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पंजाब के मंत्री का बड़ा दावा- मालगाड़ियों के बंद होने से उद्योगों को 22000 करोड़ का नुकसान
Mon, 09 Nov 2020 08:50 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Mon, 09 Nov 2020 08:50 PM IST
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मालगाड़ी
- फोटो : social media
पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री सुंदर श्याम अरोड़ा ने सोमवार को दावा किया कि मालगाड़ियां रुकने से पंजाब के उद्योगों को 22 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने रेल मंत्री पीयूष गोयल से राज्य में मालगाड़ियों की आवाजाही तुरंत बहाल करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सोमवार को उद्योगों के प्रतिनिधियों ने उनसे मुलाकात की और मालगाड़ियां रुकने से आ रहीं मुश्किलों की जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि लुधियाना, जालंधर और मंडी गोबिंदगढ़ में उद्योगों को 22 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। सामान लदे 13500 कंटेनर लुधियाना के ढंढारी कलां ड्राई पोर्ट पर अटके हुए हैं। अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो उद्योगों के पास अपने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी पैसा नहीं बचेगा।
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अरोड़ा ने बताया कि लोहा और स्टील उद्योगों को अन्य राज्यों से कच्चा माल मंगाने के लिए ढुलाई पर अतिरिक्त पैसा खर्च करना पड़ रहा है। इससे राज्य में लोहे और स्टील के दाम अन्य राज्यों के मुकाबले चार रुपये प्रति किलो अधिक हो गए हैं। ऐसी स्थिति में खरीदार पंजाब से लोहा व स्टील क्यों खरीदेगा? उद्योग मंत्री ने कहा कि मैं नहीं जानता, केंद्र के दिमाग में क्या चल रहा है। लेकिन वह पंजाब के साथ भेदभाव कर रहा है।
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पंजाब के उद्योगों की विश्वसनीयता भी दांव पर लगी : रल्हन
लुधियाना निवासी उद्योगपति और फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन (एफआईईओ) के पूर्व अध्यक्ष एससी रल्हन ने कहा कि वित्तीय घाटे के अलावा उद्योगों की विश्वसनीयता भी दांव पर लग गई है। समय पर माल नहीं पहुंचने के कारण विदेशी खरीदार परेशान हो गए हैं और वे माल के लिए दूसरे राज्यों के उद्योगपतियों से संपर्क कर रहे हैं। साइकिल, टेक्सटाइल, हैंड टूल, आटोमोबाइल पार्ट्स, स्टील, मशीन टूल्स आदि सभी उद्योगों का यही हाल है।