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पीजीआई की नर्सेज ने निकाला कैंडल मार्च
Updated Wed, 12 Dec 2018 01:40 AM IST
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फोटो समाचार
बॉस बदलने के लिए पीजीआई की नर्सें सड़कों पर
पीजीआई नर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन ने निकाला कैंडल मार्च, डिप्टी डायरेक्टर को बॉस बनाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मांगों को लेकर पीजीआई नर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन ने मंगलवार को कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान नर्सों ने मार्च में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। वेलफेयर एसोसिएशन का कहना है कि उनके बॉस मेडिकल सुपरिंटेंडेंट हैं। उनकी जगह डिप्टी डायरेक्टर को उनका बॉस बनाया जाए। नर्सेज का कहना है कि मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के पास काम का काफी दबाव है। इस वजह से वे नर्सेज की मांगों पर गौर नहीं कर पाते। इसके साथ ही कई सारे इश्यूज पेंडिंग हैं, जो काफी लंबे समय से चले आ रहे हैं। पिछले दस साल से चीफ नर्सिंग ऑफिसर नहीं है। उनकी नियुक्ति के लिए कोई प्रयास भी नहीं किए जा रहे हैं। जानबूझ कुछ ऐसे नियम बनाए गए हैं, जो कोई भी कभी पूरा नहीं कर सकता। 240 से ज्यादा नर्सों के पद खाली हैं, लेकिन उन्हें भरने की कोशिश नहीं की जा रही। पेशेंट का दबाव बढ़ रहा है। ट्रामा सेंटर में सिर्फ छह नर्सेज 100 से ज्यादा पेशेंट का काम संभालती हैं। एक नर्सेज पर तीन गुना वर्क लोड है। काम ज्यादा होने की वजह से नर्सेज पेशेंट को क्वालिटी केयर नहीं दे पा रहे। पीने के लिए पानी नहीं है। घर से ही पानी लेकर आना पड़ता है। कई नर्सेज का कंफर्मेशन का लेटर दस साल से ज्यादा वक्त से पेंडिंग है, जबकि नियम के मुताबिक दो साल में हो जाना चाहिए। निवेदिता हास्टल में एसी प्लांट बनाया जा रहा है, जो काफी शोर करता है। ऐसे में जो नर्सेज रात की ड्यूटी करके आएंगी वे कैसे सो पाएंगी। कैं डल मार्च के दौरान एसोसिएशन ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की। उनका कैंडल मार्च पीयू के मुख्य गेट से सेक्टर-17 प्लाजा तक गया। इस मौके पर प्रेसिडेंट शिंदरपाल कौर, जनरल सेक्रेटरी सत्यवीर सिंह डागूर, विनोद सिद्धू वाइस प्रेसिडेंट, अंजू बाला खजांची, नरेंद्र त्यागी आर्गनाइजिंग सेक्रेटरी मौजूद रहे।
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बॉस बदलने के लिए पीजीआई की नर्सें सड़कों पर
पीजीआई नर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन ने निकाला कैंडल मार्च, डिप्टी डायरेक्टर को बॉस बनाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मांगों को लेकर पीजीआई नर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन ने मंगलवार को कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान नर्सों ने मार्च में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। वेलफेयर एसोसिएशन का कहना है कि उनके बॉस मेडिकल सुपरिंटेंडेंट हैं। उनकी जगह डिप्टी डायरेक्टर को उनका बॉस बनाया जाए। नर्सेज का कहना है कि मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के पास काम का काफी दबाव है। इस वजह से वे नर्सेज की मांगों पर गौर नहीं कर पाते। इसके साथ ही कई सारे इश्यूज पेंडिंग हैं, जो काफी लंबे समय से चले आ रहे हैं। पिछले दस साल से चीफ नर्सिंग ऑफिसर नहीं है। उनकी नियुक्ति के लिए कोई प्रयास भी नहीं किए जा रहे हैं। जानबूझ कुछ ऐसे नियम बनाए गए हैं, जो कोई भी कभी पूरा नहीं कर सकता। 240 से ज्यादा नर्सों के पद खाली हैं, लेकिन उन्हें भरने की कोशिश नहीं की जा रही। पेशेंट का दबाव बढ़ रहा है। ट्रामा सेंटर में सिर्फ छह नर्सेज 100 से ज्यादा पेशेंट का काम संभालती हैं। एक नर्सेज पर तीन गुना वर्क लोड है। काम ज्यादा होने की वजह से नर्सेज पेशेंट को क्वालिटी केयर नहीं दे पा रहे। पीने के लिए पानी नहीं है। घर से ही पानी लेकर आना पड़ता है। कई नर्सेज का कंफर्मेशन का लेटर दस साल से ज्यादा वक्त से पेंडिंग है, जबकि नियम के मुताबिक दो साल में हो जाना चाहिए। निवेदिता हास्टल में एसी प्लांट बनाया जा रहा है, जो काफी शोर करता है। ऐसे में जो नर्सेज रात की ड्यूटी करके आएंगी वे कैसे सो पाएंगी। कैं डल मार्च के दौरान एसोसिएशन ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की। उनका कैंडल मार्च पीयू के मुख्य गेट से सेक्टर-17 प्लाजा तक गया। इस मौके पर प्रेसिडेंट शिंदरपाल कौर, जनरल सेक्रेटरी सत्यवीर सिंह डागूर, विनोद सिद्धू वाइस प्रेसिडेंट, अंजू बाला खजांची, नरेंद्र त्यागी आर्गनाइजिंग सेक्रेटरी मौजूद रहे।