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वनस्पति को बचाना बेहद जरुरी
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साहित्यिक चोरी के खतरों के प्रति किया आगाह
- पीयू के वनस्पति विज्ञान विभाग में हुआ सेमिनार
फोटो--
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पीयू के वनस्पति विज्ञान विभाग की ओर से सोमवार को आयोजित सेमिनार में मानद प्रोफेसर प्रो. एस चहल ने विद्यार्थियों को साहित्यिक चोरी के खतरों के प्रति आगाह किया। उन्होंने बौद्घिक संपदा अधिकारों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रिसर्च के दौरान गहराई जरूरी है। जहां भी ज्ञान हो उसे अर्जित करना चाहिए। किसी की कॉपी करने का प्रयास न करें। उन्होंने बताया कि दूसरे के साहित्य को चुराना जुर्म है। इस पर कड़ी कार्रवाई भी होती है। उन्होंने साहित्यिक चोरी की जांच में प्रयोग होने वाले टूल्स के बारे में भी जानकारी दी। इस दौरान छात्रों को उच्च नैतिक मूल्यों को बनाए रखने और वैज्ञानिक अनुसंधान में नैतिकता और अखंडता को प्रदर्शित करने के लिए प्रेरित किया गया।
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- पीयू के वनस्पति विज्ञान विभाग में हुआ सेमिनार
फोटो--
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पीयू के वनस्पति विज्ञान विभाग की ओर से सोमवार को आयोजित सेमिनार में मानद प्रोफेसर प्रो. एस चहल ने विद्यार्थियों को साहित्यिक चोरी के खतरों के प्रति आगाह किया। उन्होंने बौद्घिक संपदा अधिकारों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रिसर्च के दौरान गहराई जरूरी है। जहां भी ज्ञान हो उसे अर्जित करना चाहिए। किसी की कॉपी करने का प्रयास न करें। उन्होंने बताया कि दूसरे के साहित्य को चुराना जुर्म है। इस पर कड़ी कार्रवाई भी होती है। उन्होंने साहित्यिक चोरी की जांच में प्रयोग होने वाले टूल्स के बारे में भी जानकारी दी। इस दौरान छात्रों को उच्च नैतिक मूल्यों को बनाए रखने और वैज्ञानिक अनुसंधान में नैतिकता और अखंडता को प्रदर्शित करने के लिए प्रेरित किया गया।