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प्राईवेट स्कूलों की ओर से खसरा एवं रुबैला इंजेक्शन लगवाने से किया इंकार

Fri, 27 Apr 2018 10:52 PM IST
Updated Fri, 27 Apr 2018 10:52 PM IST
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प्राईवेट स्कूलों की ओर से खसरा एवं रुबैला इंजेक्शन लगवाने से किया इंकार
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प्राइवेट स्कूलों ने खसरा और रुबेला इंजेक्शन लगवाने से किया इंकार
सेहत विभाग ने निकाली जागरूकता रैली, अधिकारियों ने स्कूल मुखियों से की बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
मोगा।
सेहत विभाग की खसरा एवं रुबेला बीमारी को जड़ से खत्म करने की मुहिम के तहत प्राइवेट स्कूलों ने बच्चों को यह इंजेक्शन लगवाने से इंकार कर दिया है। सेहत विभाग अधिकारी स्कूल मुखियों से मीटिंग कर उनको मनाने में लग गए हैं। इन बीमारियों से संबंधित आम लोगों को जागरूक करने के लिए जागरूता रैली निकाली गई।
यहां के पास गांव डरोली भाई के सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. इंद्रबीर सिंह गिल ने बताया कि आगामी एक से 15 मई तक सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 15 साल तक की उम्र के बच्चों को खसरा एवं रुबेला का इंजेक्शन लगाया जाना है। उन्होंने कहा कि कुछ प्राइवेट स्कूलों ने अपने बच्चों के यह इंजेक्शन लगवाने से मना कर दिया है। प्राइवेट स्कूलों के सहयोग के बिना यह अभियान पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि स्कूलों में मुहिम के उद्देश्य के बारे में विस्तार से जानकारी देने बाद ब्लाक डरोली भाई अधीन 27 प्राइवेट स्कूल आखिर खसरा एवं रुबेला के इंजेक्शन लगवाने के लिए राजी हो गए हैं, जबकि नए खुले एक स्कूल ने कुछ दिनों की मोहलत मांगी है। इस मौके पर बीईई रछपाल सिंह सोसण, एसआई प्यारे लाल सेठी और फार्मासिस्ट नील मनी ने टीकाकरण के सहयोग के लिए स्कूल मुखियों से मीटिंग की।
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सिविल सर्जन डॉ. सुशील जैन ने बताया कि जिले में 2 लाख 38 हजार 591 बच्चों को इंजेक्शन लगाए जाने का लक्ष्य है। उन्होंने इस मुहिम को सफल बनाने के लिए मां बाप, अध्यापकों, समाज सेवीं संस्थाओं एवं हर नागरिक के सहयोग के उम्मीद करते हुए कहा कि 9 माह से 15 साल तक के बच्चों को मीजल -रुबला वैक्सीन लगानी अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। इस बारे सिविल सर्जन ने कहा कि खसरा (मीजलज) एक छूत की बहुत ही खतरनाल बीमारी है, जो कि प्रभावित व्यक्ति से खांसी एवं छींक मारने से भी फैल जाती है।
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फोटो कैप्शन -मोगा में खसरा एवं रुबेला बारे जागरूकता रैली को हरी झंडी देकर रवाना करते सिविल सर्जन डॉ. सुशील जैन व अन्य
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