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खास खबर: पटियाला, लुधियाना, बरनाला, बठिंडा जिलों की नहरों की हालत खस्ता।
Updated Wed, 25 Jul 2018 11:09 PM IST
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पटियाला, लुधियाना, बरनाला और बठिंडा की नहरें बदहाल
नहरों को गंदा करने, पशु नहलाने पर अब है सजा का प्रावधान
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। राज्य में अधिकांश जिलों की नहरों की हालत खस्ता है, पटियाला, लुधियाना, बरनाला, बठिंडा जिलों की नहरों के किनारे टूटे हैं। जहां कोई भी हादसा हो सकता है। पानी की अहमियत को मुख्य रखते हुए राज्य के जल श्रोत (सिंचाई ) विभाग नहरों को गंदा होने, किसानों द्वारा नहरों में पशुओं को नहलाने और किसानों व उद्योगों द्वारा नहरों से पानी की चोरी करने पर 1873 की धारा 70 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सिंचाई विभाग ने यह कदम मिशन तंदुरुस्त पंजाब के तहत उठाया है।
विभाग द्वारा बुधवार को जारी की गई प्रेस नोट में कहा गया है कि जल स्रोत (सिंचाई ) विभाग की बठिंडा ब्रांच के पास नहरों /रजवाहों /माइनरों के साथ लगते गांवों के कुछ लोगों की तरफ से पानी को प्रदूषित करने और किसानों द्वारा पाइपें लगा पानी की चोरी करने की सर्वाधिक शिकायतें हैं। बठिंडा ब्रांच राज्य के 7 जिलों को सिंचाई व पीने के लिए पानी मुहैया करती है। एक्ट 1873 की धारा 70 के तहत अमल में लाई जाने वाली कानूनी कार्रवाई में आरोपी को जेल व जुर्माना की सजा भी हो सकती है।
लोगों ने इस तरह किया है बचाव
गौरतलब हो कि राज्य की कई नहरें हैं, जिनमें दरार पड़ने पर खेतों को नुकसान से बचाने के लिए विभाग ने नहीं बल्कि किसानों ने मिट्टी से बोरियां भर कर बचाव कर रखा है। जिसकी मिसाल बरनाला के शैहना के बीच से गुजरती नहर, जिला लुधियाना के अधीन दोराहा नहर व पटियाला के अधीन भाखड़ा नहर पर देखने को मिलती है। इसके अलावा नहरी विभाग की राज्य में हजारों एकड़ ऐसी जमीन है, जहां लोगों ने अवैध कब्जे किए हैं।
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कुछ लोग जानबूझ कर तोड़ते हैं नियम
सिंचाई विभाग के कार्यकारी इंजीनियर बठिंडा नहर मंडल गुरजिंदर सिंह बाहिया का कहना है कि पंजाब में पानी खेती की पैदावार के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत है। जल व सिंचाई विभाग समय समय पर गांवों के सरपंचों /ग्राम पंचायतों को जागरूक करता है। इसके बावजूद कुछ लोग जानबूझ कर नहरी पानी को प्रदूषित व चोरी करने की कोशिश करते हैं।
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नहरों को गंदा करने, पशु नहलाने पर अब है सजा का प्रावधान
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। राज्य में अधिकांश जिलों की नहरों की हालत खस्ता है, पटियाला, लुधियाना, बरनाला, बठिंडा जिलों की नहरों के किनारे टूटे हैं। जहां कोई भी हादसा हो सकता है। पानी की अहमियत को मुख्य रखते हुए राज्य के जल श्रोत (सिंचाई ) विभाग नहरों को गंदा होने, किसानों द्वारा नहरों में पशुओं को नहलाने और किसानों व उद्योगों द्वारा नहरों से पानी की चोरी करने पर 1873 की धारा 70 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सिंचाई विभाग ने यह कदम मिशन तंदुरुस्त पंजाब के तहत उठाया है।
विभाग द्वारा बुधवार को जारी की गई प्रेस नोट में कहा गया है कि जल स्रोत (सिंचाई ) विभाग की बठिंडा ब्रांच के पास नहरों /रजवाहों /माइनरों के साथ लगते गांवों के कुछ लोगों की तरफ से पानी को प्रदूषित करने और किसानों द्वारा पाइपें लगा पानी की चोरी करने की सर्वाधिक शिकायतें हैं। बठिंडा ब्रांच राज्य के 7 जिलों को सिंचाई व पीने के लिए पानी मुहैया करती है। एक्ट 1873 की धारा 70 के तहत अमल में लाई जाने वाली कानूनी कार्रवाई में आरोपी को जेल व जुर्माना की सजा भी हो सकती है।
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लोगों ने इस तरह किया है बचाव
गौरतलब हो कि राज्य की कई नहरें हैं, जिनमें दरार पड़ने पर खेतों को नुकसान से बचाने के लिए विभाग ने नहीं बल्कि किसानों ने मिट्टी से बोरियां भर कर बचाव कर रखा है। जिसकी मिसाल बरनाला के शैहना के बीच से गुजरती नहर, जिला लुधियाना के अधीन दोराहा नहर व पटियाला के अधीन भाखड़ा नहर पर देखने को मिलती है। इसके अलावा नहरी विभाग की राज्य में हजारों एकड़ ऐसी जमीन है, जहां लोगों ने अवैध कब्जे किए हैं।
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कुछ लोग जानबूझ कर तोड़ते हैं नियम
सिंचाई विभाग के कार्यकारी इंजीनियर बठिंडा नहर मंडल गुरजिंदर सिंह बाहिया का कहना है कि पंजाब में पानी खेती की पैदावार के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत है। जल व सिंचाई विभाग समय समय पर गांवों के सरपंचों /ग्राम पंचायतों को जागरूक करता है। इसके बावजूद कुछ लोग जानबूझ कर नहरी पानी को प्रदूषित व चोरी करने की कोशिश करते हैं।