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रॉक गार्डन-0000
Updated Tue, 13 Jun 2017 01:24 AM IST
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रॉक गार्डन में करें ‘नेक’ गुड़ियों का दीदार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
रॉक गार्डन में अब आप ‘नेक’ गुड़ियों का दीदार कर सकेंगे। रॉक गार्डन में अब बन गया है डॉल म्यूजियम, जिसका उद्घाटन सोमवार को चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर और सांसद किरण खेर ने किया। रॉक गार्डन के निर्माता स्वर्गीय नेकचंद की पुण्यतिथि पर एक प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें सुरेश शर्मा के खींची तस्वीरें थीं। इस मौके पर एक सेमिनार का आयोजन भी किया गया। इस मौके पर देश और विदेश की शख्सियतें रॉक गार्डन में पहुंचीं।
रॉक गार्डन में सोमवार से रैक डॉल विलेज को पब्लिक के लिए खोल दिया गया। रॉक गार्डन के निर्माता पद्मश्री नेकचंद सैनी के जीवन की जानकारी देने वाला नेकचंद म्यूजियम भी सोमवार को दर्शकों के लिए खोल दिया गया। रॉक गार्डन के फेज-3 में बनाए गए रैक डॉल विलेज में रखी गईं डॉल्स दर्जी से बचने वाली कतरनों से बनाया गया है। नेकचंद के बेटे अनुज सैनी ने कहा कि उनके पिता की तमन्ना थी कि वह गुड़ियों को यहां सजाएं। उनका यह प्रोजेक्ट बीस साल पुराना था। उन्होंने एक हजार से ज्यादा गुड़ियां तैयार की थीं। लेकिन उनके जीवन में यह नहीं हो सका। उनकी बनाई गई गुड़ियां काफी खराब हो चुकी थीं, इसलिए उनको दोबारा से तैयार किया गया। फिलहाल ढाई सौ गु्िड़यां यहां रखी गईं हैं। रैक डॉल विलेज में गांव की झलक दिखाई दी। इसमें महिलाएं चूल्हे पर रोटी बनाने के साथ-साथ चक्की में आटा पीस रही हैं। इसमें बैलगाड़ी, कुएं, नल के साथ अन्य झलकियां हैं।
अब जल्द ही एग्जिट गेट का काम होगा शुरू
डॉल म्यूजियम ओपन होने के बाद अब रॉक गार्डन के नए एग्जिट गेट खोलने का काम शुरू हो जाएगा। अभी एग्जिट के लिए पूरा रॉक गार्डन घूमने के बाद वापस लौटना पड़ता है। इस कारण कई बार लंबी लाइनें लग जाती हैं। अब एग्जिट प्वाइंट फेज-3 से ही हो सके, इस पर काम शुरू हो जाएगा।
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सांसद किरण खेर ने कहा, शानदार थे नेकचंद
पद्मश्री नेकचंद के म्यूजियम को देखते हुए किरण खेर बार बार मास्टर मोहन लाल को देख रही थीं। उन्होंने प्रशासक को बताया कि मोहन लाल नेकचंद जी के साथ ही थे। उन्होंने उनको काफी करीब से देखा था। वह नेकचंद के क्रिएटिव दिमाग से भली भांति परिचित थे। उन्होंने डाल म्यूजियम की तारीफ की और कहा कि उनको उम्मीद है कि जल्द ही रॉक गार्डन में और नए फीचर जोड़े जाएंगे।
विदेश से आए माइकल जे राइट
आर्टिस्ट माइकल जे राइट ने भी नेकचंद के म्यूजियम के लिए वांडिजिना ड्रीमिंग गिफ्ट में दिया है। यह एक कार्ड बोर्ड पर तैयार किया गया है। जिसके नीचे एक पौछे जैसा क्रिएशन है। माइकल जे राइट ने बताया कि वह काफी समय से इस पर काम कर रहे हैं।
प्रशासक ने पेड़ के नीचे ली कईं जानकारी
धूप की वजह से चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर और सांसद किरण खेर रॉक गार्डन के तीसरे फेज में लगे पेड़ के नीचे खड़े होकर रॉक गार्डन की कई जानकारी हासिल करते रहे। गृह सचिव अनुराग अग्रवाल ने उनको इस गार्डन से जुड़ीं कई जानकारियां दीं और बताया कि जल्द ही यहां एक्जिट गेट की तैयारी हो रही है।
चंडीगढ़ के रॉक गार्डन में तैयार हुआ म्यूजियम
प्रशासक और सांसद खेर ने किया इसका उद्घाटन
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
रॉक गार्डन में अब आप ‘नेक’ गुड़ियों का दीदार कर सकेंगे। रॉक गार्डन में अब बन गया है डॉल म्यूजियम, जिसका उद्घाटन सोमवार को चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर और सांसद किरण खेर ने किया। रॉक गार्डन के निर्माता स्वर्गीय नेकचंद की पुण्यतिथि पर एक प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें सुरेश शर्मा के खींची तस्वीरें थीं। इस मौके पर एक सेमिनार का आयोजन भी किया गया। इस मौके पर देश और विदेश की शख्सियतें रॉक गार्डन में पहुंचीं।
रॉक गार्डन में सोमवार से रैक डॉल विलेज को पब्लिक के लिए खोल दिया गया। रॉक गार्डन के निर्माता पद्मश्री नेकचंद सैनी के जीवन की जानकारी देने वाला नेकचंद म्यूजियम भी सोमवार को दर्शकों के लिए खोल दिया गया। रॉक गार्डन के फेज-3 में बनाए गए रैक डॉल विलेज में रखी गईं डॉल्स दर्जी से बचने वाली कतरनों से बनाया गया है। नेकचंद के बेटे अनुज सैनी ने कहा कि उनके पिता की तमन्ना थी कि वह गुड़ियों को यहां सजाएं। उनका यह प्रोजेक्ट बीस साल पुराना था। उन्होंने एक हजार से ज्यादा गुड़ियां तैयार की थीं। लेकिन उनके जीवन में यह नहीं हो सका। उनकी बनाई गई गुड़ियां काफी खराब हो चुकी थीं, इसलिए उनको दोबारा से तैयार किया गया। फिलहाल ढाई सौ गु्िड़यां यहां रखी गईं हैं। रैक डॉल विलेज में गांव की झलक दिखाई दी। इसमें महिलाएं चूल्हे पर रोटी बनाने के साथ-साथ चक्की में आटा पीस रही हैं। इसमें बैलगाड़ी, कुएं, नल के साथ अन्य झलकियां हैं।
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अब जल्द ही एग्जिट गेट का काम होगा शुरू
डॉल म्यूजियम ओपन होने के बाद अब रॉक गार्डन के नए एग्जिट गेट खोलने का काम शुरू हो जाएगा। अभी एग्जिट के लिए पूरा रॉक गार्डन घूमने के बाद वापस लौटना पड़ता है। इस कारण कई बार लंबी लाइनें लग जाती हैं। अब एग्जिट प्वाइंट फेज-3 से ही हो सके, इस पर काम शुरू हो जाएगा।
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सांसद किरण खेर ने कहा, शानदार थे नेकचंद
पद्मश्री नेकचंद के म्यूजियम को देखते हुए किरण खेर बार बार मास्टर मोहन लाल को देख रही थीं। उन्होंने प्रशासक को बताया कि मोहन लाल नेकचंद जी के साथ ही थे। उन्होंने उनको काफी करीब से देखा था। वह नेकचंद के क्रिएटिव दिमाग से भली भांति परिचित थे। उन्होंने डाल म्यूजियम की तारीफ की और कहा कि उनको उम्मीद है कि जल्द ही रॉक गार्डन में और नए फीचर जोड़े जाएंगे।
विदेश से आए माइकल जे राइट
आर्टिस्ट माइकल जे राइट ने भी नेकचंद के म्यूजियम के लिए वांडिजिना ड्रीमिंग गिफ्ट में दिया है। यह एक कार्ड बोर्ड पर तैयार किया गया है। जिसके नीचे एक पौछे जैसा क्रिएशन है। माइकल जे राइट ने बताया कि वह काफी समय से इस पर काम कर रहे हैं।
प्रशासक ने पेड़ के नीचे ली कईं जानकारी
धूप की वजह से चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर और सांसद किरण खेर रॉक गार्डन के तीसरे फेज में लगे पेड़ के नीचे खड़े होकर रॉक गार्डन की कई जानकारी हासिल करते रहे। गृह सचिव अनुराग अग्रवाल ने उनको इस गार्डन से जुड़ीं कई जानकारियां दीं और बताया कि जल्द ही यहां एक्जिट गेट की तैयारी हो रही है।
चंडीगढ़ के रॉक गार्डन में तैयार हुआ म्यूजियम
प्रशासक और सांसद खेर ने किया इसका उद्घाटन