{"_id":"5da631548ebc3e017f1e77bc","slug":"40-people-challaned-for-not-giving-wet-and-dry-garbage-separately-panchkula-news-pkl3539569193","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ः गीला और सूखा कचरा अलग-अलग न देने वालों पर कार्रवाई शुरू, 40 का चालान कटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ः गीला और सूखा कचरा अलग-अलग न देने वालों पर कार्रवाई शुरू, 40 का चालान कटा
Wed, 16 Oct 2019 09:52 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 16 Oct 2019 09:52 AM IST
विज्ञापन
चालान काटते हुए नगर निगम के कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गीला और सूखा कचरा अलग-अलग नहीं देने पर नगर निगम चंडीगढ़ के कर्मचारियों ने 40 लोगों के चालान किए। साथ ही लोगों को चेतावनी दी कि अगली बार गीला व सूखा कचरा अलग-अलग नहीं दिया तो घर से कचरा उठाना भी बंद कर दिया जाएगा। बता दें कि शहर में नया नियम लागू होने के बाद यह पहली बार है जब नगर निगम ने कचरा अलग-अलग नहीं देने पर लोगों के चालान किए हैं। मंगलवार को सबसे ज्यादा चालान सेक्टर 20, 22, 23 और मनीमाजरा में किए गए। वहीं, मिक्स कचरा लेने पर एक डोर टु डोर कचरा कलेक्टर का भी चालान किया गया है।
नगर निगम कमिश्नर केके यादव के निर्देश पर मंगलवार से अलग-अलग कचरा नहीं देने वालों के खिलाफ नगर निगम ने चालान करने का अभियान शुरू कर दिया। लोग जैसे ही मिक्स कचरा लेकर आए निगम के कर्मचारियों ने मकान नंबर नोट कर लिया। कर्मचारियों का कहना है कि यदि मौके पर चालान की फीस नहीं दी तो पानी के बिल के साथ जोड़कर भेज दी जाएगी। ज्यादातर चालान रेजिडेंशियल एरिया में ही किए गए हैं। रेजिडेंशियल एरिया में 200 रुपये के चालान किए गए जबकि मिक्स कचरा लेने वाले कर्मचारी का 500 रुपये का चालान किया गया।
इसके बाद अब व्यावसायिक क्षेत्रों में भी चालान शुरू किए जाएंगे। वहीं, कमिश्नर ने लोगों से फिर अपील की है कि अलग-अलग करके ही कचरा दें। इससे कि चंडीगढ़ को स्वच्छता अभियान में अच्छी रैंकिंग मिले। कमिश्नर का कहना है कि सूख-गीला कचरा अलग अलग न देने से एनजीटी की ओर से भी जुर्माना लगाया जा सकता है इसलिए शहर के लोगों को इसमें सहयोग करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर निगम कमिश्नर केके यादव के निर्देश पर मंगलवार से अलग-अलग कचरा नहीं देने वालों के खिलाफ नगर निगम ने चालान करने का अभियान शुरू कर दिया। लोग जैसे ही मिक्स कचरा लेकर आए निगम के कर्मचारियों ने मकान नंबर नोट कर लिया। कर्मचारियों का कहना है कि यदि मौके पर चालान की फीस नहीं दी तो पानी के बिल के साथ जोड़कर भेज दी जाएगी। ज्यादातर चालान रेजिडेंशियल एरिया में ही किए गए हैं। रेजिडेंशियल एरिया में 200 रुपये के चालान किए गए जबकि मिक्स कचरा लेने वाले कर्मचारी का 500 रुपये का चालान किया गया।
विज्ञापन
इसके बाद अब व्यावसायिक क्षेत्रों में भी चालान शुरू किए जाएंगे। वहीं, कमिश्नर ने लोगों से फिर अपील की है कि अलग-अलग करके ही कचरा दें। इससे कि चंडीगढ़ को स्वच्छता अभियान में अच्छी रैंकिंग मिले। कमिश्नर का कहना है कि सूख-गीला कचरा अलग अलग न देने से एनजीटी की ओर से भी जुर्माना लगाया जा सकता है इसलिए शहर के लोगों को इसमें सहयोग करना होगा।
विज्ञापन
जेपी प्लांट अपने यहां मिक्स कर रहा कचरा
कमिश्नर केके यादव का कहना है हम लोग तो सेग्रीगेट कचरा दे रहे हैं लेकिन जेपी प्लांट अपने कचरे का निस्तारण ही नहीं कर पा रहा है। इससे यहां से जाने वाला अलग-अलग कचरा भी वहां पहुंचकर मिक्स हो जा रहा है। प्लांट पूरी तरह से कचरे से भरा है। कचरा डालने तक को जगह नहीं है इसलिए कुछ कचरा डंपिंग ग्राउंड पर ही डलवाना पड़ रहा है।
लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। यदि लोग नहीं मानेंगे तो फिर चालान करेंगे क्योंकि शहर को स्वच्छ रखने की नगर निगम के साथ शहर के लोगों की भी जिम्मेदारी है। उनके सहयोग के बिना यह कार्य असंभव है।
- केके यादव, कमिश्नर नगर निगम
चालान काटना इस समस्या का कोई समाधान नहीं है। नगर निगम पहले अपनी व्यवस्था सुधारे। क्योंकि लोग तभी मानेंगे जब उन्हें पूरी तरह से जानकारी होगी। फिलहाल रेहड़ी पर अलग अलग कचरा लेना संभव नहीं है।
- बलजिंदर सिंह बिट्टू, चेयरमैन, फॉसवैक
लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। यदि लोग नहीं मानेंगे तो फिर चालान करेंगे क्योंकि शहर को स्वच्छ रखने की नगर निगम के साथ शहर के लोगों की भी जिम्मेदारी है। उनके सहयोग के बिना यह कार्य असंभव है।
- केके यादव, कमिश्नर नगर निगम
चालान काटना इस समस्या का कोई समाधान नहीं है। नगर निगम पहले अपनी व्यवस्था सुधारे। क्योंकि लोग तभी मानेंगे जब उन्हें पूरी तरह से जानकारी होगी। फिलहाल रेहड़ी पर अलग अलग कचरा लेना संभव नहीं है।
- बलजिंदर सिंह बिट्टू, चेयरमैन, फॉसवैक