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Panchkula News: होशियारपुर में 50 मीटर से ज्यादा गहरे खनन का आरोप, मौके पर जांच का आदेश
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तस्वीरों में दिखी खनन की गहराई पर अदालत गंभीर
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एक सप्ताह में देंगे सीलबंद रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने होशियारपुर में निर्धारित सीमा से अधिक गहरे खनन के आरोपों पर सख्त रुख अपनाया है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत में तस्वीरें पेश कर 50 मीटर से अधिक, कुछ स्थानों पर 100 मीटर तक खनन का दावा किया।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति यशवीर सिंह राठौर की खंडपीठ ने मौके के निरीक्षण का आदेश दिया। अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), होशियारपुर के सचिव को जांच करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि संबंधित स्थान पर खनन की अनुमति नहीं थी।
उनका कहना था कि निर्धारित सीमा केवल तीन मीटर थी जबकि मौके पर कथित तौर पर 50 मीटर से अधिक गहराई तक खनन हुआ है। खंडपीठ ने होशियारपुर के उपायुक्त और खनन अधिकारी को डीएलएसए सचिव को निरीक्षण के दौरान सहायता देने का निर्देश दिया।
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जांच और अगली सुनवाई :
जांच रिपोर्ट में खनन की वास्तविक गहराई, क्षेत्र, स्थिति और अक्षांश-देशांतर का विवरण दिया जाएगा। यह रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट को पेश करनी होगी। याचिकाकर्ताओं ने मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच की मांग की है जिस पर हाईकोर्ट ने अभी फैसला नहीं लिया है। अदालत पहले जांच रिपोर्ट देखेगी, फिर सीबीआई जांच पर विचार करेगी। मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एक सप्ताह में देंगे सीलबंद रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने होशियारपुर में निर्धारित सीमा से अधिक गहरे खनन के आरोपों पर सख्त रुख अपनाया है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत में तस्वीरें पेश कर 50 मीटर से अधिक, कुछ स्थानों पर 100 मीटर तक खनन का दावा किया।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति यशवीर सिंह राठौर की खंडपीठ ने मौके के निरीक्षण का आदेश दिया। अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), होशियारपुर के सचिव को जांच करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि संबंधित स्थान पर खनन की अनुमति नहीं थी।
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उनका कहना था कि निर्धारित सीमा केवल तीन मीटर थी जबकि मौके पर कथित तौर पर 50 मीटर से अधिक गहराई तक खनन हुआ है। खंडपीठ ने होशियारपुर के उपायुक्त और खनन अधिकारी को डीएलएसए सचिव को निरीक्षण के दौरान सहायता देने का निर्देश दिया।
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जांच और अगली सुनवाई :
जांच रिपोर्ट में खनन की वास्तविक गहराई, क्षेत्र, स्थिति और अक्षांश-देशांतर का विवरण दिया जाएगा। यह रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट को पेश करनी होगी। याचिकाकर्ताओं ने मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच की मांग की है जिस पर हाईकोर्ट ने अभी फैसला नहीं लिया है। अदालत पहले जांच रिपोर्ट देखेगी, फिर सीबीआई जांच पर विचार करेगी। मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी।