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अमर उजाला असर
Updated Wed, 14 Feb 2018 01:48 AM IST
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अमर उजाला असर
पार्षदों के मानदेय बढ़ाने पर प्रशासक की क्लीन चिट
- पंजाब की तर्ज पर प्रत्येक पार्षद को मिलेंगे 10 की बजाय 15 हजार रुपये
- पांच फरवरी को अमर उजाला ने पार्षद बोले- मानदेय बढ़ाओ शीर्षक के साथ खबर को किया था प्रकाशित
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
नगर निगम के 35 पार्षदों को राहत मिली है। पार्षदों को मानदेय अब पंजाब की तर्ज पर मिलेगा। उनकी मांग पंजाब के गवर्नर और यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने मान ली है। प्रशासक ने अधिकारियों से कहा है कि पार्षदों का मानदेय बढ़ा दिया जाए। निर्देश के मुताबिक अब पार्षदों को प्रत्येक माह मिलने वाले मानदेय में पांच हजार रुपये का इजाफा हो जाएगा। अब उन्हें 10 की बजाय 15 हजार रुपये मिलेंगे।
अमर उजाला ने पांच फरवरी के अंक में पार्षद बोले- अब हमारा भी मानदेय बढ़ाओ... र्शीषक की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। अब जारी ताजा निर्देश के तहत सभी पार्षदों को साल 2015 के जून माह से बढ़ा हुआ मानदेय मिलेगा। पिछला एरियल भी मिलेगा। ऐसे में साल 2015 से मानदेय बढ़कर मिलने से नगर निगम के पूर्व पार्षदों को भी फायदा मिलेगा, क्योंकि साल 2015 के दिसंबर में नगर निगम चुनाव हुए थे।
मानदेय साल 2015 से पंजाब की जारी अधिसूचना के अनुसार मिलने का प्रस्ताव सदन ने पास किया था। यह प्रस्ताव प्रशासन को उसी साल ही भेजा गया था, लेकिन अभी तक उस पर मंजूरी नहीं मिली थी। जबकि भाजपा पार्षद सतीश कैंथ ने इस संबंध में दो बार प्रशासक को पत्र भी लिखा। वहीं पिछले दो वर्षों मेंयह मांग मेयर की तरफ से भी की जाती रही है। मेयर देवेश मोदगिल का कहना है कि हाल ही में गवर्नर हाउस में बैठक हुई थी। इसमें गवर्नर ने मानदेय बढ़ाने की फाइल मंजूर करने के लिए गृह सचिव को निर्देश दिए थे।
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मेयर के भी बढ़ेंगे 10 हजार
नगर निगम के मेयर को हर माह 30 हजार का मानदेय मिलता है, लेकिन गवर्नर ने मेयर के भी 10 हजार रुपये बढ़ा दिए हैं। ऐसे में अब हर माह मेयर को 40 हजार रुपये मानदेय मिलेगा। वहीं सीनियर डिप्टी मेयर को 24 हजार और डिप्टी मेयर को 18750 रुपये मिलते हैं। इसके अलावा हर माह दो हजार रुपये फोन का भत्ता और 500 रुपये प्रति मीटिंग के मिलते हैं। जबकि मेयर को सरकारी गाड़ी के अलावा घर भी मिलता है।
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पार्षदों के मानदेय बढ़ाने पर प्रशासक की क्लीन चिट
- पंजाब की तर्ज पर प्रत्येक पार्षद को मिलेंगे 10 की बजाय 15 हजार रुपये
- पांच फरवरी को अमर उजाला ने पार्षद बोले- मानदेय बढ़ाओ शीर्षक के साथ खबर को किया था प्रकाशित
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
नगर निगम के 35 पार्षदों को राहत मिली है। पार्षदों को मानदेय अब पंजाब की तर्ज पर मिलेगा। उनकी मांग पंजाब के गवर्नर और यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने मान ली है। प्रशासक ने अधिकारियों से कहा है कि पार्षदों का मानदेय बढ़ा दिया जाए। निर्देश के मुताबिक अब पार्षदों को प्रत्येक माह मिलने वाले मानदेय में पांच हजार रुपये का इजाफा हो जाएगा। अब उन्हें 10 की बजाय 15 हजार रुपये मिलेंगे।
अमर उजाला ने पांच फरवरी के अंक में पार्षद बोले- अब हमारा भी मानदेय बढ़ाओ... र्शीषक की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। अब जारी ताजा निर्देश के तहत सभी पार्षदों को साल 2015 के जून माह से बढ़ा हुआ मानदेय मिलेगा। पिछला एरियल भी मिलेगा। ऐसे में साल 2015 से मानदेय बढ़कर मिलने से नगर निगम के पूर्व पार्षदों को भी फायदा मिलेगा, क्योंकि साल 2015 के दिसंबर में नगर निगम चुनाव हुए थे।
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मानदेय साल 2015 से पंजाब की जारी अधिसूचना के अनुसार मिलने का प्रस्ताव सदन ने पास किया था। यह प्रस्ताव प्रशासन को उसी साल ही भेजा गया था, लेकिन अभी तक उस पर मंजूरी नहीं मिली थी। जबकि भाजपा पार्षद सतीश कैंथ ने इस संबंध में दो बार प्रशासक को पत्र भी लिखा। वहीं पिछले दो वर्षों मेंयह मांग मेयर की तरफ से भी की जाती रही है। मेयर देवेश मोदगिल का कहना है कि हाल ही में गवर्नर हाउस में बैठक हुई थी। इसमें गवर्नर ने मानदेय बढ़ाने की फाइल मंजूर करने के लिए गृह सचिव को निर्देश दिए थे।
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मेयर के भी बढ़ेंगे 10 हजार
नगर निगम के मेयर को हर माह 30 हजार का मानदेय मिलता है, लेकिन गवर्नर ने मेयर के भी 10 हजार रुपये बढ़ा दिए हैं। ऐसे में अब हर माह मेयर को 40 हजार रुपये मानदेय मिलेगा। वहीं सीनियर डिप्टी मेयर को 24 हजार और डिप्टी मेयर को 18750 रुपये मिलते हैं। इसके अलावा हर माह दो हजार रुपये फोन का भत्ता और 500 रुपये प्रति मीटिंग के मिलते हैं। जबकि मेयर को सरकारी गाड़ी के अलावा घर भी मिलता है।