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कर्मचारियों की बहाली के लिए निकाली रोष रैली
Updated Thu, 29 Nov 2018 10:12 PM IST
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कर्मचारियों की बहाली के लिए निकाली रोष रैली
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर। सरकारी अस्पताल में ठेके पर कार्य कर रहे कर्मचारियों को अकारण ही सेवा मुक्त करने के विरोध में लगातार संघर्ष कर रहे किसान मजदूर मुलाजिम तालमेल संघर्ष कमेटी ने वीरवार को शहर में रोष मार्च निकालते हुए तहसीलदार जैतकंवर को मांग पत्र सौंपा। रैली में फील्ड एवं वर्कशाप वर्कर्ज यूनियन के सदस्यों ने भी बढ़चढ़ कर भाग लिया। रैली को संबोधित करते हुए यूनियन के सदस्यों ने कहा कि लम्बे समय से ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों को सिविल अस्पताल प्रशासन ने बिना किसी वजह के नौकरी से निकाल दिया। जिस कारण एक ओर जहां उक्त कार्यमुक्त कर्मचाचारी आर्थिक रूप से परेशान हो रहे हैं वहीं दूसरी ओर क्लिास फोर गर्वनमेंट एम्पलाईज यूनियन लगातार इनकी बहाली के लिए संघर्ष कर रही है। वक्ताओं ने कहा कि इस संघर्ष के दौरान ही 25 सितंबर को इनके सहयोगी बूटा राम की धरने के दौरान मौत हो गई थी। वहीं 26 सितंबर को सिविल व पुलिस प्रशासन ने समझौता किया था कि बूटा राम के एक परिजन सहित निकाले गए चारों कर्मचारियों को पुन: कार्य पर रखा जाएगा। परंत अभी तक इस फैसले को लागू नहीं किया गया।
इस समाचार की फोटो एबीआर 2 भेजी जा रही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर। सरकारी अस्पताल में ठेके पर कार्य कर रहे कर्मचारियों को अकारण ही सेवा मुक्त करने के विरोध में लगातार संघर्ष कर रहे किसान मजदूर मुलाजिम तालमेल संघर्ष कमेटी ने वीरवार को शहर में रोष मार्च निकालते हुए तहसीलदार जैतकंवर को मांग पत्र सौंपा। रैली में फील्ड एवं वर्कशाप वर्कर्ज यूनियन के सदस्यों ने भी बढ़चढ़ कर भाग लिया। रैली को संबोधित करते हुए यूनियन के सदस्यों ने कहा कि लम्बे समय से ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों को सिविल अस्पताल प्रशासन ने बिना किसी वजह के नौकरी से निकाल दिया। जिस कारण एक ओर जहां उक्त कार्यमुक्त कर्मचाचारी आर्थिक रूप से परेशान हो रहे हैं वहीं दूसरी ओर क्लिास फोर गर्वनमेंट एम्पलाईज यूनियन लगातार इनकी बहाली के लिए संघर्ष कर रही है। वक्ताओं ने कहा कि इस संघर्ष के दौरान ही 25 सितंबर को इनके सहयोगी बूटा राम की धरने के दौरान मौत हो गई थी। वहीं 26 सितंबर को सिविल व पुलिस प्रशासन ने समझौता किया था कि बूटा राम के एक परिजन सहित निकाले गए चारों कर्मचारियों को पुन: कार्य पर रखा जाएगा। परंत अभी तक इस फैसले को लागू नहीं किया गया।
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