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एयरफोर्स स्टेशन के 100 मीटर एरिया में फिर जमीनी सर्वे शुरू
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जीरकपुर। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन व एयरपोर्ट के नजदीक 100 मीटर दायरे में बने मकानों व अन्य निर्माणों पर नगर काउंसिल जीरकपुर को लगी फटकार के बाद बुधवार को अधिकारी फील्ड में मकानों का फिजिकल सर्वेक्षण करते दिखे।
हाईकोर्ट के आदेशों के बाद इस मामले में एक समिति का गठन किया गया था, जिसमें पंजाब के नागरिक उड्डयन विभाग के प्रधान सचिव, गमाडा के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर, मोहाली के उपायुक्त, जीरकपुर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी और चंडीगढ़ एयरफोर्स के एक वरिष्ठ अधिकारी को भी शामिल किया था। वहीं, 22 जून को इस मामले की समिति ने हाईकोर्ट में एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की थी। अब इस समिति के आदेश पर नगर काउंसिल के अधिकारियों द्वारा चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन के 100 मीटर के दायरे में वर्ष 2002 या उसके बाद बने मकानों का सर्वे किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने एयरफोर्स की सुरक्षा दुरुस्त रखने के लिए नगर काउंसिल जीरकपुर को 100 मीटर के दायरे में हुए निर्माणों पर स्टेटस रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए थे।
एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए हाईकोर्ट में एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से ताजा निर्माणों की तस्वीरें पेश करने पर अदालत ने नगर काउंसिल जीरकपुर के अधिकारियों को सख्त फटकार लगाई थी। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की दीवार के नजदीक 100 मीटर निर्माण वर्जित क्षेत्र में निर्माण कर बैठे लोगों को हाईकोर्ट के सख्त रुख के चलते राहत मिलने के असार बहुत कम हैं। सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है कि 100 मीटर क्षेत्र की हद में करीब 400 निर्माण हैं, जिनमें लगभग 2000 आबादी है।
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समिति के आदेश पर ग्राउंड सर्वे किया : कार्यकारी अधिकारी
नगर काउंसिल जीरकपुर के कार्यकारी अधिकारी गिरीश वर्मा ने कहा कि इस केस की पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 22 जुलाई को है। हाईकोर्ट द्वारा गठित समिति के आदेश पर ग्राउंड सर्वे किया जा रहा है, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट बनाकर समिति को सौंप दी जाएगी। फिलहाल नगर काउंसिल केवल सर्वे तक ही सीमित है, इसके बाद की कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेशों के मुताबिक की जाएगी।
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हाईकोर्ट के आदेशों के बाद इस मामले में एक समिति का गठन किया गया था, जिसमें पंजाब के नागरिक उड्डयन विभाग के प्रधान सचिव, गमाडा के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर, मोहाली के उपायुक्त, जीरकपुर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी और चंडीगढ़ एयरफोर्स के एक वरिष्ठ अधिकारी को भी शामिल किया था। वहीं, 22 जून को इस मामले की समिति ने हाईकोर्ट में एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की थी। अब इस समिति के आदेश पर नगर काउंसिल के अधिकारियों द्वारा चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन के 100 मीटर के दायरे में वर्ष 2002 या उसके बाद बने मकानों का सर्वे किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने एयरफोर्स की सुरक्षा दुरुस्त रखने के लिए नगर काउंसिल जीरकपुर को 100 मीटर के दायरे में हुए निर्माणों पर स्टेटस रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए थे।
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एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए हाईकोर्ट में एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से ताजा निर्माणों की तस्वीरें पेश करने पर अदालत ने नगर काउंसिल जीरकपुर के अधिकारियों को सख्त फटकार लगाई थी। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की दीवार के नजदीक 100 मीटर निर्माण वर्जित क्षेत्र में निर्माण कर बैठे लोगों को हाईकोर्ट के सख्त रुख के चलते राहत मिलने के असार बहुत कम हैं। सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है कि 100 मीटर क्षेत्र की हद में करीब 400 निर्माण हैं, जिनमें लगभग 2000 आबादी है।
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समिति के आदेश पर ग्राउंड सर्वे किया : कार्यकारी अधिकारी
नगर काउंसिल जीरकपुर के कार्यकारी अधिकारी गिरीश वर्मा ने कहा कि इस केस की पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 22 जुलाई को है। हाईकोर्ट द्वारा गठित समिति के आदेश पर ग्राउंड सर्वे किया जा रहा है, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट बनाकर समिति को सौंप दी जाएगी। फिलहाल नगर काउंसिल केवल सर्वे तक ही सीमित है, इसके बाद की कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेशों के मुताबिक की जाएगी।