{"_id":"5a6797bb4f1c1b9f268b6119","slug":"41516738491-panchkula-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन इंसपेक्टरों को डीएसपी किया जाएगा प्रोमोट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन इंसपेक्टरों को डीएसपी किया जाएगा प्रोमोट
Updated Wed, 24 Jan 2018 01:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीएसपी के पद पर पदोन्नत होंगे तीन इंस्पेक्टर
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
चंडीगढ़ पुलिस के तीन इंस्पेक्टरों को डीएसपी के पद पर पदोन्नत किए जाने को लेकर मंगलवार को गृह सचिव अनुराग अग्रवाल की अध्यक्षता में डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (डीपीसी) की मीटिंग हुई। मीटिंग में डीजीपी तेजिंदर सिंह लूथरा भी थे।
सूत्रों के मुताबिक मीटिंग में वरिष्ठता के आधार पर इंस्पेक्टर दलीप रतन और इंस्पेक्टर हरजीत कौर के नाम फाइनल किए गए हैं। विभागीय जांच के चलते इंस्पेक्टर चरणजीत सिंह का नाम पेंडिंग रखा गया है। कई साल से पदोन्नति के इंतजार में बैठे इंस्पेक्टरों ने पुलिस और प्रशासन के अफसरों से गुहार लगाई थी कि उन्हें डीएसपी बनाया जाए। किसी ने नहीं सुनी तो तत्कालीन इंस्पेक्टर अमराओ सिंह, दिलशेर सिंह, चरणजीत सिंह और हरजीत कौर ने कैट में याचिका दायर की। कैट ने प्रशासन को इंस्पेक्टर से डीएसपी पदोन्नत करने के आदेश दिए, लेकिन कैट का आदेश भी अफसरों को सही नहीं लगा और प्रशासन पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में पहुंच गया।
हाईकोर्ट ने यूटी पुलिस की याचिका खारिज कर दी थी क्योंकि प्रशासन ने हाईकोर्ट में पक्ष रखते हुए यह कहा था कि पॉलिसी बनाई जा रही है। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो इन तीनों इंस्पेक्टरों के नाम डीएसपी बनाए जाने के लिए अब पंजाब के गवर्नर एवं चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को भेजे जाएंगे। प्रशासन की मंजूरी के बाद ही अंतिम फैसला होगा। विभागीय जांच के चलते अगर इंस्पेक्टर चरणजीत सिंह के नाम पर सहमति नहीं बनती है, तो उनकी जगह इंस्पेक्टर गुरमुख सिंह और इंस्पेक्टर दिलशेर सिंह में से किसी एक का नाम फाइनल होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
चंडीगढ़ पुलिस के तीन इंस्पेक्टरों को डीएसपी के पद पर पदोन्नत किए जाने को लेकर मंगलवार को गृह सचिव अनुराग अग्रवाल की अध्यक्षता में डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (डीपीसी) की मीटिंग हुई। मीटिंग में डीजीपी तेजिंदर सिंह लूथरा भी थे।
सूत्रों के मुताबिक मीटिंग में वरिष्ठता के आधार पर इंस्पेक्टर दलीप रतन और इंस्पेक्टर हरजीत कौर के नाम फाइनल किए गए हैं। विभागीय जांच के चलते इंस्पेक्टर चरणजीत सिंह का नाम पेंडिंग रखा गया है। कई साल से पदोन्नति के इंतजार में बैठे इंस्पेक्टरों ने पुलिस और प्रशासन के अफसरों से गुहार लगाई थी कि उन्हें डीएसपी बनाया जाए। किसी ने नहीं सुनी तो तत्कालीन इंस्पेक्टर अमराओ सिंह, दिलशेर सिंह, चरणजीत सिंह और हरजीत कौर ने कैट में याचिका दायर की। कैट ने प्रशासन को इंस्पेक्टर से डीएसपी पदोन्नत करने के आदेश दिए, लेकिन कैट का आदेश भी अफसरों को सही नहीं लगा और प्रशासन पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में पहुंच गया।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने यूटी पुलिस की याचिका खारिज कर दी थी क्योंकि प्रशासन ने हाईकोर्ट में पक्ष रखते हुए यह कहा था कि पॉलिसी बनाई जा रही है। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो इन तीनों इंस्पेक्टरों के नाम डीएसपी बनाए जाने के लिए अब पंजाब के गवर्नर एवं चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को भेजे जाएंगे। प्रशासन की मंजूरी के बाद ही अंतिम फैसला होगा। विभागीय जांच के चलते अगर इंस्पेक्टर चरणजीत सिंह के नाम पर सहमति नहीं बनती है, तो उनकी जगह इंस्पेक्टर गुरमुख सिंह और इंस्पेक्टर दिलशेर सिंह में से किसी एक का नाम फाइनल होगा।
विज्ञापन