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फॉरेंसिक साइंस में नौकरी के अवसर हजार, पर एडमिशन मिलना नहीं आसाना, आवेदकों की संख्या बढ़ी

Tue, 25 Jun 2019 04:19 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Tue, 25 Jun 2019 04:19 PM IST
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Forensic science course admission in punjab university chandigarh
पंजाब यूनिवर्सिटी हॉस्टल
टीवी पर आने वाले ‘सीआईडी’ शो देखने के बाद आपको फॉरेंसिक साइंस की अहमियत का पता लग ही गया होगा। बढ़ते क्राइम ने इस विज्ञान की महत्ता को और बढ़ा दिया है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट की संख्या देशभर में कम है। लैबों में वर्षों से जांचें लंबित चल रही हैं। समय से जांचें न मिलने के कारण लोगों को न्याय नहीं मिल पा रहा है।
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इस कारण इस क्षेत्र में नौकरियों के अवसर अपार हैं। यही कारण रहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी के फॉरेंसिक साइंस विभाग से एमएससी करने वाले स्टूडेंट्स की संख्या में कई गुना बढ़ोत्तरी हो गई है। सीटों की संख्या महज 20 है और 414 आवेदन मिले हैं। ऐसे में एंट्रेंस एग्जाम की मेरिट भी हाई जा सकती है।
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पीयू के फॉरेंसिक साइंस विभाग से एमएससी करने के बाद विद्यार्थियों को नौकरियों के लिए नहीं भटकना पड़ता। सरकारी और निजी कंपनियों में नौकरी मिल जाती है। फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं में नौकरी मिल जाती है। निदेशक ऑफ फॉरेंसिक साइंस की ओर से एमएससी स्टूडेंट्स के लिए फैक्ट और पीएचडी स्टूडेंट्स के लिए फैक्ट प्लस एग्जाम आयोजित कराया जा रहा है। इस एग्जाम में पीयू के कई विद्यार्थी हर साल बाजी मारते हैं और उन्हें नौकरी मिलती है।
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शुरुआत में 25 से लेकर 60 हजार रुपये प्रति माह सेलरी भी मिल रही है। इस बार 20 सीटों के लिए विभाग को 414 आवेदन मिले हैं। इनमें से 385 विद्यार्थियों ने एग्जाम में हिस्सा लिया है। सीटों की संख्या कम होने के कारण अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस बार प्रतियोगिता कठिन है। जानकारों का कहना है कि इस विभाग की महत्ता बढ़ रही है। ऐसे में सीटों की संख्या में इजाफा करने के साथ-साथ फैकल्टी की तैनाती भी जरूरी है।

 

क्या है फॉरेंसिक साइंस

फॉरेंसिक लैटिन शब्द से बना है। क्राइम के होने के पहले की चीजों को वैज्ञानिक तरीके से इकट्ठा करने और उसका विश्लेषण करने में इसकी मदद ली जाती है। खासतौर पर पूरी दुनिया में सिविल डिस्प्यूट्स, क्रिमिनल लॉ, पब्लिक हेल्थ और रेगुलेशन के मामलों को सुलझाने के लिए फॉरेंसिक साइंस का इस्तेमाल होता है। जिस जगह पर आपराधिक घटना घटी हो वहां से फिजिकल एविडेंस और अलग तरह के सुबूत जुटाकर केस को सुलझाने वाले व्यक्ति फॉरेंसिक साइंटिस्ट कहलाते हैं। इस सुबूत में फिंगर प्रिंट्स, ब्लड सैंपल, हेयर, बुलेट्स और कई अन्य तरह के लैब टेस्ट शामिल हैं।

ये है योग्यता और यहां मिलती हैं जॉब
एमएससी में एडमिशन लेने के लिए फिजिक्स, केमेस्ट्री और बायोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, मेडिकल टेक्नोलॉजी या जेनिटिक्स जैसे विषयों में बैचलर डिग्री होनी जरूरी है। साइबर एक्सपर्ट की सबसे अधिक जरूरत महसूस की जा रही है। इस कोर्स को करने में भी युवा रुचि ले रहे हैं। इस फील्ड में जॉब गवर्नमेंट सेक्टर काफी हैं। यहां पुलिस, लीगल सिस्टम, इंवेस्टिगेटिव सर्विस जैसे जगहों पर जॉब मिल जाती है। प्राइवेट एजेंसी भी फॉरेंसिक साइंटिस्ट्स को हायर करती हैं। ज्यादातर फॉरेंसिक साइंटिस्ट इंटेलिजेंस ब्यूरो और सीबीआई की ओर से हायर किए जाते हैं। इसके अलावा फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट में अध्यापन भी कर सकते हैं।

फॉरेंसिक साइंस में नौकरी के अवसर अपार हैं। यही कारण है कि इस बार विभाग को काफी संख्या में आवेदन मिले हैं। सीटों के मुताबिक स्टूडेंट्स का चयन करेंगे। विभाग से पढ़ने वाले पुराने स्टूडेंट्स सरकारी व निजी क्षेत्र में जॉब कर रहे हैं।
--- डॉ. श्वेता शर्मा, चेयरपर्सन, फॉरेंसिक साइंस विभाग पीयू
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