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पीयू में खुलेंगे नौक रियों के रासते

Fri, 08 Mar 2019 01:31 AM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Fri, 08 Mar 2019 01:31 AM IST
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पीयू में खुलेंगे नौक रियों के रासते
पीयू में शिक्षकों व कर्मचारियों की कमी जल्द होगी दूर, 800 नई भर्तियां होंगी
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- 500 शिक्षक और 300 कर्मचारियों की जाएगी तैनाती
- एमएचआरडी ने काफी समय से नियुक्तियों पर लगाई थी रोक

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शिक्षकों और कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे पंजाब यूनिवर्सिटी को जल्द ही राहत मिल सकती है। नए शैक्षिक से पहले पीयू में 800 शिक्षक और कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से अन्य विश्वविद्यालयों में भी रिक्त पदों का ब्योरा मांगा गया है। पीयू में कई साल से नियुक्तियां नहीं हो रही हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इसके लिए कई तर्क दिए थे। उन्होंने कहा था कि कई पेचीदे मामलों को निपटाने के बाद नियुक्तियां की जाएंगी। सूत्रों का कहना है कि अब विश्वविद्यालयों में शिक्षकों व कर्मचारियों की भर्तियां होंगी।
आंकड़ों पर गौर करें तो पीयू में छात्रों की संख्या के मुताबिक लगभग 900 शिक्षक चाहिए। साथ ही 550 कर्मचारियों की आवश्यकता है। इतनी बड़ी संख्या में तो तैनाती नहीं की जा सकती। सूत्रों का कहना है कि लगभग 40 से 45 फीसदी खाली सीटें भरी जाएंगी। इसके अनुसार करीब 800 नियुक्तियां होंगी। इसमें भी 65 फीसदी नियुक्तियां शिक्षकों की होंगी। इस तरह लगभग 500 शिक्षक रखे जाएंगे। बाकी भर्तियां कर्मचारियों की होंगी। इनके 300 पद भरे जाने की तैयारी चल रही है।
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इनसेट---
वीसी ने भी कई बार भेजा एमएचआरडी को प्रस्ताव
सूत्रों का कहना है कि शिक्षकों व कर्मचारियों के खाली पड़े पदों को भरने के लिए वीसी प्रो. राजकुमार ने भी कई बार मानव संसाधन विकास मंत्रालय को अवगत कराया है। माना जा रहा है कि उनकी मेहनत भी इस कार्य में रही है। इसके अलावा 30 अन्य विश्वविद्यालयों में भी शिक्षकों की भर्तियां होंगी। उन विश्वविद्यालयों से भी खाली सीटों का ब्योरा मांगा जा रहा है।
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आरक्षण भी बन रहा कारण
जानकारों का कहना है कि गरीब सवर्णों को शिक्षण संस्थानों में मिले आरक्षण के बाद दस फीसदी सीटें बढ़ने जा रही हैं। इसलिए उनको पढ़ाने के लिए शिक्षकों की जरूरत है। साथ ही उनका कार्य करने के लिए कर्मचारी भी चाहिए। यदि इनकी तैनाती नहीं हुई तो इन बढ़ी सीटों का भार भी उन्हीं शिक्षकों व कर्मचारियों पर पड़ेगा। इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होगी। सूत्रों का कहना है कि बढ़ी सीटें भी नियुक्तियों का बड़ा कारण बन रही हैं।
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