{"_id":"5c55f65bbdec2211a00c7952","slug":"191549137499-panchkula-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कल्पना चावला की तरह देखें बड़े सपनें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कल्पना चावला की तरह देखें बड़े सपनें
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कल्पना चावला की तरह बड़े सपने देखते हुए लक्ष्य निर्धारित करें : राजीव रतन
- पेक में अंतरिक्ष प्रवाह व चुनौतियों पर सेमिनार
फोटो--
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कल्पना चावला की तरह ऊंचे सपने देखते हुए युवा लक्ष्य निर्धारित कर उस पर काम करें। इससे उनके सपनों को पंख लगेंगे और कामयाबी जरूर मिलेगी। यह बात विज्ञान और प्रौद्योगिकी हरियाणा के निदेशक राजीव रतन ने कही। वे पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) में डॉ. कल्पना चावला मेमोरियल लेक्चर की ओर से अंतरिक्ष प्रवाह व चुनौतियां विषय पर शनिवार को आयोजित सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर एससी शर्मा गेस्ट ऑफ ऑनर थे।
डॉ. आदिमूर्ति ने मानवता की खोज के बारे में बात करते हुए इसरो की उपलब्धियों का बखान किया। डॉ. पंकज प्रियदर्शी ने छात्रों को एयरोस्पेश के बारे में बताया। डॉ. श्याम मोहन ने पंखों वाले प्रवेश वाहनों और इसरो के प्रयोगों के बारे में बताया। वीएसएससी इसरो के वैज्ञानिक अंकुर नागपाल ने एम वन हाइपरसोनिक सुरंग के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इसकेलिए चुनौतियां अपार थीं, लेकिन पूरे देश के 600 से अधिक उद्योगों और संस्थानों के भारतीय वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की कड़ी मेहनत व टीम वर्क द्वारा इसे सफलतापूर्वक हल किया गया।
कानपुर के एयरोस्पेस विभाग में प्रोफेसर डॉ. सुधीर कामले ने अंतरिक्ष उड़ान के दौरान उपयोग की जाने वाली सामग्री के बारे में बात की। इसरो के उप निदेशक डॉ. वी अशोक ने लांच वाहनों में वायु गतिकीय और एयरोथर्मल समस्याओं के बारे में बताया। इस अवसर पर डॉ. अमरजीत सिहं, डॉ. राकेश कुमार, टीबीआरएल के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. परवेंद्र कुमार ने भी विचार रखे। आयोजन के सह समन्वयक दीपक लेखी ने सभी का आभार जताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
- पेक में अंतरिक्ष प्रवाह व चुनौतियों पर सेमिनार
फोटो--
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कल्पना चावला की तरह ऊंचे सपने देखते हुए युवा लक्ष्य निर्धारित कर उस पर काम करें। इससे उनके सपनों को पंख लगेंगे और कामयाबी जरूर मिलेगी। यह बात विज्ञान और प्रौद्योगिकी हरियाणा के निदेशक राजीव रतन ने कही। वे पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) में डॉ. कल्पना चावला मेमोरियल लेक्चर की ओर से अंतरिक्ष प्रवाह व चुनौतियां विषय पर शनिवार को आयोजित सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर एससी शर्मा गेस्ट ऑफ ऑनर थे।
डॉ. आदिमूर्ति ने मानवता की खोज के बारे में बात करते हुए इसरो की उपलब्धियों का बखान किया। डॉ. पंकज प्रियदर्शी ने छात्रों को एयरोस्पेश के बारे में बताया। डॉ. श्याम मोहन ने पंखों वाले प्रवेश वाहनों और इसरो के प्रयोगों के बारे में बताया। वीएसएससी इसरो के वैज्ञानिक अंकुर नागपाल ने एम वन हाइपरसोनिक सुरंग के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इसकेलिए चुनौतियां अपार थीं, लेकिन पूरे देश के 600 से अधिक उद्योगों और संस्थानों के भारतीय वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की कड़ी मेहनत व टीम वर्क द्वारा इसे सफलतापूर्वक हल किया गया।
विज्ञापन
कानपुर के एयरोस्पेस विभाग में प्रोफेसर डॉ. सुधीर कामले ने अंतरिक्ष उड़ान के दौरान उपयोग की जाने वाली सामग्री के बारे में बात की। इसरो के उप निदेशक डॉ. वी अशोक ने लांच वाहनों में वायु गतिकीय और एयरोथर्मल समस्याओं के बारे में बताया। इस अवसर पर डॉ. अमरजीत सिहं, डॉ. राकेश कुमार, टीबीआरएल के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. परवेंद्र कुमार ने भी विचार रखे। आयोजन के सह समन्वयक दीपक लेखी ने सभी का आभार जताया।
विज्ञापन