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Teachers' Day 2022: कभी आते थे 231 बच्चे, भरोसा जीता तो संख्या 1250 तक पहुंची

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा) Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Mon, 05 Sep 2022 01:51 AM IST
सार

मेजर अनुज राजपूत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सेक्टर-20 की प्रिंसिपल रेणु गुप्ता हमेशा पढ़ाई के साथ बच्चों की मदद के लिए तैयार रहती हैं। उन्हें उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

तीन साल पहले जिस स्कूल में केवल 231 बच्चे पढ़ते थे, वहीं अब 1250 बच्चे पढ़ रहे हैं। राजकीय संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बतौड़ के प्रिंसिपल जितेंदर कुमार शर्मा की कोशिश रंग लाई है। स्कूल की सुविधाओं को ठीक कर उन्होंने विद्यार्थियों और अभिभावकों पर अपना भरोसा बनाया है।



टीचर्स के साथ सामंजस्य बनाकर उन्होंने स्कूल को टॉपर भी दिए। इस कारण आज स्कूल में बच्चे एडमिशन के लिए आ रहे हैं। वहीं इस स्कूल से पढ़कर निकले बच्चे अच्छी जगह पहुंचकर अपना भविष्य संवार रहे हैं।


अंतरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर अमर उजाला से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि जब बतौड़ के स्कूल में उनकी पोस्टिंग वर्ष 2019 में हुई तो वहां पर केवल एक ही गांव के 231 बच्चे आते थे। लोग सरकारी स्कूल की पढ़ाई का भरोसा नहीं करते थे। इसके बाद उन्होंने आने वाले विद्यार्थियों की समस्याओं पर काम किया। हर विषय की अतिरिक्त कक्षाएं चलाई। इसके बाद विद्यार्थी के रिजल्ट भी बेहतरीन आए। वहीं इस स्कूल को संस्कृति स्कूल का दर्जा दिलाने के लिए उन्होंने अपने स्तर पर प्रयास किया।

संस्कृति स्कूल बनने के बाद टीचर्स के साथ मिलकर कड़ी मेहनत की। मेहनत के परिणामस्वरूप स्कूल में कॉमर्स की छात्रा तान्या ने टॉप किया। वहीं स्कूल के स्पोर्ट्स में भी छात्रों ने जिला स्तर की प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रतिभा का परिचय दिया।

उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग में 26 साल पढ़ाई के दौरान उन्होंने लगातार विद्यार्थियों के विकास के लिए काम किया। उनके स्कूल से पढ़े बच्चे सीए, इंजीनियरिंग सहित विभिन्न कोर्स में दाखिला लेकर आगे बढ़ रहे हैं। गवर्नमेंट संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बतौड़ के प्रिंसिपल जितेंदर कुमार शर्मा उनकी किताबों, खेलकूद के अच्छे साधनों के लिए हमेशा विभाग को बताते हैं और जरूरतमंद बच्चों केे इसके लिए जागरूक भी करते हैं जिससे कि वह खेल और पढ़ाई के लिए जागरूक हों। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य को बनाकर वह अपना अवार्ड हासिल कर चुके हैं।

पढ़ाई और खेल में आगे बढ़ने के लिए करती हैं मदद
मेजर अनुज राजपूत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सेक्टर-20 की प्रिंसिपल रेणु गुप्ता हमेशा पढ़ाई के साथ बच्चों की मदद के लिए तैयार रहती हैं। उन्हें उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
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उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों की मदद के लिए वह हमेशा तैयार रहती हैं। वह जरूरतमंद बच्चों को किताबों से लेकर पढ़ाई के लिए एक्स्ट्रा क्लास भी लगवाती हैं। इस कारण उनके स्कूल का रिजल्ट सबसे बेहतरीन रहता है।

उन्होंने संस्कृति स्कूल को सीबीएसई का स्कूल बनाने के लिए कई बार प्रपोजल रखा। इसके बाद यह स्कूल सीबीएसई का बनाया गया, जिसमें विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो रहा है। शिक्षा के साथ खेल के क्षेत्र में भी छात्रों की मदद के लिए उन्होंने अथक परिश्रम किया।

इस कारण खेल और शिक्षा में मेजर अनुज राजपूत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सेक्टर-20 आगे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर विद्यार्थियों से अपील कर कहा है कि वह अनुशासन के साथ जीएं, जिससे कि वह अपनी जिंदगी के लक्ष्य को हासिल कर सकें।

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