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पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की अदालतों में आज वकील नहीं करेंगे काम
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पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की अदालतों में आज वकील नहीं करेंगे काम
सबहेड
बार काउंसिल के आह्वान पर अपनी मांगों के समर्थन में वकील करेंगे प्रोटेस्ट मार्च
मांगे पूरी न होने के कारण मजबूरी में उठाना पड़ा कदम : अहलावत
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के आह्वान पर मंगलवार को हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ की सभी अदालतों में वकील काम नहीं करेंगे। हरियाणा-पंजाब के लगभग एक लाख के करीब वकील मंगलवार को किसी भी कोर्ट में पेश नहीं होंगे। वकील बार काउंसिल के आह्वान पर दिल्ली में जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
बार काउंसिल के आह्वान पर ही सोमवार को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की बैठक हुई, जिसमें प्रस्ताव पास किया गया कि बार काउंसिल के निर्देशानुसार मंगलवार को हाईकोर्ट बार के वकील काम से दूर रहकर 12 बजे इकट्ठे होकर प्रोटेस्ट मार्च करते हुए पंजाब के राज्यपाल को ज्ञापन देंगे।
बार काउंसिल ऑफ पंजाब हरियाणा के चेयरमैन डॉ. विजेंदर सिंह अहलावत ने बताया कि उनकी मांगे पूरी न होने के कारण मजबूरी में उन्होंने यह कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि हरियाणा पंजाब व चंडीगढ़ की सभी बार एसोसिएशन ने अभूतपूर्व एकता का परिचय देते हुए अपनी मांगों के समर्थन ने डीसी व एसडीएम को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया है व बार काउंसिल के निर्देशानुसार प्रोटेस्ट मार्च में बढ़-चढ़कर भाग लेने का निर्णय लिया है। अहलावत ने बताया कि मंगलवार को प्रत्येक राज्य के मुख्यालय में स्थित हाई कोर्ट से वकील विरोध प्रदर्शन कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन देंगे। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने 22 जनवरी 2019 को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर वकीलों की मांग पूरी करने का आग्रह किया था। मिश्रा के पत्र पर कोई प्रतिक्रिया तक नहीं आई, जिसके बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया, सभी स्टेट बार काउंसिल के प्रतिनिधि, सभी हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों की एक बैठक दिल्ली में संपन्न हुई। 2 फरवरी को आयोजित इस बैठक में केंद्र सरकार से मांगें मनवाने के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाया है। उन्होंने बताया कि 12 फरवरी को एनसीआर पंजाब-हरियाणा की बार एसोसिएशन, दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन सहित हजारों वकील दिल्ली में पटियाला हाउस से जंतर मंतर तक विरोध प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को ज्ञापन देंगे। बार काउंसिल मीटिंग में बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन को प्रधानमंत्री मंत्रियों सहित सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से मिलने के लिए अधिकृत किया गया है इसके अलावा वकीलों का समर्थन करेंगे जो उनकी मांगों को मानेगी और 2019 के लोकसभा चुनाव में अपने घोषणापत्र में शामिल करेगी।
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अहलावत ने मांगों के बारे में बताया कि देश की सभी बार एसोसिएशन में पर्याप्त बिल्डिंग, वकीलों को बैठने का स्थान, लाईब्रेरी, ई-लाईब्रेरी, इंटरनेट आदि की सुविधा मुहैया करवाई जाए। केंद्र सरकार वकीलों और याचिकाकर्ताओं के कल्याण के लिए बजट में 5 हजार करोड़ का प्रावधान करे। वकील व उनके परिवार का बीमा करवाया जाए। नए और जरूरतमंद वकीलों को पहले पांच साल तक 10 हजार रुपये प्रतिमाह आर्थिक मदद दी जाए। राज्य में एजी की अगुवाई में कमेटी को इसके उपयोग की जिम्मेदारी दी जाए। वकील आकस्मिक मृत्यु पर उसके परिवार को 50 लाख का मुआवजा दिया जाए। विभिन्न ट्रिब्यूनल, फोरम, कमिशन आदि में पूर्व जजों के अतिरिक्त योग्य वकीलों को भी सदस्य बनाने का प्रावधान किया जाए। याचिकाकर्ताओं के कल्याण के लिए की भी भी योजना बनाने की मांग ।
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बार काउंसिल के आह्वान पर अपनी मांगों के समर्थन में वकील करेंगे प्रोटेस्ट मार्च
मांगे पूरी न होने के कारण मजबूरी में उठाना पड़ा कदम : अहलावत
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के आह्वान पर मंगलवार को हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ की सभी अदालतों में वकील काम नहीं करेंगे। हरियाणा-पंजाब के लगभग एक लाख के करीब वकील मंगलवार को किसी भी कोर्ट में पेश नहीं होंगे। वकील बार काउंसिल के आह्वान पर दिल्ली में जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
बार काउंसिल के आह्वान पर ही सोमवार को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की बैठक हुई, जिसमें प्रस्ताव पास किया गया कि बार काउंसिल के निर्देशानुसार मंगलवार को हाईकोर्ट बार के वकील काम से दूर रहकर 12 बजे इकट्ठे होकर प्रोटेस्ट मार्च करते हुए पंजाब के राज्यपाल को ज्ञापन देंगे।
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बार काउंसिल ऑफ पंजाब हरियाणा के चेयरमैन डॉ. विजेंदर सिंह अहलावत ने बताया कि उनकी मांगे पूरी न होने के कारण मजबूरी में उन्होंने यह कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि हरियाणा पंजाब व चंडीगढ़ की सभी बार एसोसिएशन ने अभूतपूर्व एकता का परिचय देते हुए अपनी मांगों के समर्थन ने डीसी व एसडीएम को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया है व बार काउंसिल के निर्देशानुसार प्रोटेस्ट मार्च में बढ़-चढ़कर भाग लेने का निर्णय लिया है। अहलावत ने बताया कि मंगलवार को प्रत्येक राज्य के मुख्यालय में स्थित हाई कोर्ट से वकील विरोध प्रदर्शन कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन देंगे। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने 22 जनवरी 2019 को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर वकीलों की मांग पूरी करने का आग्रह किया था। मिश्रा के पत्र पर कोई प्रतिक्रिया तक नहीं आई, जिसके बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया, सभी स्टेट बार काउंसिल के प्रतिनिधि, सभी हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों की एक बैठक दिल्ली में संपन्न हुई। 2 फरवरी को आयोजित इस बैठक में केंद्र सरकार से मांगें मनवाने के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाया है। उन्होंने बताया कि 12 फरवरी को एनसीआर पंजाब-हरियाणा की बार एसोसिएशन, दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन सहित हजारों वकील दिल्ली में पटियाला हाउस से जंतर मंतर तक विरोध प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को ज्ञापन देंगे। बार काउंसिल मीटिंग में बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन को प्रधानमंत्री मंत्रियों सहित सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से मिलने के लिए अधिकृत किया गया है इसके अलावा वकीलों का समर्थन करेंगे जो उनकी मांगों को मानेगी और 2019 के लोकसभा चुनाव में अपने घोषणापत्र में शामिल करेगी।
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अहलावत ने मांगों के बारे में बताया कि देश की सभी बार एसोसिएशन में पर्याप्त बिल्डिंग, वकीलों को बैठने का स्थान, लाईब्रेरी, ई-लाईब्रेरी, इंटरनेट आदि की सुविधा मुहैया करवाई जाए। केंद्र सरकार वकीलों और याचिकाकर्ताओं के कल्याण के लिए बजट में 5 हजार करोड़ का प्रावधान करे। वकील व उनके परिवार का बीमा करवाया जाए। नए और जरूरतमंद वकीलों को पहले पांच साल तक 10 हजार रुपये प्रतिमाह आर्थिक मदद दी जाए। राज्य में एजी की अगुवाई में कमेटी को इसके उपयोग की जिम्मेदारी दी जाए। वकील आकस्मिक मृत्यु पर उसके परिवार को 50 लाख का मुआवजा दिया जाए। विभिन्न ट्रिब्यूनल, फोरम, कमिशन आदि में पूर्व जजों के अतिरिक्त योग्य वकीलों को भी सदस्य बनाने का प्रावधान किया जाए। याचिकाकर्ताओं के कल्याण के लिए की भी भी योजना बनाने की मांग ।