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कैट के रिजल्ट में ट्राईसिटी टॉपर बने आयुष चौहान
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पंचकूला के आयुष चौहान ट्राइसिटी में कैट के टॉपर
- सेकेंड टर्म में पाए 99.99 पर्सनटाइल अंक
- रीजन से 8500 स्टूडेंट्स ने दिया था एग्जाम
-99 पर्सनटाइल पाने वालों में केवल 15 स्टूडेंट्स
फोटो---
सुशील कुमार
चंडीगढ़। कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) में पंचकूला के आयुष चौहान ने ट्राइसिटी में टॉप किया है। उन्होंने 99.99 पर्सनटाइल अंक पाकर काययाबी का झंडा बुलंद किया है। कैट का रिजल्ट शनिवार को दोपहर बाद घोषित कर दिया गया। पूरे रीजन से महज 15 स्टूडेंट्स को ही 99 पर्सनटाइल अंक मिले हैं। बाकी के अंक इससे कम हैं। अब आयुष इंटरव्यू व ग्रुप डिस्कशन की तैयारी में जुट गए हैं। वहां से कामयाबी मिलने के बाद उनका चयन आईआईएम में एमबीए के लिए होगा।
पंचकूला के सेक्टर- 20 निवासी आयुष के पिता प्रताप चौहान बिजनेसमैन हैं। उनकी मां पुष्पा चौहान गृहणी हैं। आयुष ने 2018 में थापर विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री ली है। उसमें भी उन्हें काफी अच्छे अंक मिले हैं। पिछले साल भी उन्होंने कैट का पेपर दिया, लेकिन संतोषजनक अंक नहीं मिले थे। उन्होंने फिर से तैयारी की। हर दिन दो घंटे पढ़ाई करते थे। साथ ही कोचिंग का भी सहारा लिया। इसी का नतीजा है कि आज उन्हें मनमाफिक रिजल्ट मिल गया। मालूम हो कि रीजन से लगभग 8500 स्टूडेंट्स ने कैट का एग्जाम दिया था। देशभर से इन विद्यार्थियों का आंकड़ा लगभग 2.40 लाख है। चयनित स्टूडेंट्स का देश के 20 आईआईएम की 12000 सीटों के लिए चयन होगा।
बहन हैं रोल मॉडल
आयुष के पिता व मां शिमला में व्यवसाय करते हैं। वह पंचकूला में अकेले रहते हैं। यहीं से उन्होंने कैट की तैयारी की। उन्होंने कहा कि उनकी बहन विशा मेरी रोल मॉडल हैं। बहन एमबीए करने के बाद जॉब कर रही हैं। उन्हीं से प्रेरित होकर आयुष भी मैनेजमेंट में जाना चाहते थे और भगवान के आशीर्वाद से उनकी इच्छा भी पूरी हो गई। माता-पिता ने भी उन्हें खूब सपोर्ट किया।
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कोचिंग के शिक्षक करते हैं मोटीवेशन
आयुष का कहना है कि कैट की पढ़ाई बिना कोचिंग के भी की जा सकती है, लेकिन कोचिंग लेनी जरूरी है। वहां शिक्षक मोटीवेशन के साथ साथ एग्जाम लेते हैं, जिसके माध्यम से कैट का एग्जाम और आसान हो जाता है। उन्होंने अन्य स्टूडेंट्स को प्रेरणा देते कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर उस पर डटे रहने से सफलता जरूर मिलती है।
मोदी पसंदीदा राजनेता, लेकिन उनका आम लोगों की ओर झुकाव कम
टॉपर आयुष का कहना है कि पीएम नरेंद्र मोदी उनके पसंदीदा राजनेता हैं, लेकिन वर्तमान में वह बड़े लोगों की ओर अधिक ध्यान दे रहे हैं। आम लोगों की ओर झुकाव कम दिखता है। अमीर और गरीब के बीच की खाई बढ़ती जा रही है। इस ओर पीएम मोदी को देखना होगा।
वित्त व्यवस्था में सुधार करना लक्ष्य
मैनेजमेंट करने के बाद मेरा लक्ष्य होगा कि मैं देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्रदान करूं। वित्त व्यवस्था का मैनेजमेंट बेहतर होता है तो देश भी प्रगति करता है जो अभी कुछ ठीक नहीं लगता। अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा हेल्थ व शिक्षा के क्षेत्र में अधिक खर्च होना चाहिए जो वर्तमान में नहीं है। आम आदमी को शिक्षा व स्वास्थ्य पहले चाहिए।
इनसेट---
इन विद्यार्थियों ने भी मारी बाजी
नाम पर्सनटाइल
अभिनव सिंगला 99.57
अनुकरन अरोरा 99.57
दीपांशु जैन 99.57
जतिन सिंगला 99.3
सिमरन पसरिचा 99.26
वरुण कपिला 99.09
धनीश कोहली 98.68
पूरव बंसल 98.47
रूपल चोपड़ा 97.62
शुभम सिंह राजपूत 97.42
अंकिता मित्तल 97.34
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पंचकूला के आयुष चौहान ट्राइसिटी में कैट के टॉपर
- सेकेंड टर्म में पाए 99.99 पर्सनटाइल अंक
- रीजन से 8500 स्टूडेंट्स ने दिया था एग्जाम
-99 पर्सनटाइल पाने वालों में केवल 15 स्टूडेंट्स
फोटो---
सुशील कुमार
चंडीगढ़। कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) में पंचकूला के आयुष चौहान ने ट्राइसिटी में टॉप किया है। उन्होंने 99.99 पर्सनटाइल अंक पाकर काययाबी का झंडा बुलंद किया है। कैट का रिजल्ट शनिवार को दोपहर बाद घोषित कर दिया गया। पूरे रीजन से महज 15 स्टूडेंट्स को ही 99 पर्सनटाइल अंक मिले हैं। बाकी के अंक इससे कम हैं। अब आयुष इंटरव्यू व ग्रुप डिस्कशन की तैयारी में जुट गए हैं। वहां से कामयाबी मिलने के बाद उनका चयन आईआईएम में एमबीए के लिए होगा।
पंचकूला के सेक्टर- 20 निवासी आयुष के पिता प्रताप चौहान बिजनेसमैन हैं। उनकी मां पुष्पा चौहान गृहणी हैं। आयुष ने 2018 में थापर विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री ली है। उसमें भी उन्हें काफी अच्छे अंक मिले हैं। पिछले साल भी उन्होंने कैट का पेपर दिया, लेकिन संतोषजनक अंक नहीं मिले थे। उन्होंने फिर से तैयारी की। हर दिन दो घंटे पढ़ाई करते थे। साथ ही कोचिंग का भी सहारा लिया। इसी का नतीजा है कि आज उन्हें मनमाफिक रिजल्ट मिल गया। मालूम हो कि रीजन से लगभग 8500 स्टूडेंट्स ने कैट का एग्जाम दिया था। देशभर से इन विद्यार्थियों का आंकड़ा लगभग 2.40 लाख है। चयनित स्टूडेंट्स का देश के 20 आईआईएम की 12000 सीटों के लिए चयन होगा।
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बहन हैं रोल मॉडल
आयुष के पिता व मां शिमला में व्यवसाय करते हैं। वह पंचकूला में अकेले रहते हैं। यहीं से उन्होंने कैट की तैयारी की। उन्होंने कहा कि उनकी बहन विशा मेरी रोल मॉडल हैं। बहन एमबीए करने के बाद जॉब कर रही हैं। उन्हीं से प्रेरित होकर आयुष भी मैनेजमेंट में जाना चाहते थे और भगवान के आशीर्वाद से उनकी इच्छा भी पूरी हो गई। माता-पिता ने भी उन्हें खूब सपोर्ट किया।
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कोचिंग के शिक्षक करते हैं मोटीवेशन
आयुष का कहना है कि कैट की पढ़ाई बिना कोचिंग के भी की जा सकती है, लेकिन कोचिंग लेनी जरूरी है। वहां शिक्षक मोटीवेशन के साथ साथ एग्जाम लेते हैं, जिसके माध्यम से कैट का एग्जाम और आसान हो जाता है। उन्होंने अन्य स्टूडेंट्स को प्रेरणा देते कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर उस पर डटे रहने से सफलता जरूर मिलती है।
मोदी पसंदीदा राजनेता, लेकिन उनका आम लोगों की ओर झुकाव कम
टॉपर आयुष का कहना है कि पीएम नरेंद्र मोदी उनके पसंदीदा राजनेता हैं, लेकिन वर्तमान में वह बड़े लोगों की ओर अधिक ध्यान दे रहे हैं। आम लोगों की ओर झुकाव कम दिखता है। अमीर और गरीब के बीच की खाई बढ़ती जा रही है। इस ओर पीएम मोदी को देखना होगा।
वित्त व्यवस्था में सुधार करना लक्ष्य
मैनेजमेंट करने के बाद मेरा लक्ष्य होगा कि मैं देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्रदान करूं। वित्त व्यवस्था का मैनेजमेंट बेहतर होता है तो देश भी प्रगति करता है जो अभी कुछ ठीक नहीं लगता। अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा हेल्थ व शिक्षा के क्षेत्र में अधिक खर्च होना चाहिए जो वर्तमान में नहीं है। आम आदमी को शिक्षा व स्वास्थ्य पहले चाहिए।
इनसेट---
इन विद्यार्थियों ने भी मारी बाजी
नाम पर्सनटाइल
अभिनव सिंगला 99.57
अनुकरन अरोरा 99.57
दीपांशु जैन 99.57
जतिन सिंगला 99.3
सिमरन पसरिचा 99.26
वरुण कपिला 99.09
धनीश कोहली 98.68
पूरव बंसल 98.47
रूपल चोपड़ा 97.62
शुभम सिंह राजपूत 97.42
अंकिता मित्तल 97.34