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यंग साइं टिस्ट पहुंचेंगे पीयू
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पीयू में वैज्ञानिकों का महाकुंभ आज, तैयारी पूरी
- तीन दिन तक चलने वाली कार्यशाला में 1200 वैज्ञानिक आएंगे
- मंगलवार को प्री वर्कशॉप का आयोजन हुआ
फोटो---
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पीयू में भारतीय विज्ञान कांग्रेस की कार्यशाला बुधवार से शुरू होगी। पीयू ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली हैं। तीन दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम में देशभर के 1200 यंग साइंटिस्ट भाग लेंगे। वे अपने अनुभवों को साझा करते हुए नए शोध और उनमें होने वाले बदलावों के बारे में भी चर्चा करेंगे। इसी कड़ी में मंगलवार को विज्ञान संचार कार्यशाला में विशेषज्ञों ने अनुशासनों के माध्यम से वैज्ञानिक प्रयोग के बारे में बताया। इस दौरान घरेलू वस्तुओं का उपयोग करने वाले वैज्ञानिक प्रयोग भी बताए गए। मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च से आए प्रो. सुरेंद्र कुलकर्णी ने प्रतिवाद विरोधी उपकरणों के बारे में जानकारी दी। डॉ. रोहित शर्मा ने वंडरफुल लैब होम के बारे में बताया। उन्होंने रोगाणुओं की अद्भुत दुनिया के बारे में भी जानकारी दी। प्रो. रजत संधीर ने कहा कि इस कार्यशाला के जरिये विद्यार्थियों को रिसर्च की गहराइयों में जाने का मौका मिलेगा। यहां मिलने वाला मंच शोधार्थियों के भविष्य में काम आएगा। शिक्षकों को भी नया जानने का मौका मिलेगा। पीयू ने इसकी पूरी तैयारियां कर ली हैं।
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- तीन दिन तक चलने वाली कार्यशाला में 1200 वैज्ञानिक आएंगे
- मंगलवार को प्री वर्कशॉप का आयोजन हुआ
फोटो---
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पीयू में भारतीय विज्ञान कांग्रेस की कार्यशाला बुधवार से शुरू होगी। पीयू ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली हैं। तीन दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम में देशभर के 1200 यंग साइंटिस्ट भाग लेंगे। वे अपने अनुभवों को साझा करते हुए नए शोध और उनमें होने वाले बदलावों के बारे में भी चर्चा करेंगे। इसी कड़ी में मंगलवार को विज्ञान संचार कार्यशाला में विशेषज्ञों ने अनुशासनों के माध्यम से वैज्ञानिक प्रयोग के बारे में बताया। इस दौरान घरेलू वस्तुओं का उपयोग करने वाले वैज्ञानिक प्रयोग भी बताए गए। मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च से आए प्रो. सुरेंद्र कुलकर्णी ने प्रतिवाद विरोधी उपकरणों के बारे में जानकारी दी। डॉ. रोहित शर्मा ने वंडरफुल लैब होम के बारे में बताया। उन्होंने रोगाणुओं की अद्भुत दुनिया के बारे में भी जानकारी दी। प्रो. रजत संधीर ने कहा कि इस कार्यशाला के जरिये विद्यार्थियों को रिसर्च की गहराइयों में जाने का मौका मिलेगा। यहां मिलने वाला मंच शोधार्थियों के भविष्य में काम आएगा। शिक्षकों को भी नया जानने का मौका मिलेगा। पीयू ने इसकी पूरी तैयारियां कर ली हैं।