निर्माण मजदूरों की बेटियों की शगुन राशि में 20 हजार का इजाफा, अब दिए जाएंगे 51 हजार रुपये
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रदेश में निर्माण मजदूरों की बेटियों के विवाह के अवसर पर दी जाने वाली शगुन की राशि पहली अप्रैल 2021 से 31000 रुपये से बढ़ाकर 51000 रुपये करने का एलान किया है। साथ ही कोविड टेस्ट पॉजिटिव पाए जाने वाले निर्माण कामगार या उनके पारिवारिक सदस्यों को 1500 रुपये की वित्तीय सहायता देने की भी मंजूरी दी गई है।
यह फैसला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता मेें भवन एवं अन्य निर्माण कामगारों (बीओसीडब्ल्यू) कल्याण बोर्ड की शुक्रवार शाम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई मीटिंग में लिया गया। इसके साथ ही, शगुन स्कीम का लाभ लेने की प्रक्रिया को आसान बनाते हुए मुख्यमंत्री ने मौजूदा शर्त में किसी भी धार्मिक संस्था गुरुद्वारा, मंदिर और चर्च की तरफ से जारी किए गए विवाह सर्टिफिकेट को स्वीकार करने की मंजूरी दे दी।
इस स्कीम के तहत 50 प्रतिशत राशि एडवांस में हासिल की जा सकेगी, जबकि शेष राशि नए नियमों के तहत संबंधित अथॉरिटी की तरफ से जारी विवाह सर्टिफिकेट जमा करवाने के बाद जारी की जाएगी। भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के साथ रजिस्टर्ड बेटियां इस स्कीम के लिए पात्र होंगी।
काम के दौरान मौत पर दो लाख रुपये मुआवजा
एक अन्य बड़े फैसले में मुख्यमंत्री ने एलान किया कि निर्माण गतिविधियों में काम करते हुए हादसे में कामगार की मौत होने की स्थिति में दो लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। भले ही वह कामगार निर्माण बोर्ड के साथ रजिस्टर्ड हों या नहीं। बशर्ते वह निर्माण कामगार के तौर पर रजिस्टर्ड होने के योग्य हो।
स्कीमों का लाभ लेने के लिए आवेदन की अवधि बढ़ी
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार कैप्टन ने विभिन्न कल्याण स्कीमों के अंतर्गत लाभ लेने के लिए आवेदन जमा करवाने की समय सीमा बढ़ाने का फैसला किया है। मौजूदा समय में यह सीमा छह महीने की थी, जिसे बढ़ाकर एक साल करने का फैसला किया गया है। इसके अलावा स्क्रीनिंग कमेटी की तरफ से पेंशन आवेदन रद्द करने की सूरत में निर्माण कामगार को सचिव बोर्ड के पास अपील करने का समय भी 90 दिन से बढ़ाकर 120 दिन कर दिया गया है। बालिका जन्म उपहार योजना के तहत बोर्ड ने आवेदन जमा करवाने की समय सीमा लड़की के जन्म की तारीख से छह महीने से बढ़ाकर एक साल करने का फैसला किया है।
पैरा मेडिकल की पढ़ाई के लिए सालाना वजीफा राशि बढ़ी
मीटिंग में बोर्ड ने फार्मास्युटिकल/पैरा मेडिकल की पढ़ाई में डिग्री/पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स करने वाले लड़कों का सालाना वजीफा 25 हजार से बढ़ाकर 35 हजार रुपये और लड़कियों का वजीफा 30 हजार से बढ़ाकर 40 हजार रुपये करने का एलान किया। इसी तरह लड़कों के हॉस्टल का वजीफा 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये और लड़कियों का वजीफा 45 हजार से बढ़ाकर 55 हजार कर दिया गया है।