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हरियाणा में मिल की संपत्ति बेच किसानों को देने होंगे 22 करोड़
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चंडीगढ़। गन्ना काश्तकारों के बकाए की अदायगी पर पंजाब सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। संधर शुगर मिल फगवाड़ा और किसानों के विवाद मामले में कृषि मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने मिल की हरियाणा में संपत्ति को बेच कर 22 करोड़ रुपये देने के निर्देश दिए हैं। भारतीय किसान यूनियन (दोआबा) और शुगर मिल के प्रतिनिधियों के साथ सोमवार को चंडीगढ़ में हुई बैठक में कृषि मंत्री ने यह फैसला किया।
पंजाब भवन में हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए मिल प्रबंधकों पर सख्त रुख अपनाते हुए कृषि मंत्री ने विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट तौर पर हिदायत की कि किसानों की बकाया 72 करोड़ रुपये (पिछले तीन साल से) की राशि में से भूना, हरियाणा में मिल की जायदाद को बेच कर 22 करोड़ की राशि की तुरंत अदायगी की जाए। साथ ही बकाया राशि किसानों के खातों में जमा करवाना यकीनी बनाया जाए। इसके साथ ही मंत्री ने सभी बिंदुओं की बारीकी से जांच कर मिल का ऑडिट करवाने के आदेश दिए।
मंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को हिदायत की कि मिल प्रबंधकों को 50 करोड़ रुपये की बकाया राशि अदा करने के लिए नोटिस जारी किया जाए, ऐसा न करने की सूरत में इस साल नवंबर तक मिल के कामकाज को बंद करना पड़ेगा।
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बैठक में विशेष मुख्य सचिव सहकारिता रवनीत कौर, अतिरिक्त मुख्य सचिव कृषि और किसान कल्याण सरवजीत सिंह, डिवीजनल कमिश्नर जालंधर गुरप्रीत कौर सपरा, डीसी कपूरथला विशेष सारंगल, एडीसी फगवाड़ा नयन जस्सल और डायरेक्टर कृषि गुरविंदर सिंह और फगवाड़ा मिल के जीएम बीपी वर्मा उपस्थित थे।
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किसान पंजाब की आर्थिकता की रीढ़ की हड्डी हैं। उनके हितों की रक्षा के लिए सरकार कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी।
- कुलदीप सिंह धालीवाल, कृषि मंत्री, पंजाब सरकार
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पंजाब भवन में हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए मिल प्रबंधकों पर सख्त रुख अपनाते हुए कृषि मंत्री ने विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट तौर पर हिदायत की कि किसानों की बकाया 72 करोड़ रुपये (पिछले तीन साल से) की राशि में से भूना, हरियाणा में मिल की जायदाद को बेच कर 22 करोड़ की राशि की तुरंत अदायगी की जाए। साथ ही बकाया राशि किसानों के खातों में जमा करवाना यकीनी बनाया जाए। इसके साथ ही मंत्री ने सभी बिंदुओं की बारीकी से जांच कर मिल का ऑडिट करवाने के आदेश दिए।
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मंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को हिदायत की कि मिल प्रबंधकों को 50 करोड़ रुपये की बकाया राशि अदा करने के लिए नोटिस जारी किया जाए, ऐसा न करने की सूरत में इस साल नवंबर तक मिल के कामकाज को बंद करना पड़ेगा।
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बैठक में विशेष मुख्य सचिव सहकारिता रवनीत कौर, अतिरिक्त मुख्य सचिव कृषि और किसान कल्याण सरवजीत सिंह, डिवीजनल कमिश्नर जालंधर गुरप्रीत कौर सपरा, डीसी कपूरथला विशेष सारंगल, एडीसी फगवाड़ा नयन जस्सल और डायरेक्टर कृषि गुरविंदर सिंह और फगवाड़ा मिल के जीएम बीपी वर्मा उपस्थित थे।
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किसान पंजाब की आर्थिकता की रीढ़ की हड्डी हैं। उनके हितों की रक्षा के लिए सरकार कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी।
- कुलदीप सिंह धालीवाल, कृषि मंत्री, पंजाब सरकार