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सौर ऊर्जा से जगमगाएंगी शिक्षण संस्थाएं व स्वास्थ्य केन्द्र- जगदीप ढांडा--
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सौर ऊर्जा से जगमगाएंगे शिक्षण संस्थाएं व स्वास्थ्य केंद्र: जगदीप ढांडा
- 500 केवी सौर ऊर्जा से अतिरिक्त बिजली बनाने की डिमांड
- पंचकूलावासियों को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक करोड़ 50 लाख सब्सिडी मुहैया
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग हरियाणा की ओर से 200 किलोवाट का ग्रिड कनेक्टेड रूफ टॉप सोलर पावर प्लांट लगाए जा रहे है। लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह मेें भी ग्रिड कनेक्टेड रूफ टॉप सोलर पावर प्लांट लगया गया। इसके सभी कमरों में सौर ऊर्जा से बिजली मुहैया करवाई जा रही है। अतिरिक्त उपायुक्त एवं मुख्य परियोजना अधिकारी नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा पंचकूला जगदीप ढांडा के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा घरेलू, निजी शिक्षण संस्थानों तथा सामाजिक संस्थानों द्वारा ग्रिड कनेक्टेड रूफ टॉप सोलर पावर प्लांट लगाने पर सरकार की ओर से तय दर का 30 प्रतिशत या 20 हजार रुपये प्रति किलोवाट अनुदान दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि जिला में अब तक इस योजना के तहत घरेलू व शिक्षण संस्थानों में इस योजना का लाभ उठाकर खपत अनुसार सौर ऊर्जा सिस्टम लगवाए जा चुके हैं, जिसके लिए विभाग द्वारा भारी अनुदान राशि उपलब्ध कराई गई है। इससे बिजली के 90 प्रतिशत बिजली बिल को कम किया जा सकता है तथा नेट मीटरिंग द्वारा सोलर से बनी बिजली विद्युत निगम को देने की सुविधा भी है।
उन्होंने बताया कि एक किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट एक वर्ष में लगभग 1500 यूनिट बिजली बनाता है। यह संयंत्र लगभग 25 वर्ष तक कार्य करता है। उन्होंने बताया कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। अक्षय ऊर्जा विभाग हरियाणा द्वारा मनोहर ज्योति (सोलर होम लाइटिंग सिस्टम) लीथियम बेट्री के साथ सोलर स्ट्रीट लाइटिंग सिस्टम, सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम, सोलर कुकर, सोलर वाटर हीटिंग सिस्टम विशेष अनुदान पर उपलब्ध कराए जाते हैं।
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उन्होंने बताया कि जिले के राजकीय विद्यालयों में रूफ टॉप सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाए जाएंगे ताकि बिजली की कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सकें। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 50 किलोवाट से ज्यादा की क्षमता वाले स्कूलों, कॉलेज व आईटीआई में रूफ टॉप सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाए जाएगें। इसके अतिरिक्त पीएचसी व सीएचसी में भी रुफ टॉप सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाने की स्वीकृति मिल चुकी है। इस पर शीघ्र ही कार्य शुरू हो जाएगा। इन योजनाओं के तहत विशेषकर किसानों को भारी मात्रा में सब्सिडी प्रदान की जा रही है। विभाग की ऑन ग्रिड सोलर पावर प्लांट योजना ने पंचकूला के लोगों पर अमिट प्रभाव छोड़ा है। इसकी मांग निरंतर बढ़ रही है। इस योजना से जिला में एक हजार किलोवाट सौर ऊर्जा से बिजली बनाने का लक्ष्य रखा गया था जिसे पूरा करके विभाग ने 500 किलोवाट सौर ऊर्जा से अतिरिक्त बिजली बनाने के लिए भी अलग से डिमांड मांगी है। क्योंकि इस परियोजना में जिला के लोेग बढ़ चढ़कर भाग ले रहे हैं और अपने-अपने घरों पर सौर ऊर्जा के प्लांट लगाने के लिए निरंतर विभाग से तालमेल बनाए हुए हैं। अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि इस योजना में अब तक एक करोड़ 50 लाख रुपये की सब्सिडी का लाभ लोगों को मुहैया करवाई गई है। जिले के 137 व्यक्तिगत घरों की छतों पर तथा 10 प्राइवेट स्कूलों ने इसका लाभ उठाया है तथा इसके माध्यम से एक लाख 44 हजार से भी ज्यादा प्रति वर्ष प्रति किलोवाट बिजली की पैदावार की जाने लगी है।
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- 500 केवी सौर ऊर्जा से अतिरिक्त बिजली बनाने की डिमांड
- पंचकूलावासियों को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक करोड़ 50 लाख सब्सिडी मुहैया
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग हरियाणा की ओर से 200 किलोवाट का ग्रिड कनेक्टेड रूफ टॉप सोलर पावर प्लांट लगाए जा रहे है। लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह मेें भी ग्रिड कनेक्टेड रूफ टॉप सोलर पावर प्लांट लगया गया। इसके सभी कमरों में सौर ऊर्जा से बिजली मुहैया करवाई जा रही है। अतिरिक्त उपायुक्त एवं मुख्य परियोजना अधिकारी नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा पंचकूला जगदीप ढांडा के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा घरेलू, निजी शिक्षण संस्थानों तथा सामाजिक संस्थानों द्वारा ग्रिड कनेक्टेड रूफ टॉप सोलर पावर प्लांट लगाने पर सरकार की ओर से तय दर का 30 प्रतिशत या 20 हजार रुपये प्रति किलोवाट अनुदान दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि जिला में अब तक इस योजना के तहत घरेलू व शिक्षण संस्थानों में इस योजना का लाभ उठाकर खपत अनुसार सौर ऊर्जा सिस्टम लगवाए जा चुके हैं, जिसके लिए विभाग द्वारा भारी अनुदान राशि उपलब्ध कराई गई है। इससे बिजली के 90 प्रतिशत बिजली बिल को कम किया जा सकता है तथा नेट मीटरिंग द्वारा सोलर से बनी बिजली विद्युत निगम को देने की सुविधा भी है।
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उन्होंने बताया कि एक किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट एक वर्ष में लगभग 1500 यूनिट बिजली बनाता है। यह संयंत्र लगभग 25 वर्ष तक कार्य करता है। उन्होंने बताया कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। अक्षय ऊर्जा विभाग हरियाणा द्वारा मनोहर ज्योति (सोलर होम लाइटिंग सिस्टम) लीथियम बेट्री के साथ सोलर स्ट्रीट लाइटिंग सिस्टम, सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम, सोलर कुकर, सोलर वाटर हीटिंग सिस्टम विशेष अनुदान पर उपलब्ध कराए जाते हैं।
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उन्होंने बताया कि जिले के राजकीय विद्यालयों में रूफ टॉप सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाए जाएंगे ताकि बिजली की कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सकें। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 50 किलोवाट से ज्यादा की क्षमता वाले स्कूलों, कॉलेज व आईटीआई में रूफ टॉप सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाए जाएगें। इसके अतिरिक्त पीएचसी व सीएचसी में भी रुफ टॉप सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाने की स्वीकृति मिल चुकी है। इस पर शीघ्र ही कार्य शुरू हो जाएगा। इन योजनाओं के तहत विशेषकर किसानों को भारी मात्रा में सब्सिडी प्रदान की जा रही है। विभाग की ऑन ग्रिड सोलर पावर प्लांट योजना ने पंचकूला के लोगों पर अमिट प्रभाव छोड़ा है। इसकी मांग निरंतर बढ़ रही है। इस योजना से जिला में एक हजार किलोवाट सौर ऊर्जा से बिजली बनाने का लक्ष्य रखा गया था जिसे पूरा करके विभाग ने 500 किलोवाट सौर ऊर्जा से अतिरिक्त बिजली बनाने के लिए भी अलग से डिमांड मांगी है। क्योंकि इस परियोजना में जिला के लोेग बढ़ चढ़कर भाग ले रहे हैं और अपने-अपने घरों पर सौर ऊर्जा के प्लांट लगाने के लिए निरंतर विभाग से तालमेल बनाए हुए हैं। अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि इस योजना में अब तक एक करोड़ 50 लाख रुपये की सब्सिडी का लाभ लोगों को मुहैया करवाई गई है। जिले के 137 व्यक्तिगत घरों की छतों पर तथा 10 प्राइवेट स्कूलों ने इसका लाभ उठाया है तथा इसके माध्यम से एक लाख 44 हजार से भी ज्यादा प्रति वर्ष प्रति किलोवाट बिजली की पैदावार की जाने लगी है।