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कानून के मंदिर में उड़ रही कानून की धज्जियां
Updated Sat, 31 Mar 2018 01:59 AM IST
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कानून के मंदिर में उड़ रही कानून की धज्जियां
- डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर कोर्ट परिसर पोस्टरों से अटा
- डिफेसमेंट एक्ट के तहत कानूनन गलत है पोस्टर लगाना
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
डिस्ट्रिक बार एसोसिएशन के इलेक्शन एडवोकेट्स के लिए हमेशा से प्रतिष्ठा का सवाल रहे हैं। साल दर साल इन्हें लेकर एडवोकेट्स में और प्रतिष्ठा बढ़ती जा रही है। प्रत्याशियों में इस साल पहले के मुकाबले कहीं अधिक जोर-अजामाइश देखी जा रही है। हाल यह है कि इस बार कोर्ट परिसर में एडवोकेट्स चैंबर्स बिल्डिंग पूरी तरह से चुनावी पोस्टरों और बैनरों से अटी पड़ी है। सभी प्रत्याशियों में सबसे बड़ा बैनर लगाने तक की होड़ है। इसी के चलते कानून के मंदिर में ही नियमों की धज्जियां सरेआम उड़ती देखी जा सकती हैं। इस पर न तो पुलिस का कोई ध्यान जा रहा है और न ही जिला अदालत के प्रशासनिक विभाग का। यहां कोई भी इस बारे में बात करने से कतरा रहा है।
बार चुनाव को लेकर इस साल सबसे ज्यादा पब्लिसिटी देखे को मिल रही है। सभी प्रत्याशियों में सबसे बड़ा और सबसे ऊपर बैनर लगाने को लेकर होड़ देखी जा रही है। इसी का परिणाम है कि शायद ही एडवोकेट्स चैंबर्स और सर्विस ब्लाक बिल्डिंग का कोई कोना बचा होगा, जहां किसी चुनाव प्रत्याशी का पोस्टर या बैनर देखने को नहीं मिल रहा होगा। कोई प्रत्याशी अगर बड़ा बैनर लगा रहा है तो अन्य प्रत्याशियों में उससे बड़ा बैनर लगाने की होड़ है। लोगों को कानून का पाठ पढ़ाने वाले खुद इन्हें ताक पर रखकर चल रहे हैं।
इससे पहले बैनर गिरने से एक कार भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। यहां तक कि तीन एडवोकेट्स के चैंबर्स की खिड़कियों के कांच भी इन्हीं बैनरों के कारण टूट चुके हैं। एडवोकेट्स से जुड़ा मुद्दा होने के कारण सभी ने इसे आपस में ही सुलझा भी लिया। वहीं, शुक्रवार को भी ऐसा ही एक विशालकाय बैनर गिर गया। गनीमत यह रही कि शुक्रवार को अवकाश होने के चलते हादसा होने से टल गया। वहीं, चुनाव अधिकारियों ने दो दिन पहले खुद कोर्ट में जनता की लिए बनाए गए एंट्री प्वाइंट से एक एडवोकेट का चुनावी पोस्टर हटाया।
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बाक्स
कोट्स
बार एसोसिएशन के चुनाव होली की तरह हो गए हैं। इनमें सब कुछ माफ होने वाले हालात बन रहे हैं। चुनाव को लेकर सभी प्रत्याशियों के साथ मीटिंग कर और उन्हें व्यक्तिगत तौर पर चुनाव की गरिमा का ध्यान रखते हुए कम से कम बैनर/पोस्टर लगाने की एडवाइजरी जारी की गई थी। लेकिन, इनका असर कहीं होता दिख नहीं रहा है। चुनाव को लेकर पोस्टर लगाने को लेकर कोई सख्त प्रावधान नहीं होने का सभी फायदा उठा रहे हैं। बार काउंसिल के चुनाव को लेकर नियमों में संशोधन की जरूरत है।
- करम सिंह, चुनाव रिटर्निंग अफसर डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन
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कानून के मंदिर में उड़ रही कानून की धज्जियां
- डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर कोर्ट परिसर पोस्टरों से अटा
- डिफेसमेंट एक्ट के तहत कानूनन गलत है पोस्टर लगाना
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
डिस्ट्रिक बार एसोसिएशन के इलेक्शन एडवोकेट्स के लिए हमेशा से प्रतिष्ठा का सवाल रहे हैं। साल दर साल इन्हें लेकर एडवोकेट्स में और प्रतिष्ठा बढ़ती जा रही है। प्रत्याशियों में इस साल पहले के मुकाबले कहीं अधिक जोर-अजामाइश देखी जा रही है। हाल यह है कि इस बार कोर्ट परिसर में एडवोकेट्स चैंबर्स बिल्डिंग पूरी तरह से चुनावी पोस्टरों और बैनरों से अटी पड़ी है। सभी प्रत्याशियों में सबसे बड़ा बैनर लगाने तक की होड़ है। इसी के चलते कानून के मंदिर में ही नियमों की धज्जियां सरेआम उड़ती देखी जा सकती हैं। इस पर न तो पुलिस का कोई ध्यान जा रहा है और न ही जिला अदालत के प्रशासनिक विभाग का। यहां कोई भी इस बारे में बात करने से कतरा रहा है।
बार चुनाव को लेकर इस साल सबसे ज्यादा पब्लिसिटी देखे को मिल रही है। सभी प्रत्याशियों में सबसे बड़ा और सबसे ऊपर बैनर लगाने को लेकर होड़ देखी जा रही है। इसी का परिणाम है कि शायद ही एडवोकेट्स चैंबर्स और सर्विस ब्लाक बिल्डिंग का कोई कोना बचा होगा, जहां किसी चुनाव प्रत्याशी का पोस्टर या बैनर देखने को नहीं मिल रहा होगा। कोई प्रत्याशी अगर बड़ा बैनर लगा रहा है तो अन्य प्रत्याशियों में उससे बड़ा बैनर लगाने की होड़ है। लोगों को कानून का पाठ पढ़ाने वाले खुद इन्हें ताक पर रखकर चल रहे हैं।
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इससे पहले बैनर गिरने से एक कार भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। यहां तक कि तीन एडवोकेट्स के चैंबर्स की खिड़कियों के कांच भी इन्हीं बैनरों के कारण टूट चुके हैं। एडवोकेट्स से जुड़ा मुद्दा होने के कारण सभी ने इसे आपस में ही सुलझा भी लिया। वहीं, शुक्रवार को भी ऐसा ही एक विशालकाय बैनर गिर गया। गनीमत यह रही कि शुक्रवार को अवकाश होने के चलते हादसा होने से टल गया। वहीं, चुनाव अधिकारियों ने दो दिन पहले खुद कोर्ट में जनता की लिए बनाए गए एंट्री प्वाइंट से एक एडवोकेट का चुनावी पोस्टर हटाया।
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बार एसोसिएशन के चुनाव होली की तरह हो गए हैं। इनमें सब कुछ माफ होने वाले हालात बन रहे हैं। चुनाव को लेकर सभी प्रत्याशियों के साथ मीटिंग कर और उन्हें व्यक्तिगत तौर पर चुनाव की गरिमा का ध्यान रखते हुए कम से कम बैनर/पोस्टर लगाने की एडवाइजरी जारी की गई थी। लेकिन, इनका असर कहीं होता दिख नहीं रहा है। चुनाव को लेकर पोस्टर लगाने को लेकर कोई सख्त प्रावधान नहीं होने का सभी फायदा उठा रहे हैं। बार काउंसिल के चुनाव को लेकर नियमों में संशोधन की जरूरत है।
- करम सिंह, चुनाव रिटर्निंग अफसर डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन