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सरकारी संपतियोंिकि नीलामी से मालामाल हो जाएगा प्रशासन
Updated Mon, 16 Jul 2018 01:29 AM IST
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सरकारी संपत्तियों को नीलामी कर कमाई करेगा प्रशासन
-यूटी प्रशासन ने इस्टेट कार्यालय के प्रस्ताव को दी हरी झंडी
- डीसी बोले-मार्केट वैल्यू अधिक होने से की जा रही भूखंडों की नीलामी की प्रक्रिया
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सरकारी खजाना भरने के लिए प्रशासन अपनी शहर की कई संपत्तियों को नीलाम करने जा रहा है। इन संपत्तियों में करीब 50 भूखंड और 20 व्यावसायिक भवन शामिल हैं। अगले महीने इन भवनों की नीलामी की जा सकती है। यूटी प्रशासन ने हाल ही में इस संबंध में इस्टेट कार्यालय के प्रस्ताव को दुरुस्त करने के बाद नीलामी आयोजित करने की प्रक्रिया शुरू की है।
शहर में दर्जनों की संख्या में सरकारी भवन लंबे समय से खाली पड़े हैं। इससे जहां प्रशासन को प्रतिमाह लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, कई साल से सरकारी भवन बंद पड़े हुए हैं। बताया जा रहा है कि कई साल बाद संपत्तियों की मार्केट वैल्यू अधिक मिलने पर भवनों की नीलामी का फैसला लिया गया है। मार्केट वैल्यू नहीं मिलने से लंबे समय से नीलामी नहीं हो पा रही थी। प्रशासन के उच्चाधिकारी की मानें तो इस बार अच्छा मुनाफा मिलने के चलते भूखंडों की नीलामी की जा रही है।
अधिक राजस्व मिलने की है संभावना
प्रशासन की ओर से लगभग 70 व्यावसायिक और आवासीय संपत्तियां शहर में नीलाम की जाएंगी। इस्टेट कार्यालय ने शहर के इन भूखंडों को चिह्नित कर लिया है। जिसकी नीलामी की प्रक्रिया चल रही है। सूत्रों की मानें तो अगले महीने इन भवनों की नीलामी की तिथि तय हो जाएगी। नीलामी होने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन को अधिक राजस्व प्राप्त होने की संभावना है। वहीं, वीरान पड़े भूखंड भी गुलजार हो जाएंगे।
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लंबे अरसे बाद हो रही नीलामी
इस्टेट कार्यालय की ओर से अंतिम नीलामी 2009 में हुई थी। करीब नौ साल बाद एक बार फिर अगले महीने इस्टेट द्वारा संपत्तियों की नीलामी कराने जा रहा है। इस्टेट ने हाल ही में यूटी प्रशासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा था, जिसमें प्रशासन ने सुधार करने के बाद नीलामी आयोजित करने की प्रक्रिया शुरू की है।
इन संपत्तियों की होगी नीलामी
शहर के दक्षिणी क्षेत्रों में स्थिति सत्तर संपत्तियों की नीलामी की जाएगी। जिसमें आवासीय और व्यावसायिक भूखंड शामिल हैं। इसके अलावा शहर के सेक्टर 48 और 49 में व्यावसायिक संपत्तियों की भी नीलामी की जाएगी। क्योंकि इन संपत्तियों को बेचने की कवायद लंबे समय से चल रही है। नीलाम होने वाले अधिकांश आवासीय भूखंडों के आकार 5 से 14 मरला तक हैं। वित्त विभाग, यूटी ने पहले से ही संपत्ति कार्यालय को अपने निर्धारित दरों के आधार पर संपत्तियों की आरक्षित कीमत तय करने की अनुमति दे दी है।
कोट--
बीते वर्षों में अच्छा मार्केट वैल्यू नहीं मिल पा रहा था। इसके चलते नीलामी प्रक्रिया नहीं हुई। इस साल मार्केट वैल्यू अधिक मिलने के चलते सरकारी संपत्तियों की नीलामी की जा रही है।
-अजित बाला जोशी, डीसी एवं कमिश्नर इस्टेट चंडीगढ़
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-यूटी प्रशासन ने इस्टेट कार्यालय के प्रस्ताव को दी हरी झंडी
- डीसी बोले-मार्केट वैल्यू अधिक होने से की जा रही भूखंडों की नीलामी की प्रक्रिया
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सरकारी खजाना भरने के लिए प्रशासन अपनी शहर की कई संपत्तियों को नीलाम करने जा रहा है। इन संपत्तियों में करीब 50 भूखंड और 20 व्यावसायिक भवन शामिल हैं। अगले महीने इन भवनों की नीलामी की जा सकती है। यूटी प्रशासन ने हाल ही में इस संबंध में इस्टेट कार्यालय के प्रस्ताव को दुरुस्त करने के बाद नीलामी आयोजित करने की प्रक्रिया शुरू की है।
शहर में दर्जनों की संख्या में सरकारी भवन लंबे समय से खाली पड़े हैं। इससे जहां प्रशासन को प्रतिमाह लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, कई साल से सरकारी भवन बंद पड़े हुए हैं। बताया जा रहा है कि कई साल बाद संपत्तियों की मार्केट वैल्यू अधिक मिलने पर भवनों की नीलामी का फैसला लिया गया है। मार्केट वैल्यू नहीं मिलने से लंबे समय से नीलामी नहीं हो पा रही थी। प्रशासन के उच्चाधिकारी की मानें तो इस बार अच्छा मुनाफा मिलने के चलते भूखंडों की नीलामी की जा रही है।
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अधिक राजस्व मिलने की है संभावना
प्रशासन की ओर से लगभग 70 व्यावसायिक और आवासीय संपत्तियां शहर में नीलाम की जाएंगी। इस्टेट कार्यालय ने शहर के इन भूखंडों को चिह्नित कर लिया है। जिसकी नीलामी की प्रक्रिया चल रही है। सूत्रों की मानें तो अगले महीने इन भवनों की नीलामी की तिथि तय हो जाएगी। नीलामी होने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन को अधिक राजस्व प्राप्त होने की संभावना है। वहीं, वीरान पड़े भूखंड भी गुलजार हो जाएंगे।
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लंबे अरसे बाद हो रही नीलामी
इस्टेट कार्यालय की ओर से अंतिम नीलामी 2009 में हुई थी। करीब नौ साल बाद एक बार फिर अगले महीने इस्टेट द्वारा संपत्तियों की नीलामी कराने जा रहा है। इस्टेट ने हाल ही में यूटी प्रशासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा था, जिसमें प्रशासन ने सुधार करने के बाद नीलामी आयोजित करने की प्रक्रिया शुरू की है।
इन संपत्तियों की होगी नीलामी
शहर के दक्षिणी क्षेत्रों में स्थिति सत्तर संपत्तियों की नीलामी की जाएगी। जिसमें आवासीय और व्यावसायिक भूखंड शामिल हैं। इसके अलावा शहर के सेक्टर 48 और 49 में व्यावसायिक संपत्तियों की भी नीलामी की जाएगी। क्योंकि इन संपत्तियों को बेचने की कवायद लंबे समय से चल रही है। नीलाम होने वाले अधिकांश आवासीय भूखंडों के आकार 5 से 14 मरला तक हैं। वित्त विभाग, यूटी ने पहले से ही संपत्ति कार्यालय को अपने निर्धारित दरों के आधार पर संपत्तियों की आरक्षित कीमत तय करने की अनुमति दे दी है।
कोट--
बीते वर्षों में अच्छा मार्केट वैल्यू नहीं मिल पा रहा था। इसके चलते नीलामी प्रक्रिया नहीं हुई। इस साल मार्केट वैल्यू अधिक मिलने के चलते सरकारी संपत्तियों की नीलामी की जा रही है।
-अजित बाला जोशी, डीसी एवं कमिश्नर इस्टेट चंडीगढ़