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वीसी के खिलाफ प्रताड़ना के आरोप, जांच के लिए नया पैनल

Thu, 11 Jan 2018 02:01 AM IST
Updated Thu, 11 Jan 2018 02:01 AM IST
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वीसी के खिलाफ प्रताड़ना के आरोप, जांच के लिए नया पैनल
वीसी के खिलाफ प्रताड़ना के आरोप, जांच के लिए नया पैनल
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हरियाणा की दो सीनियर आईएएस व अन्य पर बनी सहमति, मंजूरी के लिए नाम भेजे जाएंगे चांसलर को
सिंडिकेट की विशेष बैठक में हुई चर्चा
2015 में पीयू की प्रोफेसर ने लगाए थे वीसी पर दो बार शारीरिक प्रताड़ना के आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पंजाब यूनिवर्सिटी सिंडिकेट की विशेष बैठक बुधवार को हुई। इसमें वीसी प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर पर लगे प्रताड़ना के आरोप की जांच करने कराने के लिए पैनल बनाया गया क्योंकि पहले बनी जांच कमेटी की चेयरपर्सन ने कमेटी को हैड करने से इंकार कर दिया था।
अब सिंडिकेट की बैठक में हरियाणा की दो सीनियर आईएएस आफिसर नवराज संधू और ज्योति अरोड़ा के साथ पंजाब यूनिवर्सिटी कमेटी अंगेस्ट सेक्सुअल हरासमेंट की चेयरपर्सन मनिंदर कौर और एक सीनियर महिला प्रोफेसर को शामिल करने पर सुझाव दिया गया। सिंडिकेट की बैठक में जो नाम सुझाए गए, अब उन पर मंजूरी लेने के लिए चांसलर को मामला भेजा जाएगा। सिंडिकेट की बैठक में कुल 15 से 11 सदस्य ही मौजूद रहे।
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बैठक में वीसी प्रताड़ना केस पर चर्चा करने के लिए ही बुलाई गई थी। क्योंकि वीसी प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर पर आरोप की जांच करने के लिए जो कमेटी बनी थी, उसकी चेयरपर्सन रिटायर मुख्य सचिव मीनाक्षी आनंद चौधरी जांच कमेटी को हेड ना करने को लेकर पत्र लिखा था। जिसमें उन्होंने कहा था कि वे एक अर्से से किसी वर्क प्लेस पर नहीं हैं और कानून के मुताबिक कोई कार्यरत सीनियर ही वर्कप्लेस पर हुए हरासमेंट केस की जांच कर सकता है। इस पत्र के बाद सिंडिकेट की विशेष बैठक बुलाई गई थी। जिसमें नई कमेटी पर मंथन होना था।
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गौरतलब है कि पीयू की एक प्रोफेसर ने वीसी प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर पर शारीरिक प्रताड़ना के 2015 में आरोप लगाए थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसे दो बार प्रताड़ित किया गया। पहले इस मामले की जांच पीयू कैश में चली तो शिकायतकर्ता ने इसे न मानते हुए तर्क दिया कि पीयू कैश में सभी सदस्य पीयू से ही हैं और वीसी के दबाव में न्याय नहीं मिलेगा। तब से मामला चलता आ रहा है और मामला चांसलर कार्यालय व एमएचआरडी तक पहुंच गया।

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