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हरियाणा के इतिहास में पहली में बार वीडियो कांफ्रेंसिंग से कोर्ट सुनाएगी फैसला
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हरियाणा के इतिहास में दूसरी में बार वीडियो कांफ्रेंसिंग से कोर्ट सुनाएगी फैसला
पंचकूला। हरियाणा के इतिहास में ऐसा दूसरी बार होगा जब कोर्ट अपना फैसला वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनाएगी। इससे पहले 09 नवंबर 2018 को सतलोक आश्रम में हत्या के मामले में जेल में बंद संत रामपाल को हिसार के विशेष कोर्ट ने दो मामलों में दोषी करार दिया था। उसकी पेशी भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए की गई थी। हालांकि देश में विषम परिस्थितियों में ऐसा पहले भी हो चुका है। कानून के जानकारों का कहना है कि सीआरपीसी के तहत किसी भी आरोपी को सजा सुनाने के दौरान प्रत्यक्ष रूप से पेश करना अनिवार्य है। लेकिन यह कहीं नहीं लिखा कि आरोपी को कोर्ट के समक्ष ही पेश करना होगा। विषम परिस्थितियों में जज जनता व प्रशासन के हित को देखते हुए ऐसा करने का अधिकार रखते हैं।
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पंचकूला। हरियाणा के इतिहास में ऐसा दूसरी बार होगा जब कोर्ट अपना फैसला वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनाएगी। इससे पहले 09 नवंबर 2018 को सतलोक आश्रम में हत्या के मामले में जेल में बंद संत रामपाल को हिसार के विशेष कोर्ट ने दो मामलों में दोषी करार दिया था। उसकी पेशी भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए की गई थी। हालांकि देश में विषम परिस्थितियों में ऐसा पहले भी हो चुका है। कानून के जानकारों का कहना है कि सीआरपीसी के तहत किसी भी आरोपी को सजा सुनाने के दौरान प्रत्यक्ष रूप से पेश करना अनिवार्य है। लेकिन यह कहीं नहीं लिखा कि आरोपी को कोर्ट के समक्ष ही पेश करना होगा। विषम परिस्थितियों में जज जनता व प्रशासन के हित को देखते हुए ऐसा करने का अधिकार रखते हैं।