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ट्रैफिक रोड सेफ्टी वीक में पहुंचे डीजीपी

Tue, 05 Feb 2019 01:50 AM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Tue, 05 Feb 2019 01:50 AM IST
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ट्रैफिक रोड सेफ्टी वीक में पहुंचे डीजीपी
फोटो रिशु के ट्रेक से
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30वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह की शुरुआत
इस दौरान पेंटिंग प्रतियोगिता, फर्स्ट एंड ट्रेनिंग, हेलमेट रैली करके जागरूक करेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सेक्टर-46 स्थित गवर्नमेंट कालेज में ट्रैफिक पुलिस ने सोमवार को 30वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह का आगाज किया। ट्रैफिक पुलिस विभाग 4 से 10 फरवरी तक सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीजीपी संजय बेनीवाल उपस्थित हुए। इसके अलावा डीआईजी डॉ. ओपी मिश्रा, एसएसपी निलांबरी विजय जगदाले, एसएसपी ट्रैफिक शशांक आनंद, सेक्टर 46 गवर्नमेंट कालेज की प्रिंसिपल समेत अन्य पुलिसकर्मी मौजूद हुए।
इस अवसर पर ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने स्टिक ऑफ रोड सेफ्टी नाटक का आयोजन किया। इस दौरान डीजीपी ने एक्सीडेंट एनालाइज 2019 बुक को रिलीज किया। इस मौके पर डीजीपी ने कहा कि इस वर्ष सड़क सुरक्षा सप्ताह का स्लोगन सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा दिया गया है। रोड सेफ्टी वीक के दौरान पुलिस, स्कूलाें के छात्राें में पेंटिंग प्रतियोगिताएं, ट्रैफिक और पीसीआर जवानों को फर्स्ट एंड ट्रेनिंग, युवतियों के लिए हेलमेट रैली, रिक्शा और ड्राइवरों के लिए वर्कशाप का आयोजन, सड़क हादसों में घायलों के लिए रक्तदान शिविर और फ्री में हेल्थ चेकअप कैंप का आयोजन किया जाएगा।
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वर्ष 2017 और 2018 में हुए सड़क हादसे
रोड एक्सीडेंट एनालाइज बुक में ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि शहर में वर्ष 2017 में 107 सड़क हादसों में मौतें हुईं। वहीं 2018 में 98 मौत हो चुकी है। आंकड़ों के हिसाब से हादसों में कमी आई है। वर्ष 2017 में कुल 342 सड़क हादसे हुए। 2018 में घटकर 316 हो गए। 316 हादसों में से 219 घायल हुए थे जबकि 98 लोगों की मौत हुई थी। इसके अलावा 293 हादसे तेज रफ्तार के चलते हुए थे। 12 शराब पीकर गाड़ी चलाते समय हुए थे। इसके अलावा 10 हादसे रेड लाइट जंप करते और एक हादसा रांग साइड ड्राइविंग के चलते हुआ था। पिछले साल 98 मौत में 83 पुरुष और 15 महिलाएं थीं। इसके अलावा 149 हादसे वाहनों को साइड से टक्कर लगने के चलते हुए जिनमें 50 की मौत हो गई थी। 140 घायल हुए। साथ ही 108 हादसे वाहनों की पीछे से टक्कर लगने के चलते हुए जिनमें 35 लोगों ने जान गवाई और 87 घायल थे। 41 हादसों में लोगों के सिर पर चोटें आईं, 8 की मौत हुई और 57 जख्मी हो गए।
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