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पार्किंग ठेका रद्द करने के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक-Cordination
Updated Thu, 12 Jul 2018 01:48 AM IST
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पार्किंग ठेका रद्द करने के आदेश पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
सबहेड
शाम तक पहली किश्त के रूप में 1.35 करोड़ निगम को देने के आदेश, कंपनी का दावा ऑनलाइन किए जमा
बकाया लाइसेंस फीस 15 दिन के भीतर जमा करानी होगी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। चंडीगढ़ नगर निगम द्वारा शहर की सभी पार्किंग चलाने का ठेका रद्द करने के आदेश पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। हालांकि यह रोक इस शर्त पर लगाई गई है कि पार्किंग का ठेका लेने वाली कंपनी तीन किश्तों में बकाया राशि का भुगतान करेगी। इसके लिए तीन पोस्ट डेटेड चेक सौंपने होंगे और यदि यह कैश नहीं हुए तो ठेका रद्द करने के आदेश पर लगी रोक खुद हट जाएगी। कंपनी द्वारा दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने नगर निगम व प्रशासन को नोटिस जारी करते हुए 7 अगस्त तक जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
जस्टिस एजी मसीह के समक्ष कंपनी की ओर से दाखिल की गई याचिका सुनवाई के लिए पहुंची थी। नगर निगम ने कंपनी द्वारा लाइसेंस फीस की पांचवीं किश्त न जमा करवाने के चलते ठेका रद्द करने का निर्णय लिया था। कंपनी की ओर से याचिका दाखिल करते हुए कहा गया कि वह पूरी बकाया राशि जमा करवाने के लिए तैयार है। बकाया लाइसेंस फीस 15 दिनों के भीतर जमा करवाने के आश्वासन के बाद ही कोर्ट ने ठेका रद्द करने के आदेश पर रोक लगाई। हाईकोर्ट ने पार्किंग ठेकेदार कंपनी आर्य इंफ्रा को आदेश दिए हैं कि बकाया 4 करोड़ की राशि का एक तिहाई यानि कि 1 करोड़ 35 लाख वह बुधवार शाम तक ही जमा करवाएगी। शेष राशि 15 दिन के भीतर तीन किश्तों में जमा करवानी होगी। बुधवार शाम तक 1 करोड़ 35 लाख का चेक निगम के खाते में जमा करवाने के बाद 16 जुलाई, 21 जुलाई और फिर 26 जुलाई को बकाया राशि तीन किश्तों में जमा करवाने होंगे। इसके लिए बकाया राशि के तीन पोस्ट डेटेड चेक भी कंपनी को बुधवार को ही निगम को सौंपने होंगे। अगर कंपनी हाईकोर्ट के इस आदेश के तहत अपनी बकाया राशि जमा करवाए जाने में नाकाम रहती है तो निगम द्वारा 9 जुलाई को कंपनी का ठेका रद्द किए जाने के आदेश दोबारा बहाल माने जाएंगे। हालांकि कंपनी ने बुधवार शाम को उक्त रकम को ऑनलाइन नगर निगम के खाते में जमा कराने का दावा किया।
जस्टिस मसीह ने निगम को आदेश दिए हैं कि बुधवार को कंपनी द्वारा 1 करोड़ 35 लाख रुपये का चेक जमा करवाने के चौबीस घंटे के भीतर निगम कंपनी को पार्किंग्स का कब्जा दोबारा सौंप दे। केस की सुनवाई के दौरान निगम के ज्वाइंट कमिश्नर कोर्ट में मौजूद थे। हाईकोर्ट ने इस बारे में उनसे पूछा तो उन्होंने कहा कि इस पर निगम सदन की बैठक में निर्णय लिया जा सकता है। लिहाजा हाईकोर्ट ने फिलहाल निगम के ठेका रद्द किए जाने के आदेशों पर अगली सुनवाई तक रोक लगाकर सभी प्रतिवादी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।
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शाम तक पहली किश्त के रूप में 1.35 करोड़ निगम को देने के आदेश, कंपनी का दावा ऑनलाइन किए जमा
बकाया लाइसेंस फीस 15 दिन के भीतर जमा करानी होगी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। चंडीगढ़ नगर निगम द्वारा शहर की सभी पार्किंग चलाने का ठेका रद्द करने के आदेश पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। हालांकि यह रोक इस शर्त पर लगाई गई है कि पार्किंग का ठेका लेने वाली कंपनी तीन किश्तों में बकाया राशि का भुगतान करेगी। इसके लिए तीन पोस्ट डेटेड चेक सौंपने होंगे और यदि यह कैश नहीं हुए तो ठेका रद्द करने के आदेश पर लगी रोक खुद हट जाएगी। कंपनी द्वारा दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने नगर निगम व प्रशासन को नोटिस जारी करते हुए 7 अगस्त तक जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
जस्टिस एजी मसीह के समक्ष कंपनी की ओर से दाखिल की गई याचिका सुनवाई के लिए पहुंची थी। नगर निगम ने कंपनी द्वारा लाइसेंस फीस की पांचवीं किश्त न जमा करवाने के चलते ठेका रद्द करने का निर्णय लिया था। कंपनी की ओर से याचिका दाखिल करते हुए कहा गया कि वह पूरी बकाया राशि जमा करवाने के लिए तैयार है। बकाया लाइसेंस फीस 15 दिनों के भीतर जमा करवाने के आश्वासन के बाद ही कोर्ट ने ठेका रद्द करने के आदेश पर रोक लगाई। हाईकोर्ट ने पार्किंग ठेकेदार कंपनी आर्य इंफ्रा को आदेश दिए हैं कि बकाया 4 करोड़ की राशि का एक तिहाई यानि कि 1 करोड़ 35 लाख वह बुधवार शाम तक ही जमा करवाएगी। शेष राशि 15 दिन के भीतर तीन किश्तों में जमा करवानी होगी। बुधवार शाम तक 1 करोड़ 35 लाख का चेक निगम के खाते में जमा करवाने के बाद 16 जुलाई, 21 जुलाई और फिर 26 जुलाई को बकाया राशि तीन किश्तों में जमा करवाने होंगे। इसके लिए बकाया राशि के तीन पोस्ट डेटेड चेक भी कंपनी को बुधवार को ही निगम को सौंपने होंगे। अगर कंपनी हाईकोर्ट के इस आदेश के तहत अपनी बकाया राशि जमा करवाए जाने में नाकाम रहती है तो निगम द्वारा 9 जुलाई को कंपनी का ठेका रद्द किए जाने के आदेश दोबारा बहाल माने जाएंगे। हालांकि कंपनी ने बुधवार शाम को उक्त रकम को ऑनलाइन नगर निगम के खाते में जमा कराने का दावा किया।
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जस्टिस मसीह ने निगम को आदेश दिए हैं कि बुधवार को कंपनी द्वारा 1 करोड़ 35 लाख रुपये का चेक जमा करवाने के चौबीस घंटे के भीतर निगम कंपनी को पार्किंग्स का कब्जा दोबारा सौंप दे। केस की सुनवाई के दौरान निगम के ज्वाइंट कमिश्नर कोर्ट में मौजूद थे। हाईकोर्ट ने इस बारे में उनसे पूछा तो उन्होंने कहा कि इस पर निगम सदन की बैठक में निर्णय लिया जा सकता है। लिहाजा हाईकोर्ट ने फिलहाल निगम के ठेका रद्द किए जाने के आदेशों पर अगली सुनवाई तक रोक लगाकर सभी प्रतिवादी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।
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