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किसानों ने डीसी दफतर के समक्ष किया हंगामा
Updated Fri, 01 Jun 2018 09:48 PM IST
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धारा 144 तोड़ किसानों का डीसी दफ्तर पर धावा
धक्कामुक्की करने पर पुलिस ने किया हल्का बल प्रयोग
ट्रैक्टर ट्रालियों पर सवार होकर डीसी कांपलेक्स पहुंचे
अमर उमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। मांगों को लेकर शुरू की गई दश दिवसीय देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन शुक्रवार को किसान जिले में लागू धारा 144 तोड़कर ट्रैक्टर ट्रालियों में सवार होकर डीसी कांपलेक्स पहुंचे। किसान डीसी कांप्लेक्स में घुसने लगे तो उनकी पुलिस मुलाजिमों से धक्कामुक्की हो गई। गुस्साए किसान बैरीकेड लांघने लगे। इस पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ दिया।
भारतीय किसान यूनियन लक्खोवाल के जिला प्रधान जगसीर सिंह सीरा छीनीवाल कलां ने कहा देश का अन्नदाता आज भी गुलाम है। फसल किसान बोता है, दिन रात फसल की रखवाली करता है और फसल का भाव सरकारें तय करतीं है, इससे बड़ा अन्याय किसान के साथ और क्या होगा। सीरा ने कहा कि जो अधिकारी व माहिर कहते हैं कि 20 जून से धान की बिजाई करने 24 हजार बिलियन क्यूसेक पानी प्रतिदिन बचता है, उनको यह नहीं पता कि एक किलो धान 5000 हजार लीटर पानी पैदा होता है। 4850 लीटर के साथ एक किलो कपास, नरमा, इस तरह ही अन्य फसलें पैदा होती हैं। कोई भी ऐसी फसल नहीं है जो कि इससे कम पानी के साथ पैदा होती हो।
उन्होंने मांग की कि 10 जून से निर्विघ्न बिजली सप्लाई दी जाएं, नहीं तो यूनियन संघर्ष और भी तीखा करने के मजबूर होगी। सीरा ने ऐलान किया कि 10 जून तक कोई भी किसान शहर में सब्जी, दूध वगैरह बेचने जाएगा। पूरे 10 दिन घर बैठकर केंद्र व राज्य सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ रोष प्रगट करेगा। किसानों ने अपने ट्रैक्टर ट्रालियों की चाबियां रोष के तौर पर डीसी को सौंपी। इके बाद डीसी के माध्यम से केंद्र सरकार व राज्य सरकार को ज्ञापन भेजा।
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धक्कामुक्की करने पर पुलिस ने किया हल्का बल प्रयोग
ट्रैक्टर ट्रालियों पर सवार होकर डीसी कांपलेक्स पहुंचे
अमर उमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। मांगों को लेकर शुरू की गई दश दिवसीय देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन शुक्रवार को किसान जिले में लागू धारा 144 तोड़कर ट्रैक्टर ट्रालियों में सवार होकर डीसी कांपलेक्स पहुंचे। किसान डीसी कांप्लेक्स में घुसने लगे तो उनकी पुलिस मुलाजिमों से धक्कामुक्की हो गई। गुस्साए किसान बैरीकेड लांघने लगे। इस पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ दिया।
भारतीय किसान यूनियन लक्खोवाल के जिला प्रधान जगसीर सिंह सीरा छीनीवाल कलां ने कहा देश का अन्नदाता आज भी गुलाम है। फसल किसान बोता है, दिन रात फसल की रखवाली करता है और फसल का भाव सरकारें तय करतीं है, इससे बड़ा अन्याय किसान के साथ और क्या होगा। सीरा ने कहा कि जो अधिकारी व माहिर कहते हैं कि 20 जून से धान की बिजाई करने 24 हजार बिलियन क्यूसेक पानी प्रतिदिन बचता है, उनको यह नहीं पता कि एक किलो धान 5000 हजार लीटर पानी पैदा होता है। 4850 लीटर के साथ एक किलो कपास, नरमा, इस तरह ही अन्य फसलें पैदा होती हैं। कोई भी ऐसी फसल नहीं है जो कि इससे कम पानी के साथ पैदा होती हो।
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उन्होंने मांग की कि 10 जून से निर्विघ्न बिजली सप्लाई दी जाएं, नहीं तो यूनियन संघर्ष और भी तीखा करने के मजबूर होगी। सीरा ने ऐलान किया कि 10 जून तक कोई भी किसान शहर में सब्जी, दूध वगैरह बेचने जाएगा। पूरे 10 दिन घर बैठकर केंद्र व राज्य सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ रोष प्रगट करेगा। किसानों ने अपने ट्रैक्टर ट्रालियों की चाबियां रोष के तौर पर डीसी को सौंपी। इके बाद डीसी के माध्यम से केंद्र सरकार व राज्य सरकार को ज्ञापन भेजा।
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