन्य काम के लिए भी नहीं कर सकता। प्रशासन के पास सारंगपुर में एजुकेशन सिटी के लिए सौ एकड़, फिल्म सिटी के 30 एकड़ और थीम पार्क की 70 एकड़ जमीन खाली पड़ी है। इसके अतिरिक्त मनीमाजरा में मेडिसिटी के लिए रखी गई 45 एकड़ जमीन व मौलीजागरां में इंडस्ट्रियल एरिया फेज दो के लिए 125 एकड़ से अधिक जमीन प्रशासन के पास है।
सबको घर देना मुश्किल
शहर में पहले ही जमीन की कमी है, जो जमीन प्रशासन के पास बची है। वह भी प्रशासन विभिन्न प्रोजेक्टों को लेकर चिन्हित कर चुका है। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करीब सवा लाख लोगों को घर देना प्रशासन के लिए मुश्किल का काम है। प्रशासन जमीन के लिए विकल्प तलाश रहा है।
-पहले फेज में बनेेंगे 10 हजार फ्लैट
-एक लाख 22 हजार आवेदनों में से 55 हजार पहले फेज के लिए शॉर्टलिस्ट
-प्रधानमंत्री आवास योजना पर सीएचबी अधिकारियों ने की रिव्यू मीटिंग
-एलआईजी के तहत 3500 और एमआईजी के तहत 1 हजार फ्लैट का होगा निर्माण
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पहले फेज में चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड करीब 10 हजार फ्लैट का निर्माण करेगा। इनमें ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत 5500, एलआईजी के तहत 3500 और एमआईजी कोटे के तहत 1 हजार फ्लैट बनाए जाएंगे। वीरवार को योजना के संबंध में रिव्यू मीटिंग की गई। इसमें तय किया गया कि पहले फेज में किस कैटेगरी के तहत कितने फ्लैट बनाए जाएंगे।
सीएचबी चेयरमैन मनिंदर सिंह बैंस का कहना है कि योजना के तहत ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी-1 और 2 कैटेगरी के फ्लैट्स के लिए आए कुल 1 लाख 22 हजार 899 आवेदनों में से 51 हजार लोगों को पहले फेज के लिए शार्ट लिस्ट किया गया है।
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शहर में कहां कितनी जमीन खाली, एमएचए को भेजी है रिपोर्ट
अधिकारियों के अनुसार योजना के तहत 36 हजार 382 आवेदन मैनुअली, 40 हजार 524 ऑनलाइन और 45 हजार 993 ई संपर्क केंद्र के माध्यम से मिले हैं। प्रशासन की ओर से वर्ष 2021 तक चंडीगढ़ के इन लोगों को अपना घर मुहैया कराने की योजना है। इसके लिए प्रशासन ने शहर में जमीन तलाशनी शुरू कर दी है। शहर के कौन से हिस्से में कितनी जमीन खाली है। इस पर प्रशासन की ओर से रिपोर्ट तैयार कर एमएचए को भेज दी गई है। प्रशासन को होम मिनिस्ट्री ने पहले ही अवगत करा दिया है कि शहर में मार्केट रेट से कम किसी को भी जमीन अलॉट नहीं की जा सकती तथा जमीन नीलामी के जरिए ही दी जाएगी। जमीन अधिग्रहण पर होम मिनिस्ट्री पहले ही रोक लगा चुकी है। प्रशासन के पास शहर में लगभग 700 एकड़ जमीन है। इसमें से 300 एकड़ से अधिक जमीन विभिन्न प्रोजेक्टों के लिए थी।
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विभिन्न प्रोजेक्टों के लिए पहले ही आवंटित जमीन
प्रशासन अपने विभिन्न प्रोजेक्टों के लिए पहले ही जमीन चिन्हित कर चुका है। इस जमीन का प्रयोग प्रशासन अपने स्तर पर किसी अन्य काम के लिए भी नहीं कर सकता। प्रशासन के पास सारंगपुर में एजुकेशन सिटी के लिए सौ एकड़, फिल्म सिटी के 30 एकड़ और थीम पार्क की 70 एकड़ जमीन खाली पड़ी है। इसके अतिरिक्त मनीमाजरा में मेडिसिटी के लिए रखी गई 45 एकड़ जमीन व मौलीजागरां में इंडस्ट्रियल एरिया फेज दो के लिए 125 एकड़ से अधिक जमीन प्रशासन के पास है।
सबको घर देना मुश्किल
शहर में पहले ही जमीन की कमी है, जो जमीन प्रशासन के पास बची है। वह भी प्रशासन विभिन्न प्रोजेक्टों को लेकर चिन्हित कर चुका है। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करीब सवा लाख लोगों को घर देना प्रशासन के लिए मुश्किल का काम है। प्रशासन जमीन के लिए विकल्प तलाश रहा है।
-पहले फेज में बनेेंगे 10 हजार फ्लैट
-एक लाख 22 हजार आवेदनों में से 55 हजार पहले फेज के लिए शॉर्टलिस्ट
-प्रधानमंत्री आवास योजना पर सीएचबी अधिकारियों ने की रिव्यू मीटिंग
-एलआईजी के तहत 3500 और एमआईजी के तहत 1 हजार फ्लैट का होगा निर्माण