फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   फ्लैग: स्कूल की बेसमेंट में कॉमर्शियल एक्टिविटी संचालन का मामला 19-47-31

फ्लैग: स्कूल की बेसमेंट में कॉमर्शियल एक्टिविटी संचालन का मामला 19-47-31

Sun, 03 Feb 2019 01:07 AM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Sun, 03 Feb 2019 01:07 AM IST
विज्ञापन
फ्लैग: स्कूल की बेसमेंट में कॉमर्शियल एक्टिविटी संचालन का मामला 19-47-31
फ्लैग: स्कूल की बेसमेंट में कॉमर्शियल एक्टिविटी संचालन का मामला
विज्ञापन

स्कूल संचालक स्टूडेंट्स को दे रहे हैं ज्ञान, खुद नियमों से अनजान


- बिना अप्रवूल स्वीमिंग पूल का निर्माण करके कर रहे लाखों की कमाई
- एचएसवीपी के अधिकारियों को डॉक्यूमेंट नहीं दिखा पाया
- ईओ के आदेश पर शहर के कई स्कूलों को नोटिस जारी
- तीन नोटिस के बाद होगी सीलिंग या फिर तोड़ने की कार्रवाई

अवधेश शुक्ला
पंचकूला। बच्चों में शिक्षा की अलख जगाने वाले वाले शहर के कई निजी स्कूल संचालक खुद ही नियमों से अनजान हैं। वह अपनी जेब भरने के लिए स्टूडेंट्स की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। शहर में कुछ ऐसे निजी स्कूल हैं जिनके संचालकों ने बिना अप्रूवल के ही स्कूल में स्वीमिंग पूल का निर्माण कर रखा है। इस तरह का मामला हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के ईओ आशुतोष राजन के संज्ञान में आया है। उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई का फैसला लिया है। ईओ ने अधिकारियों को ऐसे सभी निजी स्कूलों को चिन्हित कर संचालकों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया। अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए निजी स्कूल संचालक स्टूडेंट्स को तैराकी सिखाने का दावा करते हैं। लेकिन जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर है।

स्वीमिंग पूल से 30 से 40 लाख रुपये की कमाई
एचएसवीपी के अधिकारियों की जांच में सामने आया है कि निजी स्कूल संचालक स्वीमिंग पूल से पांच से छह महीने में ही 30 से 40 लाख की मोटी कमाई कर रहे हैं। इसके लिए वह स्कूल के स्वीमिंग पूल को ठेके पर देते हैं और ठेकेदार बहुत ही चतुराई से बाहरी लोगों को स्वीमिंग पूल की सदस्यता दिलाता है। वह ठेके की रकम को वसूल करने के लिए प्रति व्यक्ति से 1500 से 2000 रुपये की वसूली करता है।
विज्ञापन


स्कूल संचालक नहीं दिखा पाया मंजूरी के कागजात
स्वीमिंग केस का मामला एचएसवीपी के ईओ आशुतोष राजन के संज्ञान में शुक्रवार को उस समय आया जब वह अपनी टीम के साथ बेसमेंट में कामर्शियल एक्टिविटी संचालन के मामले की जांच करने सेक्टर-12 स्थित एक निजी स्कूल में पहुंचे थे। उन्होंने देखा कि स्कूल संचालक ने स्वीमिंग पूल बना रखा है और उसके प्रचार-प्रसार के लिए बिल्डिंग की छत पर बड़ा सा बोर्ड भी लगाया हुआ है। उन्होंने स्कूल संचालक से जब स्वीमिंग पूल के अप्रूवल से संबंधित कागजात दिखाने का आदेश दिया। इस पर संचालक ने उनसे शनिवार तक का समय मांग लिया। लेकिन वह संबंधित कागजात ईओ के समक्ष पेश नहीं कर पाया।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्कूल संचालक को नोटिस जारी
एचएसवीपी के ईओ आशुतोष राजन के आदेश पर सेक्टर-12 स्थित निजी स्कूल संचालक को 17-3 के तहत नोटिस जारी कर दिया गया है। यदि उसने इस नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया तो एक और नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद तीसरा फाइनल नोटिस जारी होगा। जिसके बाद संबंधित विभागीय अधिकारी अर्थमूविंग मशीन के साथ मौके पर पहुंचेंगे और स्वीमिंग पूल को तोड़ने के साथ कानूनी कार्रवाई भी करेंगे।

संचालक के खिलाफ हो सकती है एफआईआर दर्ज
बिना परमिशन के स्कूल में स्वीमिंग पूल का संचालन गैर कानूनी है। ऐसी स्थिति में स्कूल संचालक के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो सकती है। क्योंकि यदि स्वीमिंग के दौरान किसी की जान चली जाती है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा। यह सबसे बड़ा सवाल है।


बेसमेंट में क्लास चलाने वाले कई स्कूल राडार पर
बेसमेंट में कामर्शियल एक्टिविटी का संचालन करने वाले कई निजी स्कूल राडार पर हैं। उन्हें चिन्हित करने के लिए अधिकारियों को आदेश जारी किया गया है। वहीं, सेक्टर-12 स्थित स्कूल का संचालक स्वीमिंग पूल के अप्रूवल से संबंधित कोई डॉक्यूटमेंट नहीं दिखा पाया। ऐसे में उसे नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद भी यदि उसने कागज नहीं दिखाए तो एक और नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - आशुतोष राजन, ईओ, एचएसवीपी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed