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16600 रोडवेज कर्मचारियों के बोनस के 41 करोड़ अटके, पांच साल से सालाना देय 5000 रुपये की नहीं हुई अदायगी
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चंडीगढ़। हरियाणा रोडवेज के 16600 कर्मचारियों के बोनस के 41 करोड़ रुपये अटक गए हैं। सरकार ने पांच साल से कर्मियों को बोनस दिया ही नहीं। हर साल पांच हजार रुपये बोनस कर्मचारियों को मिलता था, लेकिन 2016 से बंद हो गया।
कर्मचारी तो बरसों से एक महीने के वेतन समान बोनस मांगते आ रहे हैं। लेकिन, सरकार ने पूर्व से चली आ रही व्यवस्था ही बंद कर दी। जिससे कर्मचारियों में नाराजगी है। ग्रुप-ए व बी अधिकारियों को छोड़कर तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के सभी कर्मचारियों को पांच साल पहले तक बोनस मिल रहा था।
चालक-परिचालक के अलावा सुपरवाइजर, कर्मशाला कर्मचारी, चपरासी, लिपिक, सहायक व प्रबंधन कर्मी इत्यादि इसके लिए पात्र हैं। परिवहन मंत्री और विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ हुई बैठकों में यह मुद्दा अनेक बार उठ चुका है, बावजूद इसके बोनस बहाल नहीं किया गया।
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अब हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन ने दिवाली से पहले सरकार से पांच साल के बोनस की अदायगी करने की मांग की है। यूनियन के राज्य प्रधान इंद्र सिंह बधाना व प्रदेश महासचिव सरबत सिंह पूनिया ने कहा कि रोडवेज कर्मचारियों की सुविधाएं बढ़ाने के बजाय पहले से मिल रहे लाभों को छीना जा रहा है।
5 वर्ष से बोनस रोक दिया, दिवाली पर इससे कर्मचारी परिवार के लिए खरीदारी करते आ रहे थे। रेल व अन्य केंद्रीय कर्मचारियों को बोनस मिल सकता है, तो गर्मी-सर्दी, आंधी-तूफान व धुंध में 12 से 16 घंटे ड्यूटी करने वाले रोडवेज कर्मचारियों के बोनस पर रोक क्यों लगाई गई है।
पूनिया ने कहा कि जल्द ही राज्य कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर लंबित मुद्दों को लेकर आंदोलन की घोषणा की जाएगी। परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा का कहना है कि यह मामला वित्त विभाग में विचाराधीन है। कर्मचारियों की मांग से मुख्यमंत्री को अगवत कराते आ रहे हैं।
कर्मचारियों के ये लाभ भी रोके गए
चालक-परिचालक का ओवरटाइम बंद
कर्मशाला कर्मचारियों के सार्वजनिक अवकाशों में कटौती
चार वर्ष से वर्दी व जूतों के पैसे का भुगतान नहीं
मंहगाई भत्ते का एरियर रोका
दो वर्ष से कर्मशाला कर्मचारियों की साबुन बंद
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कर्मचारी तो बरसों से एक महीने के वेतन समान बोनस मांगते आ रहे हैं। लेकिन, सरकार ने पूर्व से चली आ रही व्यवस्था ही बंद कर दी। जिससे कर्मचारियों में नाराजगी है। ग्रुप-ए व बी अधिकारियों को छोड़कर तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के सभी कर्मचारियों को पांच साल पहले तक बोनस मिल रहा था।
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चालक-परिचालक के अलावा सुपरवाइजर, कर्मशाला कर्मचारी, चपरासी, लिपिक, सहायक व प्रबंधन कर्मी इत्यादि इसके लिए पात्र हैं। परिवहन मंत्री और विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ हुई बैठकों में यह मुद्दा अनेक बार उठ चुका है, बावजूद इसके बोनस बहाल नहीं किया गया।
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अब हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन ने दिवाली से पहले सरकार से पांच साल के बोनस की अदायगी करने की मांग की है। यूनियन के राज्य प्रधान इंद्र सिंह बधाना व प्रदेश महासचिव सरबत सिंह पूनिया ने कहा कि रोडवेज कर्मचारियों की सुविधाएं बढ़ाने के बजाय पहले से मिल रहे लाभों को छीना जा रहा है।
5 वर्ष से बोनस रोक दिया, दिवाली पर इससे कर्मचारी परिवार के लिए खरीदारी करते आ रहे थे। रेल व अन्य केंद्रीय कर्मचारियों को बोनस मिल सकता है, तो गर्मी-सर्दी, आंधी-तूफान व धुंध में 12 से 16 घंटे ड्यूटी करने वाले रोडवेज कर्मचारियों के बोनस पर रोक क्यों लगाई गई है।
पूनिया ने कहा कि जल्द ही राज्य कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर लंबित मुद्दों को लेकर आंदोलन की घोषणा की जाएगी। परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा का कहना है कि यह मामला वित्त विभाग में विचाराधीन है। कर्मचारियों की मांग से मुख्यमंत्री को अगवत कराते आ रहे हैं।
कर्मचारियों के ये लाभ भी रोके गए
चालक-परिचालक का ओवरटाइम बंद
कर्मशाला कर्मचारियों के सार्वजनिक अवकाशों में कटौती
चार वर्ष से वर्दी व जूतों के पैसे का भुगतान नहीं
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दो वर्ष से कर्मशाला कर्मचारियों की साबुन बंद