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Panchkula News: सालाना में होते थे 30 लाख खर्च, पीएमडीए ने आठ माह में चवन्नी भी नहीं लगाई
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पार्क की टूटी हालत। संवाद
पंचकूला। शहर के सभी प्रमुख पार्कों की हालत खराब है। एचएसवीपी ने आठ माह पहले पार्कों की देखरेख का जिम्मा पंचकूला मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी को सौंप दिया था। सालाना 30 लाख रुपये सफाई और देखरेख में खर्च होने वाले पार्कों पर पीएमडीए ने आठ माह में चवन्नी तक खर्च नहीं की है। देखरेख की अभाव में पार्कों की व्यवस्था जर्जर हो चुकी है। पार्कों के वाटर कूलर में टोंटी ही नहीं है। टाइलें जगह-जगह से उखड़ी हुई हैं। बेंच भी टूटने से लोगों को बैठने में दिक्कत होती है। पंचकूला मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी ने अभी तक इनकी सफाई के लिए नई एजेंसी हायर नहीं की है। इस कारण एचएसवीपी की ओर से पार्कों की देखरेख नहीं की जा रही है। यह हालात पूरे पार्कों में बने हैं। इस कारण शहर के लोगों को परेशानी है। वहीं पार्कों में शराब की बोतल भी पड़ी हुई है। पार्कों में आने वाले लोग परेशान हैं।
इन पार्कों का किया गया दौरा
अमर उजाला की टीम ने कई पार्कों की पड़ताल की। इसमें वाटिका पार्क, निर्झर वाटिका, टाउन पार्क, यवनिका पार्क शामिल रहे। इन सभी पार्कों के फाउंटेन खराब मिले। वाटिका पार्क में पीने के पानी का वाटर कूलर और टोंटी खराब मिली। पार्कों में खिलौने टूटे मिले। निर्झर वाटिका का ट्रैक और फाउंटेन की टाइलें टूटी मिलीं। इन्हें अभी तक ठीक नहीं किया जा सका है। इसके अलावा टाउन पार्क में बैंच टूटे मिले। निर्झर वाटिका की सीटें भी टूटी मिलीं। यहां पर फाउंटेन चलता नहीं मिला। यवनिका पार्क के शौचालय में गंदगी का आलम था। पार्कों में शराब की बोतलें पड़ी मिलीं। फव्वारे की जगह निर्झर वाटिका में गंदगी मिली।
रखरखाव नहीं होने पर की गई कार्रवाई
पंचकूला मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएमडीए) की ओर से अभी तक इन पार्कों का रखरखाव के लिए एजेंसी का टेंडर नहीं निकाला गया है। इसे लेकर पीएमडीए ने जेई और एसडीओ को नोटिस जारी किया है। उन्होंने टेंडर अलॉट और पार्क सही नहीं होने के कारण पूछा है। इसके बाद भी अभी तक संबंधित अधिकारियों ने टेंडर नहीं निकाला है। एचएसवीपी के एक्सईएन अशोक राणा का कहना है कि आठ माह पहले पार्कों की देखरेख का काम पीएमडीए को सौंप दिया है। अब यह जिम्मेदारी एचएसवीपी की नहीं है।
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पीएमडीए की ओर से पार्कों को जल्द मेंटेन किया जाएगा। इसके लिए तैयारी की जा रही है। इसमें संबंधित अधिकारियों से जल्द मीटिंग कर सभी पार्कों को ठीक कराएंगे। पार्कों में जो भी खराबी है। इसकी डिटेल मांगी गई है। -वरिंद्र सिंह, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, पीएमडीए
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इन पार्कों का किया गया दौरा
अमर उजाला की टीम ने कई पार्कों की पड़ताल की। इसमें वाटिका पार्क, निर्झर वाटिका, टाउन पार्क, यवनिका पार्क शामिल रहे। इन सभी पार्कों के फाउंटेन खराब मिले। वाटिका पार्क में पीने के पानी का वाटर कूलर और टोंटी खराब मिली। पार्कों में खिलौने टूटे मिले। निर्झर वाटिका का ट्रैक और फाउंटेन की टाइलें टूटी मिलीं। इन्हें अभी तक ठीक नहीं किया जा सका है। इसके अलावा टाउन पार्क में बैंच टूटे मिले। निर्झर वाटिका की सीटें भी टूटी मिलीं। यहां पर फाउंटेन चलता नहीं मिला। यवनिका पार्क के शौचालय में गंदगी का आलम था। पार्कों में शराब की बोतलें पड़ी मिलीं। फव्वारे की जगह निर्झर वाटिका में गंदगी मिली।
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रखरखाव नहीं होने पर की गई कार्रवाई
पंचकूला मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएमडीए) की ओर से अभी तक इन पार्कों का रखरखाव के लिए एजेंसी का टेंडर नहीं निकाला गया है। इसे लेकर पीएमडीए ने जेई और एसडीओ को नोटिस जारी किया है। उन्होंने टेंडर अलॉट और पार्क सही नहीं होने के कारण पूछा है। इसके बाद भी अभी तक संबंधित अधिकारियों ने टेंडर नहीं निकाला है। एचएसवीपी के एक्सईएन अशोक राणा का कहना है कि आठ माह पहले पार्कों की देखरेख का काम पीएमडीए को सौंप दिया है। अब यह जिम्मेदारी एचएसवीपी की नहीं है।
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पीएमडीए की ओर से पार्कों को जल्द मेंटेन किया जाएगा। इसके लिए तैयारी की जा रही है। इसमें संबंधित अधिकारियों से जल्द मीटिंग कर सभी पार्कों को ठीक कराएंगे। पार्कों में जो भी खराबी है। इसकी डिटेल मांगी गई है। -वरिंद्र सिंह, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, पीएमडीए