{"_id":"5cf976dfbdec22070d45b3ed","slug":"15598527617-panchkula-news186","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएम के आदेश पर मधुबन हुआ तबादला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम के आदेश पर मधुबन हुआ तबादला
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पंचकूला। सीएम मनोहर लाल के अभिनंदन समारोह में हंगामे की गाज कालका एसीपी पवन शर्मा पर गिर गई है। उनका तबादला तत्काल प्रभाव से पंचकूला से मधुबन कर दिया गया है। हालांकि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस तबादले को रुटीन बना रहे हैं। लेकिन भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि यह तबादला सीएम से उनके द्वारा की गई शिकायत के बाद किया गया है। बता दें कि बुधवार को पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित शालीमार ग्राउंड में कार्यकर्ता अभिनंदन समारोह था, जिसमें सैकड़ों की संख्या में पार्टी के वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता पहुंचे थे। इस समारोह की कवरेज के लिए मीडिया कर्मी भी पहुंचे थे, जिन्हें सीएम की सुरक्षा का हवाला देते हुए रोक दिया गया था। जब उन्होंने जाने की जिद की तो उनके साथ धक्का-मुक्की की गई थी। यह मामला प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल तक पहुंच गया था।
सीएम ने कहा था दोबारा गलती हुई तो जाएगी नौकरी
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मीडिया से इस मामले में खेद जताते हुए पुलिस वालों को सख्य हिदायत दी थी कि यदि भविष्य में ऐसा हुआ तो नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। हालांकि मुख्यमंत्री ने नौकरी तो बख्श दी, लेकिन एसीपी पवन शर्मा का पंचकूला से मधुबन तबादला जरूर कर दिया। इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ी बात ये सामने आई है कि स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने भाजपा नेताओं की भी एक नहीं सुनी थी। क्योंकि सीएम के मंच पर बैठे सांसद रतन लाल कटारिया, स्थानीय विधायक ज्ञानचंद गुप्ता, जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा, मीडिया प्रभारी नवीन गर्ग के कहने के बाद भी पुलिस वालों ने मीडिया कर्मियों को आगे नहीं जाने दिया था। इस मामले को लेकर नेताओं ने मुख्यमंत्री के समक्ष नाराजगी जाहिर की थी।
सीएम ने पार्टी नेताओं को भी लगाई थी फटकार
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपना संबोधन समाप्त करने के बाद मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान पार्टी नेताओं को भी फटकार लगाई थी। उन्होंने कहा था कि मीडिया के लिए उचित प्रबंध क्यों नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ने पार्टी नेताओं को कहा था कि वह भविष्य में ध्यान रखें कि जब भी कोई समारोह हो तो मीडिया के लिए अलग से दीर्घा बनाई जाए। जिसमें फोटोग्राफरों के लिए भी स्टेज बनाई जाए।
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रुटीन तबादला है: कमलदीप गोयल
जब इस मामले को लेकर डीसीपी पंचकूला कमलदीप गोयल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि कालका एसीपी पवन शर्मा का तबादला मधुबन किया गया है। लेकिन उनका ये तबादला रूटीन है।
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सीएम ने कहा था दोबारा गलती हुई तो जाएगी नौकरी
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मीडिया से इस मामले में खेद जताते हुए पुलिस वालों को सख्य हिदायत दी थी कि यदि भविष्य में ऐसा हुआ तो नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। हालांकि मुख्यमंत्री ने नौकरी तो बख्श दी, लेकिन एसीपी पवन शर्मा का पंचकूला से मधुबन तबादला जरूर कर दिया। इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ी बात ये सामने आई है कि स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने भाजपा नेताओं की भी एक नहीं सुनी थी। क्योंकि सीएम के मंच पर बैठे सांसद रतन लाल कटारिया, स्थानीय विधायक ज्ञानचंद गुप्ता, जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा, मीडिया प्रभारी नवीन गर्ग के कहने के बाद भी पुलिस वालों ने मीडिया कर्मियों को आगे नहीं जाने दिया था। इस मामले को लेकर नेताओं ने मुख्यमंत्री के समक्ष नाराजगी जाहिर की थी।
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सीएम ने पार्टी नेताओं को भी लगाई थी फटकार
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपना संबोधन समाप्त करने के बाद मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान पार्टी नेताओं को भी फटकार लगाई थी। उन्होंने कहा था कि मीडिया के लिए उचित प्रबंध क्यों नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ने पार्टी नेताओं को कहा था कि वह भविष्य में ध्यान रखें कि जब भी कोई समारोह हो तो मीडिया के लिए अलग से दीर्घा बनाई जाए। जिसमें फोटोग्राफरों के लिए भी स्टेज बनाई जाए।
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रुटीन तबादला है: कमलदीप गोयल
जब इस मामले को लेकर डीसीपी पंचकूला कमलदीप गोयल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि कालका एसीपी पवन शर्मा का तबादला मधुबन किया गया है। लेकिन उनका ये तबादला रूटीन है।