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जिले में 20
Updated Thu, 26 Jul 2018 10:40 PM IST
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जिले में 208 पीने वाले पानी के सैंपल लिए, 124 सैंपल फैल
अमर उजाला ब्यूरो
होशियारपुर। लेबर पार्टी के प्रधान जय गोपाल धीमान ने लोगों को पीने वाले पानी की गुणवत्ता प्रति जागरूक करने और सरकार की तरफ से प्रयोग की जा रही कथित लापरवाहियों का सूचना अधिकार एक्ट 2005 के जरिये खुलासा करते हुए बताया कि जनवरी 2018 से 12 जुलाई 2018 तक जिले में पीने वाले पानी संबंधी ली गई रिपोर्ट में बताया कि सेहत विभाग के एपीडीमोलिजस्ट आईडीएसपी दफ्तर सिविल सर्जन की तरफ से कुल 208 पीने वाले पानी के सैंपल अलग अलग स्थानों से लिये गए और अनुसार टेस्ट के आधार पर रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से 124 सैंपल फेल हैं। उन्होंने बताया सबसे ज्यादा बुरा हाल प्राइमरी हेल्थ सेंटर टांडा का है जहां 20 सैंपलों में से 19 फेल हैं। उन्होंने बताया इसके अलावा सिविल सर्जन होशियारपुर के दफ्तर के अपने टैप का वाटर का सैंपल भी फेल है। उन्होंने बताया एसएमओ पीएससी भूंगा के 24 सैंपल लिए गए जिनमें से 13 सैंपल फेल हैं। पीएससी पोसी की हालत भी ज्यादा बढ़िया नहीं हैं वहां भी 33 सैंपलों में से 21 सैंपल फेल हुए हैं। पीएससी पालदी में 16 सैंपलों में से 11 सैंपल फेल हुए हैं। पीएससी हारटा के 14 में से 11 सैंपल फेल हुए हैं। पीएससी बुड्डाबढ़ में 25 सैंपलों में से 16 सैंपल फेल हुए जबकि पीएससी हाजीपुर में 30 सैंपलों में से 23 सैंपल फेल हुए।
धीमान ने बताया कि इसी प्रकार नगर निगम होशियारपुर ने 31 मार्च 2012 से लेकर 22 नवम्बर 2018 तक कोई भी पीने वाले पानी का सैंपल नहीं लिया। उन्होंने बताया नगर निगम के 85 ट्यूबवेल चल रहे हैं, जिनमें से 75 क्लोरीनेटर के साथ जुड़े है, जबकि 10 बेलगाम चल रहे हैं। जिसके कारण शहर में डायरिया फैला और लोग मौत के मुंह में जा रहे हैं। इस दौरान उनके साथ कुलजिंदर सिंह धुम्मण, जगदीप सिंह बैंस, रविंदर, बलविंदर सिंह चांद भी मौजूद थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
होशियारपुर। लेबर पार्टी के प्रधान जय गोपाल धीमान ने लोगों को पीने वाले पानी की गुणवत्ता प्रति जागरूक करने और सरकार की तरफ से प्रयोग की जा रही कथित लापरवाहियों का सूचना अधिकार एक्ट 2005 के जरिये खुलासा करते हुए बताया कि जनवरी 2018 से 12 जुलाई 2018 तक जिले में पीने वाले पानी संबंधी ली गई रिपोर्ट में बताया कि सेहत विभाग के एपीडीमोलिजस्ट आईडीएसपी दफ्तर सिविल सर्जन की तरफ से कुल 208 पीने वाले पानी के सैंपल अलग अलग स्थानों से लिये गए और अनुसार टेस्ट के आधार पर रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से 124 सैंपल फेल हैं। उन्होंने बताया सबसे ज्यादा बुरा हाल प्राइमरी हेल्थ सेंटर टांडा का है जहां 20 सैंपलों में से 19 फेल हैं। उन्होंने बताया इसके अलावा सिविल सर्जन होशियारपुर के दफ्तर के अपने टैप का वाटर का सैंपल भी फेल है। उन्होंने बताया एसएमओ पीएससी भूंगा के 24 सैंपल लिए गए जिनमें से 13 सैंपल फेल हैं। पीएससी पोसी की हालत भी ज्यादा बढ़िया नहीं हैं वहां भी 33 सैंपलों में से 21 सैंपल फेल हुए हैं। पीएससी पालदी में 16 सैंपलों में से 11 सैंपल फेल हुए हैं। पीएससी हारटा के 14 में से 11 सैंपल फेल हुए हैं। पीएससी बुड्डाबढ़ में 25 सैंपलों में से 16 सैंपल फेल हुए जबकि पीएससी हाजीपुर में 30 सैंपलों में से 23 सैंपल फेल हुए।
धीमान ने बताया कि इसी प्रकार नगर निगम होशियारपुर ने 31 मार्च 2012 से लेकर 22 नवम्बर 2018 तक कोई भी पीने वाले पानी का सैंपल नहीं लिया। उन्होंने बताया नगर निगम के 85 ट्यूबवेल चल रहे हैं, जिनमें से 75 क्लोरीनेटर के साथ जुड़े है, जबकि 10 बेलगाम चल रहे हैं। जिसके कारण शहर में डायरिया फैला और लोग मौत के मुंह में जा रहे हैं। इस दौरान उनके साथ कुलजिंदर सिंह धुम्मण, जगदीप सिंह बैंस, रविंदर, बलविंदर सिंह चांद भी मौजूद थे।
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