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बकाया राशि वसूलने के लिए एसटीफ का गठन
Updated Tue, 20 Nov 2018 02:04 AM IST
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3500 कंपनियां डिफाल्टर, वसूली के लिए बनी एसटीएफ
सबहेड
प्रशासन की ओर से गठित स्पेशल टास्क फोर्स में चार टीमें शामिल, बढ़ेगा रेवेन्यू
पहली बार एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट ने टैक्स रिकवरी के लिए उठाया बड़ा कदम
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन ने डिफाल्टर कंपनियों पर नकेल कसने के लिए बड़ा फैसला लिया है। एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट ने असिस्टेंट एक्साइज एंड टैक्स कमिश्नर आरके चौधरी की अगुवाई में टैक्स रिकवरी के लिए एक स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) गठित की है। इसके लिए चार अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं, जो बकाया राशि की वसूली का काम करेंगी। इससे प्रशासन से जुड़े टैक्स संबंधी लंबित मामलों का निपटारा हो सकेगा। प्रशासन में 15 हजार कंपनियां रजिस्टर्ड हैं, जिनकी जांच के बाद 3500 के करीब कंपनियां डिफाल्टर पाई गई हैं। अगर चारों टीमों ने ठीक प्रकार से काम किया तो प्रशासन को बड़ा रेवेन्यू प्राप्त होगा। इसके अलावा डिपार्टमेंट ने पहली बार वर्ष 2011-12 स्क्रूटनी केसों की डिमांड लिस्ट समय पर तैयार की है। एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर ने इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए थे।
एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट को स्क्त्रस्ूटनी केसों की डिमांड लिस्ट किसी भी साल की छह वर्ष के अंदर तैयार करनी होती है, ताकि टैक्स संबंधित बकाया राशि की रिकवरी की जा सके। इससे पहले कभी भी विभाग ने यह लिस्ट समय पर तैयार नहीं की है लेकिन इस बार एक्साइज कमिश्नर के निर्देश पर वर्ष 2011-12 के लिए लिस्ट तैयार कर ली गई है। मंगलवार को ये लिस्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दी जाएगी। चंडीगढ़ प्रशासन में लगभग 15 हजार कंपनियां रजिस्टर्ड हैं। जांच के बाद पाया गया कि इस लिस्ट में 3500 के करीब कंपनियों ने अपना टैक्स क्लीयर नहीं किया है। लेकिन इनकी सही कितनी बकाया राशि बची है, इसका मंगलवार को लिस्ट सामने आने के बाद ही पता चलेगा। सभी अधिकारी इसकी असेसमेंट में लगे हुए हैं। विभाग द्वारा एनुअल रिटर्न का समय 20 नवंबर तय किया गया है।
इस संबंध में असिस्टेंट एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर आरके चौधरी ने बताया कि उन्होंने टैक्स की रिकवरी के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की चार टीमें गठित कर दी हैं। इससे टैक्स संबंधित बकाया राशि के समय पर रिकवरी करने में उन्हें फायदा होगा। उन्होंने कहा कि सभी टीमों को काम करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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प्रशासन की ओर से गठित स्पेशल टास्क फोर्स में चार टीमें शामिल, बढ़ेगा रेवेन्यू
पहली बार एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट ने टैक्स रिकवरी के लिए उठाया बड़ा कदम
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन ने डिफाल्टर कंपनियों पर नकेल कसने के लिए बड़ा फैसला लिया है। एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट ने असिस्टेंट एक्साइज एंड टैक्स कमिश्नर आरके चौधरी की अगुवाई में टैक्स रिकवरी के लिए एक स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) गठित की है। इसके लिए चार अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं, जो बकाया राशि की वसूली का काम करेंगी। इससे प्रशासन से जुड़े टैक्स संबंधी लंबित मामलों का निपटारा हो सकेगा। प्रशासन में 15 हजार कंपनियां रजिस्टर्ड हैं, जिनकी जांच के बाद 3500 के करीब कंपनियां डिफाल्टर पाई गई हैं। अगर चारों टीमों ने ठीक प्रकार से काम किया तो प्रशासन को बड़ा रेवेन्यू प्राप्त होगा। इसके अलावा डिपार्टमेंट ने पहली बार वर्ष 2011-12 स्क्रूटनी केसों की डिमांड लिस्ट समय पर तैयार की है। एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर ने इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए थे।
एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट को स्क्त्रस्ूटनी केसों की डिमांड लिस्ट किसी भी साल की छह वर्ष के अंदर तैयार करनी होती है, ताकि टैक्स संबंधित बकाया राशि की रिकवरी की जा सके। इससे पहले कभी भी विभाग ने यह लिस्ट समय पर तैयार नहीं की है लेकिन इस बार एक्साइज कमिश्नर के निर्देश पर वर्ष 2011-12 के लिए लिस्ट तैयार कर ली गई है। मंगलवार को ये लिस्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दी जाएगी। चंडीगढ़ प्रशासन में लगभग 15 हजार कंपनियां रजिस्टर्ड हैं। जांच के बाद पाया गया कि इस लिस्ट में 3500 के करीब कंपनियों ने अपना टैक्स क्लीयर नहीं किया है। लेकिन इनकी सही कितनी बकाया राशि बची है, इसका मंगलवार को लिस्ट सामने आने के बाद ही पता चलेगा। सभी अधिकारी इसकी असेसमेंट में लगे हुए हैं। विभाग द्वारा एनुअल रिटर्न का समय 20 नवंबर तय किया गया है।
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इस संबंध में असिस्टेंट एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर आरके चौधरी ने बताया कि उन्होंने टैक्स की रिकवरी के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की चार टीमें गठित कर दी हैं। इससे टैक्स संबंधित बकाया राशि के समय पर रिकवरी करने में उन्हें फायदा होगा। उन्होंने कहा कि सभी टीमों को काम करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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