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अध्यापकों की कमी के चलते गांव वासियों ने स्कूल को जड़ा ताला
Updated Fri, 16 Nov 2018 10:19 PM IST
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ग्रामीणों ने स्कूल में जड़ा ताला, प्रदर्शन
चंदपुर स्कूल में केवल दो अध्यापक ही मौजूद, दस पोस्ट खाली
अमर उजाला ब्यूरो
श्री आनंदपुर साहिब।गांव चंदपुर बेला के सरकारी मिडल स्कूल में शुक्रवार को गांव वासियों ने स्कूल के गेट पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया। ताला लगाने की वजह है स्कूल में अध्यापकों की कमी है, जिसके चलते हुए बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। गांव वासियों ने एलान किया कि ताला तभी खोलेंगे, जब स्कूल में अध्यापक के खाली पद भरे जाएंगे।
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने बताया स्कूल में कुल अध्यापकों के कुल बारह पोस्ट है। स्कूल में मुख्य अध्यापक सहित दो शिक्षक ही मौजूद है। बाकी दस पोस्ट खाली होने से बच्चों की पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। स्कूल में पंजाबी, हिंदी, गणित, सामाजिक शिक्षा, विज्ञान, अंग्रेजी, ड्राइंस के अलावा अन्य विषयों के अध्यापक नहीं हैं।
स्कूल में अध्यापक न होने की वजह सरकार की नई पालिसी है। इस पालिसी के तहत रमसा अध्यापक अपने नजदीकी क्षेत्र के स्कूलों में तबादला करवा कर चले गए है। स्कूल में केवल दो ही अध्यापक हैं। दो अध्यापकों के सहारे स्कूल की पांच क्लासों के लगभग सौ बच्चे अपनी पढ़ाई कर रहे हैं। सरकार को बच्चों के भविष्य के लिए स्कूल में अध्यापकों के सभी खाली पद तत्काल भरने चाहिए। सरपंच प्रदीप कुमार, जोगा सिंह, गुरनाम सिंह, गुरबचन सिंह, सतनाम सिंह, दलविंद्र सिंह, बलविंद्र सिंह, बालक राम, जसविंद्र सिंह, परविंद्र कौर, सीमा देवी, मनदीप कौर, गुरजीत कौर ने सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ रोष प्रकट किया। ग्रामीणों ने कहा स्कूल का ताला अध्यापकों के खाली पद भरने के बाद ही खोला जाएगा।
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चंदपुर स्कूल में केवल दो अध्यापक ही मौजूद, दस पोस्ट खाली
अमर उजाला ब्यूरो
श्री आनंदपुर साहिब।गांव चंदपुर बेला के सरकारी मिडल स्कूल में शुक्रवार को गांव वासियों ने स्कूल के गेट पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया। ताला लगाने की वजह है स्कूल में अध्यापकों की कमी है, जिसके चलते हुए बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। गांव वासियों ने एलान किया कि ताला तभी खोलेंगे, जब स्कूल में अध्यापक के खाली पद भरे जाएंगे।
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने बताया स्कूल में कुल अध्यापकों के कुल बारह पोस्ट है। स्कूल में मुख्य अध्यापक सहित दो शिक्षक ही मौजूद है। बाकी दस पोस्ट खाली होने से बच्चों की पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। स्कूल में पंजाबी, हिंदी, गणित, सामाजिक शिक्षा, विज्ञान, अंग्रेजी, ड्राइंस के अलावा अन्य विषयों के अध्यापक नहीं हैं।
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स्कूल में अध्यापक न होने की वजह सरकार की नई पालिसी है। इस पालिसी के तहत रमसा अध्यापक अपने नजदीकी क्षेत्र के स्कूलों में तबादला करवा कर चले गए है। स्कूल में केवल दो ही अध्यापक हैं। दो अध्यापकों के सहारे स्कूल की पांच क्लासों के लगभग सौ बच्चे अपनी पढ़ाई कर रहे हैं। सरकार को बच्चों के भविष्य के लिए स्कूल में अध्यापकों के सभी खाली पद तत्काल भरने चाहिए। सरपंच प्रदीप कुमार, जोगा सिंह, गुरनाम सिंह, गुरबचन सिंह, सतनाम सिंह, दलविंद्र सिंह, बलविंद्र सिंह, बालक राम, जसविंद्र सिंह, परविंद्र कौर, सीमा देवी, मनदीप कौर, गुरजीत कौर ने सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ रोष प्रकट किया। ग्रामीणों ने कहा स्कूल का ताला अध्यापकों के खाली पद भरने के बाद ही खोला जाएगा।
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