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काली झंडियां लगाकर कैमिस्टों ने जताया धक्केशाही के खिलाफ रोष
Updated Wed, 25 Jul 2018 11:17 PM IST
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काली झंडियां लगाकर केमिस्टों ने जताया धक्केशाही के खिलाफ रोष
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर। जांच के नाम पर पुलिस व प्रशासन द्वारा की जा रही धक्केशाही बंद करने सहित कई अन्य मांगों को लेकर केमिस्ट एसोसिएशन पंजाब ने पूरे प्रांत में दवा की दुकानों पर काली झंडियां लगाकर रोष जताया। पहले चरण में पांच दिनों तक चलने वाले इस अनशन में वीरवार को सभी दवा विक्रेता सांय 7 बजे शहर में कैंडल मार्च निकालेंगे जबकि अगले दो दिनों तक सभी दुकानें सुबह 11 बजे खोली जाएंगी।
मांगों के बारे में जानकारी देते हुए होलसेल केमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान रुद्रदेव गुंबर ने बताया कि दवा की दुकानों में जांच के नाम पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की दखलंदाजी स्वीकार नहीं होगी। इसके अलावा ऑनलाइन दवा बिक्री ई-फार्मेसी बंद की जाए इससे केमिस्टों का कारोबार ठप्प हो रहा है। इसके अलावा वे दुकानों पर बेची जाने वाली सिरिंजों का हिसाब-किताब नहीं रख सकते। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के नशा विरोधी कार्यक्रम में वे बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने को तैयार हैं लेकिन हर प्रकार के कानून केमिस्टों पर थोपना उन्हें स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि दवा की दुकानों का अलग एक्ट है और ड्रग इंस्पेक्टर ही कानूनी तौर पर विधिवत तरीके से कैमिस्टों की जांच कर सकता है। उन्होंने कहा कि इन मांगों को लेकर पिछले काफी समय से सरकार के साथ बातचीत का दौर जारी है लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। इसी के चलते पूरे पंजाब के केमिस्टों ने पहले आंशिक और बाद में हड़ताल करने का ऐलान किया है।
इधर रिटेल केमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान सुदर्शन मिगलानी ने कहा कि यूनियन का कोई भी सदस्य दवा के रूप में नशा नहीं बेचता अगर कोई कोई ऐसा करते हुए पाया गया तो यूनियन उसकी किसी भी प्रकार की मदद नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि 27 व 28 जुलाई को दवा की सभी दुकानें सुबह 11 बजे खोली जाएंगी जबकि रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को पूरे दिन की मुकम्मल हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो मंगलवार से अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू करते हुए राज्य भर के दवा विक्रेता अपनी दुकानों की चाबियां अपने-अपने जिला उपायुक्तों के माध्यम से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को सौंप देंगे और मांग करेंगे कि जब पंजाब में नशा पूरी तरह से बंद हो जाए तब उन्हें चाबियां वापिस दी जाएं। मिगलानी ने सभी मरीजों व उनके परिजनों से अपील की है कि शनिवार शाम तक अगले कुछ दिनों के लिए जरूरी दवा खरीद कर रख लें।
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काली झंडियां लगाकर केमिस्टों ने जताया धक्केशाही के खिलाफ रोष
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर। जांच के नाम पर पुलिस व प्रशासन द्वारा की जा रही धक्केशाही बंद करने सहित कई अन्य मांगों को लेकर केमिस्ट एसोसिएशन पंजाब ने पूरे प्रांत में दवा की दुकानों पर काली झंडियां लगाकर रोष जताया। पहले चरण में पांच दिनों तक चलने वाले इस अनशन में वीरवार को सभी दवा विक्रेता सांय 7 बजे शहर में कैंडल मार्च निकालेंगे जबकि अगले दो दिनों तक सभी दुकानें सुबह 11 बजे खोली जाएंगी।
मांगों के बारे में जानकारी देते हुए होलसेल केमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान रुद्रदेव गुंबर ने बताया कि दवा की दुकानों में जांच के नाम पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की दखलंदाजी स्वीकार नहीं होगी। इसके अलावा ऑनलाइन दवा बिक्री ई-फार्मेसी बंद की जाए इससे केमिस्टों का कारोबार ठप्प हो रहा है। इसके अलावा वे दुकानों पर बेची जाने वाली सिरिंजों का हिसाब-किताब नहीं रख सकते। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के नशा विरोधी कार्यक्रम में वे बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने को तैयार हैं लेकिन हर प्रकार के कानून केमिस्टों पर थोपना उन्हें स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि दवा की दुकानों का अलग एक्ट है और ड्रग इंस्पेक्टर ही कानूनी तौर पर विधिवत तरीके से कैमिस्टों की जांच कर सकता है। उन्होंने कहा कि इन मांगों को लेकर पिछले काफी समय से सरकार के साथ बातचीत का दौर जारी है लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। इसी के चलते पूरे पंजाब के केमिस्टों ने पहले आंशिक और बाद में हड़ताल करने का ऐलान किया है।
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इधर रिटेल केमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान सुदर्शन मिगलानी ने कहा कि यूनियन का कोई भी सदस्य दवा के रूप में नशा नहीं बेचता अगर कोई कोई ऐसा करते हुए पाया गया तो यूनियन उसकी किसी भी प्रकार की मदद नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि 27 व 28 जुलाई को दवा की सभी दुकानें सुबह 11 बजे खोली जाएंगी जबकि रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को पूरे दिन की मुकम्मल हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो मंगलवार से अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू करते हुए राज्य भर के दवा विक्रेता अपनी दुकानों की चाबियां अपने-अपने जिला उपायुक्तों के माध्यम से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को सौंप देंगे और मांग करेंगे कि जब पंजाब में नशा पूरी तरह से बंद हो जाए तब उन्हें चाबियां वापिस दी जाएं। मिगलानी ने सभी मरीजों व उनके परिजनों से अपील की है कि शनिवार शाम तक अगले कुछ दिनों के लिए जरूरी दवा खरीद कर रख लें।
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