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आईसक्रीम, ब्रेड, आचार से लेकर कॉस्मेटिक का सामान, यहां मिलेगा सबकुछ आर्गेनिक
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वूमेन ऑफ इंडिया ऑर्गेनिक फेस्टिवल आज से, सबकुछ मिलेगा आर्गेनिक
- लेजर वैली में आयोजित तीन दिवसीय फेस्टिवल में आर्गेनिक आइसक्रीम, ब्रेड, आचार का लीजिए लुत्फ
- लिट्टी-चोखा, उतपम, दालबाटी चूरमा जैसे व्यंजन भी आकर्षण का केंद्र
रिशु राज सिंह
चंडीगढ़। आपने आर्गेनिक फल सब्जियों के बारे में जरूर सुना होगा, लेकिन क्या आर्गेनिक आइसक्रीम, ब्रेड, आचार, परफ्यूम, कपड़े, आभूषण और आर्गेनिक कॉस्मेटिक के सामान के बारे में सुना है। अगर नहीं तो आज सेक्टर-10 स्थित लेजर वैली में जरूर पहुंचें। यहां महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से छठवां भारतीय महिला आर्गेनिक उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। 12 से 14 जनवरी तक चलने वाले मेले की खासियत यह है कि यहां के सभी के 72 स्टॉल महिलाएं ही लगाएंगी। मेले का शुभारंभ सुबह साढ़े 10 बजे महिला व बाल विकास चंडीगढ़ के सेक्रेटरी बीएल शर्मा करेंगे। यहां सभी के एंट्री फ्री है।
यहां सबकुछ आर्गेनिक
यहां सभी तरह के आर्गेनिक उत्पाद हैं, जिसमें दालें, शहद, साबुन, कास्मेटिक, आर्गेनिक आइसक्रीम, कपड़े, चावल, आभूषण, परफ्यूम, ब्रेड व बेकरी आइटम, चाय, ड्राई फ्रूट, तेल, आचार, बीज, मसाले व और भी कई तरह के आर्गेनिक सामान हैं। इस मेलेे का मकसद महिला उद्यमियों और महिला उत्पादकों को मुख्यधारा में जोड़ने का है। केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय हर साल इसका आयोजन करता है। चंडीगढ़ में पहली बार इस तरह के मेले का आयोजन हुआ है। इससे पहले गुजरात, मुंबई व दिल्ली में भी इस मेले का आयोजन हो चुका है।
लिट्टी-चोखा, दालबाटी चूरमा का स्वाद भी
मेले का एक आकर्षण 20 स्टॉल वाला फूड कोर्ट भी है। यहां पंजाब से मक्की की रोटी और सरसों का साग, दक्षिण भारत से इडली-डोसा व उत्तपम, बिहार से लिट्टी-चोखा, मध्यप्रदेश के दाल-बाफले, दालबाटी चूरमा व अन्य कई राज्यों के पकवान भी चखने को मिलेंगे। यहां खासबात यह रहेगी कि सभी पकवान आर्गेनिक उत्पादों से बनेंगे। यहां हर शाम कल्चर प्रोग्राम का भी आयोजन किया जाएगा।
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बीते 5 सालों मे बढ़ी ऑर्गेनिक उत्पादों की डिमांड
पिछले कुछ सालों में ऑर्गेनिक उत्पादों की डिमांड काफी बढ़ गई है। एक रिपोर्ट बताती है कि साल 2020 तक देश में ऑर्गेनिक मार्केट 12 हजार करोड़ रुपए को छू लेगा। देश ही नहीं, विदेशों में भी ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स की डिमांड बढ़ रही है। इसके पीछे का एक बड़ा कारण फल-सब्जियों में पाए जाने वाले केमिकल की वजह से हो रही गंभीर बीमारी है। एक रिपोर्ट के अनुसार पूरे उत्तर भारत में कैंसर के मरीज बढ़ रहे हैं। इसका एक कारण फलों और हर सब्जियों में केमिकल का इस्तेमाल भी है। फलों-सब्जियों में पाए जाने वाले केमिकल शरीर के लिए बेहद खतरनाक होते हैं, इसलिए अब लोग ऑर्गेनिक फूड की ओर जा रहे हैं।
क्या है ऑर्गेनिक फार्मिंग?
ऑर्गेनिक फार्मिंग में रासायनिक उर्वरकों, रासायनिक कीटनाशकों तथा खरपतवारनाशकों की बजाय गोबर की खाद, कम्पोस्ट खाद, हरी खाद, वैक्टीरिया कल्चर, जैविक खाद और जैविक कीटनाशकों आदि से खेती की जाती है। यह इन्वायरमेंट फ्रेंडली होती है और शरीर के लिए पूरी तरह फिट होती है। इसके अलावा ऑर्गेनिक फार्मिंग टॉक्सिक लोड कम करती है। हालांकि कैमिकल के इस्तेमाल से पैदा होने वाले फूड प्रोडक्ट्स सस्ते होते हैं। बावजूद इसके जागरूकता के चलते ऑर्गेनिक फार्मिंग से पैदा प्रोडक्ट्स की डिमांड बढ़ रही है।
---वर्जन---
आर्गेनिक उत्पाद पर्यावरण के साथ ही सेहत के लिए भी लाभदायक होते हैं। केमिकल खाद और कीटनाशक के प्रयोग से पैदा किये जा रहे उत्पादों के नुकसान का सबसे ज्यादा असर बच्चों की सेहत पर पड़ता है। इसलिए सरकार आर्गेनिक उत्पादों को बढ़ावा दे रही हैं। यहां देशभर के प्रसिद्ध पकवान भी शहरवासियों को चखने को मिलेंगे। - डॉ. केसी जॉर्ज, ज्वाइंट डॉयरेक्टर, राष्ट्रीय जन सहयोग एवं बाल विकास संस्थान (एनआईपीसीसीडी), नई दिल्ली
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वूमेन ऑफ इंडिया ऑर्गेनिक फेस्टिवल आज से, सबकुछ मिलेगा आर्गेनिक
- लेजर वैली में आयोजित तीन दिवसीय फेस्टिवल में आर्गेनिक आइसक्रीम, ब्रेड, आचार का लीजिए लुत्फ
- लिट्टी-चोखा, उतपम, दालबाटी चूरमा जैसे व्यंजन भी आकर्षण का केंद्र
रिशु राज सिंह
चंडीगढ़। आपने आर्गेनिक फल सब्जियों के बारे में जरूर सुना होगा, लेकिन क्या आर्गेनिक आइसक्रीम, ब्रेड, आचार, परफ्यूम, कपड़े, आभूषण और आर्गेनिक कॉस्मेटिक के सामान के बारे में सुना है। अगर नहीं तो आज सेक्टर-10 स्थित लेजर वैली में जरूर पहुंचें। यहां महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से छठवां भारतीय महिला आर्गेनिक उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। 12 से 14 जनवरी तक चलने वाले मेले की खासियत यह है कि यहां के सभी के 72 स्टॉल महिलाएं ही लगाएंगी। मेले का शुभारंभ सुबह साढ़े 10 बजे महिला व बाल विकास चंडीगढ़ के सेक्रेटरी बीएल शर्मा करेंगे। यहां सभी के एंट्री फ्री है।
यहां सबकुछ आर्गेनिक
यहां सभी तरह के आर्गेनिक उत्पाद हैं, जिसमें दालें, शहद, साबुन, कास्मेटिक, आर्गेनिक आइसक्रीम, कपड़े, चावल, आभूषण, परफ्यूम, ब्रेड व बेकरी आइटम, चाय, ड्राई फ्रूट, तेल, आचार, बीज, मसाले व और भी कई तरह के आर्गेनिक सामान हैं। इस मेलेे का मकसद महिला उद्यमियों और महिला उत्पादकों को मुख्यधारा में जोड़ने का है। केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय हर साल इसका आयोजन करता है। चंडीगढ़ में पहली बार इस तरह के मेले का आयोजन हुआ है। इससे पहले गुजरात, मुंबई व दिल्ली में भी इस मेले का आयोजन हो चुका है।
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लिट्टी-चोखा, दालबाटी चूरमा का स्वाद भी
मेले का एक आकर्षण 20 स्टॉल वाला फूड कोर्ट भी है। यहां पंजाब से मक्की की रोटी और सरसों का साग, दक्षिण भारत से इडली-डोसा व उत्तपम, बिहार से लिट्टी-चोखा, मध्यप्रदेश के दाल-बाफले, दालबाटी चूरमा व अन्य कई राज्यों के पकवान भी चखने को मिलेंगे। यहां खासबात यह रहेगी कि सभी पकवान आर्गेनिक उत्पादों से बनेंगे। यहां हर शाम कल्चर प्रोग्राम का भी आयोजन किया जाएगा।
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बीते 5 सालों मे बढ़ी ऑर्गेनिक उत्पादों की डिमांड
पिछले कुछ सालों में ऑर्गेनिक उत्पादों की डिमांड काफी बढ़ गई है। एक रिपोर्ट बताती है कि साल 2020 तक देश में ऑर्गेनिक मार्केट 12 हजार करोड़ रुपए को छू लेगा। देश ही नहीं, विदेशों में भी ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स की डिमांड बढ़ रही है। इसके पीछे का एक बड़ा कारण फल-सब्जियों में पाए जाने वाले केमिकल की वजह से हो रही गंभीर बीमारी है। एक रिपोर्ट के अनुसार पूरे उत्तर भारत में कैंसर के मरीज बढ़ रहे हैं। इसका एक कारण फलों और हर सब्जियों में केमिकल का इस्तेमाल भी है। फलों-सब्जियों में पाए जाने वाले केमिकल शरीर के लिए बेहद खतरनाक होते हैं, इसलिए अब लोग ऑर्गेनिक फूड की ओर जा रहे हैं।
क्या है ऑर्गेनिक फार्मिंग?
ऑर्गेनिक फार्मिंग में रासायनिक उर्वरकों, रासायनिक कीटनाशकों तथा खरपतवारनाशकों की बजाय गोबर की खाद, कम्पोस्ट खाद, हरी खाद, वैक्टीरिया कल्चर, जैविक खाद और जैविक कीटनाशकों आदि से खेती की जाती है। यह इन्वायरमेंट फ्रेंडली होती है और शरीर के लिए पूरी तरह फिट होती है। इसके अलावा ऑर्गेनिक फार्मिंग टॉक्सिक लोड कम करती है। हालांकि कैमिकल के इस्तेमाल से पैदा होने वाले फूड प्रोडक्ट्स सस्ते होते हैं। बावजूद इसके जागरूकता के चलते ऑर्गेनिक फार्मिंग से पैदा प्रोडक्ट्स की डिमांड बढ़ रही है।
---वर्जन---
आर्गेनिक उत्पाद पर्यावरण के साथ ही सेहत के लिए भी लाभदायक होते हैं। केमिकल खाद और कीटनाशक के प्रयोग से पैदा किये जा रहे उत्पादों के नुकसान का सबसे ज्यादा असर बच्चों की सेहत पर पड़ता है। इसलिए सरकार आर्गेनिक उत्पादों को बढ़ावा दे रही हैं। यहां देशभर के प्रसिद्ध पकवान भी शहरवासियों को चखने को मिलेंगे। - डॉ. केसी जॉर्ज, ज्वाइंट डॉयरेक्टर, राष्ट्रीय जन सहयोग एवं बाल विकास संस्थान (एनआईपीसीसीडी), नई दिल्ली