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शहरियों ने बूट पालिश करके टूटीं सड़कों की मुरम्मत के लिए इकट्ठा किया चंदा
Updated Fri, 18 May 2018 10:08 PM IST
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पार्षद के साथ लोगों ने बूट पालिश कर टूटीं सड़कों के लिए जुटाया चंदा
मोगा नगर निगम में गुटबाजी के कारण तीन साल से विकास कार्य ठप
अमर उजाला ब्यूरो
मोगा। नगर निगम में काउंसलरों की गुटबाजी के कारण पिछले 3 साल से विकास कार्य ठप हैं। टूटीं सड़कों के कारण लोग बुनियादी सहूलियतों को तरस रहे हैं। यहां काउंसलर्स के नेतृत्व में शहरियों ने रोष जताने के लिए बूट पॉलिश कर विकास कार्यों के लिए चंदा जुटाया।
भाजपा के टिकट पर चुने काउंसलर और राज्य स्तरीय पुरस्कार विजेता एंटी क्रप्शन अवेयरनेस आर्गनाइजेशन एवं सोहना मोगा सोसाइटी चेयरमैन गुरप्रीत सिंह सचदेवा ने कहा कि एक राजनीतिक नेता को लाभ पहुंचाने के लिए निगम अधिकारी साजिश के तहत विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं। जिसका खामियाजा शहरी भुगत रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह बूट पालिश कर एकत्रित चंदे से सड़क बनाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि बहुत अशोभनीय बात है कि नगर निगम के पास बजट और फंड न होने के बावजूद 35 करोड़ के विकास कार्य राजनीति की भेंट चढ़ गए। उन्होंने कहा कि टूटी सड़कें, टूटी नालियां, न पीने योग्य पानी, बंद स्ट्रीट लाइटें और आवारा पशुओं जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे मोगा निवासियों को राहत दिलाने के लिए शहर के लोगों ने बूट पालिश की मुहिम शुरू की है।
उन्होंने दावा किया कि कोई भी अधिकारी विकास कार्य रोके जाने या शुरू करने के बारे में स्थिति स्पष्ट करने को तैयार नहीं है। अधिकारी लोगों को स्पष्ट करें कि पिछले वर्ष की 31 अगस्त से पास हुए विकास कार्य के 9 माह तक टेंडर क्यों नहीं लगे। अधिकारी कथित राजसी दबाव में विकास कार्य रोककर लोगों से बेइंसाफी कर रहे हैं। काउंसिलर सचदेवा ने कहा कि पहले अधिकारियों ने 17 मई को टेंडर लगाने बारे अखबार में बात कही पर टेंडर नहीं लगे। उन्होंने यह भी कहा कि कथित राजसी दबाव में कई वार्डों के काम काट दिए हैं। उन्होंने चेतावनी देते कहा कि 15 दिनों में बिना पक्षपात सभी वार्डों के 35 करोड़ के विकास कार्य के टेंडर न लगाए और रुके विकास कार्य शुरू न किए तो वह गांधीवादी सोच छोड़ कर शहीद भगत सिंह की सोच के मुताबिक संघर्ष शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।
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इस मौके संस्था नेता प्रेम गर्ग, रकेश कुमार छाबड़ा, सतनाम सिंह सत्ता, दीपक अरोड़ा, स्वर्न सिंह, टहल सिंह, जसविंदर सिंह बोबी, रिशु अग्रवाल, वी.पी. सेठी, रितेश कुमार बांसल, धीरज कुमार, सुखचैन सिंह रामूवालिया, वरुन गर्ग, निरंजन लाल, प्यारा सिंह, विनोद कुमार, हरीश चंद्र खुराना, रुपिंदरजीत सिंह, राज मनी, दविंदर सिंह, सुरिंदरपाल छाबड़ा, रकेश कुमार नाढा, जरनैल सिंह सरां, जसविंदर सिंह, जसवंत सिंह, देव चंद्र, मोहन बांसल, के अलावा बड़ी संख्या में शहर निवासी हाजिर थे।
नगर निगम कमिशनर जगविंदरजीत सिंह ग्रेवाल ने कहा कि हाउस की ओर से पास किए विकास कार्यों की सरकार से प्रवानगी मिल चुकी है और टेंडरों की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
फोटो कैप्शन - मोगा नगर निगम में गुटबाजी कारण रोके विकास कार्यों को चालू कराने और टूटीं सड़कों की मरम्मत के लिए चंदा जुटाने के लिए बूट पॉलिश करते काउंसलर गुरप्रीत सिंह सच्चदेवा व अन्य शहरी।
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मोगा नगर निगम में गुटबाजी के कारण तीन साल से विकास कार्य ठप
अमर उजाला ब्यूरो
मोगा। नगर निगम में काउंसलरों की गुटबाजी के कारण पिछले 3 साल से विकास कार्य ठप हैं। टूटीं सड़कों के कारण लोग बुनियादी सहूलियतों को तरस रहे हैं। यहां काउंसलर्स के नेतृत्व में शहरियों ने रोष जताने के लिए बूट पॉलिश कर विकास कार्यों के लिए चंदा जुटाया।
भाजपा के टिकट पर चुने काउंसलर और राज्य स्तरीय पुरस्कार विजेता एंटी क्रप्शन अवेयरनेस आर्गनाइजेशन एवं सोहना मोगा सोसाइटी चेयरमैन गुरप्रीत सिंह सचदेवा ने कहा कि एक राजनीतिक नेता को लाभ पहुंचाने के लिए निगम अधिकारी साजिश के तहत विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं। जिसका खामियाजा शहरी भुगत रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह बूट पालिश कर एकत्रित चंदे से सड़क बनाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि बहुत अशोभनीय बात है कि नगर निगम के पास बजट और फंड न होने के बावजूद 35 करोड़ के विकास कार्य राजनीति की भेंट चढ़ गए। उन्होंने कहा कि टूटी सड़कें, टूटी नालियां, न पीने योग्य पानी, बंद स्ट्रीट लाइटें और आवारा पशुओं जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे मोगा निवासियों को राहत दिलाने के लिए शहर के लोगों ने बूट पालिश की मुहिम शुरू की है।
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उन्होंने दावा किया कि कोई भी अधिकारी विकास कार्य रोके जाने या शुरू करने के बारे में स्थिति स्पष्ट करने को तैयार नहीं है। अधिकारी लोगों को स्पष्ट करें कि पिछले वर्ष की 31 अगस्त से पास हुए विकास कार्य के 9 माह तक टेंडर क्यों नहीं लगे। अधिकारी कथित राजसी दबाव में विकास कार्य रोककर लोगों से बेइंसाफी कर रहे हैं। काउंसिलर सचदेवा ने कहा कि पहले अधिकारियों ने 17 मई को टेंडर लगाने बारे अखबार में बात कही पर टेंडर नहीं लगे। उन्होंने यह भी कहा कि कथित राजसी दबाव में कई वार्डों के काम काट दिए हैं। उन्होंने चेतावनी देते कहा कि 15 दिनों में बिना पक्षपात सभी वार्डों के 35 करोड़ के विकास कार्य के टेंडर न लगाए और रुके विकास कार्य शुरू न किए तो वह गांधीवादी सोच छोड़ कर शहीद भगत सिंह की सोच के मुताबिक संघर्ष शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।
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इस मौके संस्था नेता प्रेम गर्ग, रकेश कुमार छाबड़ा, सतनाम सिंह सत्ता, दीपक अरोड़ा, स्वर्न सिंह, टहल सिंह, जसविंदर सिंह बोबी, रिशु अग्रवाल, वी.पी. सेठी, रितेश कुमार बांसल, धीरज कुमार, सुखचैन सिंह रामूवालिया, वरुन गर्ग, निरंजन लाल, प्यारा सिंह, विनोद कुमार, हरीश चंद्र खुराना, रुपिंदरजीत सिंह, राज मनी, दविंदर सिंह, सुरिंदरपाल छाबड़ा, रकेश कुमार नाढा, जरनैल सिंह सरां, जसविंदर सिंह, जसवंत सिंह, देव चंद्र, मोहन बांसल, के अलावा बड़ी संख्या में शहर निवासी हाजिर थे।
नगर निगम कमिशनर जगविंदरजीत सिंह ग्रेवाल ने कहा कि हाउस की ओर से पास किए विकास कार्यों की सरकार से प्रवानगी मिल चुकी है और टेंडरों की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
फोटो कैप्शन - मोगा नगर निगम में गुटबाजी कारण रोके विकास कार्यों को चालू कराने और टूटीं सड़कों की मरम्मत के लिए चंदा जुटाने के लिए बूट पॉलिश करते काउंसलर गुरप्रीत सिंह सच्चदेवा व अन्य शहरी।