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नहीं पड़ेगी फिजियोथेरेपिस्ट की जरूरत, अब ‘रोबो रिहैब’ करेगा मदद
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नहीं पड़ेगी फिजियोथेरेपिस्ट की जरूरत, अब ‘रोबो रिहैब’ कराएगा एक्सरसाइज
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सीएसआईआर-सीएसआईओ ने मिलकर पहला फुली ऑटोमेटिक मशीन का किया निर्माण
एंकल इंजरी में मरीजों के लिए वरदान साबित होगा ‘रोबो रिहैब’
रिशु राज सिंह
चंडीगढ़। फिजियोथेरेपी कराने के लिए अब लोगों को न तो ज्यादा पैसे खर्च करने की जरूरत है और न ही लंबी लाइनों में लगकर डॉक्टरों का इंतजार करने की। सीएसआईआर-सीएसआईओ ने मिलकर पहला फुली ऑटोमेटिक मशीन का निर्माण किया है, जिसमें एक बार डाटा फीड करने बाद वह खुद ही फिजियोथेरेपिस्ट की तरह आपको एक्सरसाइज कराएगा। वैज्ञानिकों ने मशीन को ‘रोबो रिहैब’ नाम दिया है। रोबो रिहैब की मूवमेंट कैसी है, क्या वह सही से काम कर रहा है या नहीं। इस पर मोबाइल एप की मदद से आप नजर भी रख सकते हैं।
इस मशीन के बाजार में आ जाने के बाद से बार-बार फिजियोथेरेपी कराने का खर्च भी बचेगा। एंकल इंजरी कई कारणों से हो सकता है। यदि इनका ठीक से इलाज नहीं किया जाता है, तो दीर्घकालिक समस्याएं हो सकती हैं। वहीं फिजियोथेरेपी इसके उपचार का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यह प्रक्रिया काफी लंबी चलती है, जिसमें काफी पैसा खर्च होगा है। इसी को देखते हुए सीएसआईओ के वैज्ञानिकों ने ‘रोबो रिहैब’ को बनाने का निर्णय लिया। कई सालों की मेहनत के बाद सीएसआईआर-सीएसआईओ द्वारा तैयार की गई यह मशीन अब पूरी तरह से तैयार है। मशीन का सफल ट्रायल भी किया जा चुका है। आने वाले कुछ समय में यह मशीन बाजार में होगी, जिसकी कीमत करीब 20 हजार रुपये होगी।
ऐसे काम करेगा मशीन
किसी भी व्यक्ति को एंकल इंजरी है और फिजियोथेरेपी करानी है तो यह मशीन मदद करेगी। डॉक्टर एप में फीड करेगा या पेशेंट को बताएगा कि कितने डिग्री तक मूमवेंट करनी है, कितनी स्पीड से करनी है और कितनी देर तक करनी है। इसके बाद पेशेंट मशीन में पैर रखकर सारा डाटा मशीन में फीड कर देगा और रिलेक्स होकर बैठ जाएगा। डाक्टर द्वारा बताए वैल्यू के अनुसार ही मशीन एक्सरसाइज कराना शुरू कर देगा। साथ ही पेशेंट को ऑटोमेटिक रिपोर्ट भी मुहैया कराएगा, जिसके माध्यम से यह पता लगाया जा सकेगा कि पेशेंट कितनी तेजी से ठीक हो रहा है।
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मोबाइल एप से रख सकेंगे नजर
इस मशीन का निर्माण भविष्य को ध्यान में रख कर किया गया है इसलिए इसे मोबाइल एप से जोड़ा गया है। एप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति जरूरत के हिसाब से एक्सरसाइज कर सकेगा। उन्होंने बताया कि बाजार में इस टाइप की कोई मशीन उपलब्ध नहीं है। कुछ जगहों पर ऐसी मशीन उपलब्ध है, उसे विदेशों से इंपोर्ट किया गया है। भारत में बनी यह पहली मशीन है। इंपोर्ट की गई मशीन की कीमत लाखों में है, जबकि भारत में बनी ‘रोबो रिहैब’ की कीमत महज हजारों में है।
प्रमुख विशेषताएं
- किसी भी उम्र के व्यक्ति के लिए आसान
- ऑटोमेटिक पेशेंट रिपोर्ट
- पोर्टेबल
- कम लागत
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सीएसआईआर-सीएसआईओ ने मिलकर पहला फुली ऑटोमेटिक मशीन का किया निर्माण
एंकल इंजरी में मरीजों के लिए वरदान साबित होगा ‘रोबो रिहैब’
रिशु राज सिंह
चंडीगढ़। फिजियोथेरेपी कराने के लिए अब लोगों को न तो ज्यादा पैसे खर्च करने की जरूरत है और न ही लंबी लाइनों में लगकर डॉक्टरों का इंतजार करने की। सीएसआईआर-सीएसआईओ ने मिलकर पहला फुली ऑटोमेटिक मशीन का निर्माण किया है, जिसमें एक बार डाटा फीड करने बाद वह खुद ही फिजियोथेरेपिस्ट की तरह आपको एक्सरसाइज कराएगा। वैज्ञानिकों ने मशीन को ‘रोबो रिहैब’ नाम दिया है। रोबो रिहैब की मूवमेंट कैसी है, क्या वह सही से काम कर रहा है या नहीं। इस पर मोबाइल एप की मदद से आप नजर भी रख सकते हैं।
इस मशीन के बाजार में आ जाने के बाद से बार-बार फिजियोथेरेपी कराने का खर्च भी बचेगा। एंकल इंजरी कई कारणों से हो सकता है। यदि इनका ठीक से इलाज नहीं किया जाता है, तो दीर्घकालिक समस्याएं हो सकती हैं। वहीं फिजियोथेरेपी इसके उपचार का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यह प्रक्रिया काफी लंबी चलती है, जिसमें काफी पैसा खर्च होगा है। इसी को देखते हुए सीएसआईओ के वैज्ञानिकों ने ‘रोबो रिहैब’ को बनाने का निर्णय लिया। कई सालों की मेहनत के बाद सीएसआईआर-सीएसआईओ द्वारा तैयार की गई यह मशीन अब पूरी तरह से तैयार है। मशीन का सफल ट्रायल भी किया जा चुका है। आने वाले कुछ समय में यह मशीन बाजार में होगी, जिसकी कीमत करीब 20 हजार रुपये होगी।
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ऐसे काम करेगा मशीन
किसी भी व्यक्ति को एंकल इंजरी है और फिजियोथेरेपी करानी है तो यह मशीन मदद करेगी। डॉक्टर एप में फीड करेगा या पेशेंट को बताएगा कि कितने डिग्री तक मूमवेंट करनी है, कितनी स्पीड से करनी है और कितनी देर तक करनी है। इसके बाद पेशेंट मशीन में पैर रखकर सारा डाटा मशीन में फीड कर देगा और रिलेक्स होकर बैठ जाएगा। डाक्टर द्वारा बताए वैल्यू के अनुसार ही मशीन एक्सरसाइज कराना शुरू कर देगा। साथ ही पेशेंट को ऑटोमेटिक रिपोर्ट भी मुहैया कराएगा, जिसके माध्यम से यह पता लगाया जा सकेगा कि पेशेंट कितनी तेजी से ठीक हो रहा है।
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मोबाइल एप से रख सकेंगे नजर
इस मशीन का निर्माण भविष्य को ध्यान में रख कर किया गया है इसलिए इसे मोबाइल एप से जोड़ा गया है। एप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति जरूरत के हिसाब से एक्सरसाइज कर सकेगा। उन्होंने बताया कि बाजार में इस टाइप की कोई मशीन उपलब्ध नहीं है। कुछ जगहों पर ऐसी मशीन उपलब्ध है, उसे विदेशों से इंपोर्ट किया गया है। भारत में बनी यह पहली मशीन है। इंपोर्ट की गई मशीन की कीमत लाखों में है, जबकि भारत में बनी ‘रोबो रिहैब’ की कीमत महज हजारों में है।
प्रमुख विशेषताएं
- किसी भी उम्र के व्यक्ति के लिए आसान
- ऑटोमेटिक पेशेंट रिपोर्ट
- पोर्टेबल
- कम लागत