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मामला शौचालयों की खस्ता हालत का
Updated Sun, 15 Apr 2018 10:08 PM IST
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डीसी कांप्लेक्स और एसडीएम दफ्तर के शौचालय में गंदगी
जरूरतमंद लोगों को छोड़ अमीर लोगों के घरों में बना दिए शौचालय: लेखिक अवतार बब्बी
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला।
स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत मिशन के तहत पूर्व डीसी द्वारा शहर के ग्रामीण क्षेत्रों में 17 हजार के करीब शौचालय बनाए गए थे, जिसके बाद दिल्ली में इस अभियान में प्रदेश में प्रथम स्थान आने पर डीसी बरनाला घनश्याम थोरी को अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। लेकिन दिए तले अंधेरा की कहावत मुताबिक स्थानीय डीसी कांप्लेक्स व एसडीएम दफ्तर के शौचालय में इतनी ज्यादा गंदगी है कि कोई बाथरूम भी नहीं जा सकता। डीसी कांप्लेक्स में बने शौचालय भी कंडम हो चुके हैं और एसडीएम दफ्तर के शौचालय की हालत बेहद खराब है। बरनाला के हंडियाया रोड पर बने सरकारी हाई स्कूल जमला मालकिन में टूटे शौचालय में फैली गंदगी के कारण स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिस कारण डीसी कांप्लेक्स में आने वाले लोगों को, धरनाकारियों खासकर महिलाओं को मजबूरन गंदगी में ही मुंह पर हाथ से रुमाल बांध शौच व बाथरूम जाना पड़ता है। जबकि गांव रायसर के रहने वाले दलित लेखक अवतार सिंह बब्बी ने कहा कि जिला प्रशासन जरूरतमंद गरीब दलित लोगों को शौचालय नहीं बनाकर दिए। सरपंचो की सिफारिशों पर चहेतों अमीर लोगों के घरों में शौचालय बनाए गए, जिसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। कहने का भाव जिला प्रशासन कमरे में बैठकर प्रेस नोट रिलीज करने में लगा है, लेकिन प्रबंधों के नाम पर कुछ नहीं है। इस बारे में डीसी धर्मपाल गुप्ता ने कहा कि वह तुरंत सुधार करवा रहे हैं।
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जरूरतमंद लोगों को छोड़ अमीर लोगों के घरों में बना दिए शौचालय: लेखिक अवतार बब्बी
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला।
स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत मिशन के तहत पूर्व डीसी द्वारा शहर के ग्रामीण क्षेत्रों में 17 हजार के करीब शौचालय बनाए गए थे, जिसके बाद दिल्ली में इस अभियान में प्रदेश में प्रथम स्थान आने पर डीसी बरनाला घनश्याम थोरी को अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। लेकिन दिए तले अंधेरा की कहावत मुताबिक स्थानीय डीसी कांप्लेक्स व एसडीएम दफ्तर के शौचालय में इतनी ज्यादा गंदगी है कि कोई बाथरूम भी नहीं जा सकता। डीसी कांप्लेक्स में बने शौचालय भी कंडम हो चुके हैं और एसडीएम दफ्तर के शौचालय की हालत बेहद खराब है। बरनाला के हंडियाया रोड पर बने सरकारी हाई स्कूल जमला मालकिन में टूटे शौचालय में फैली गंदगी के कारण स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिस कारण डीसी कांप्लेक्स में आने वाले लोगों को, धरनाकारियों खासकर महिलाओं को मजबूरन गंदगी में ही मुंह पर हाथ से रुमाल बांध शौच व बाथरूम जाना पड़ता है। जबकि गांव रायसर के रहने वाले दलित लेखक अवतार सिंह बब्बी ने कहा कि जिला प्रशासन जरूरतमंद गरीब दलित लोगों को शौचालय नहीं बनाकर दिए। सरपंचो की सिफारिशों पर चहेतों अमीर लोगों के घरों में शौचालय बनाए गए, जिसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। कहने का भाव जिला प्रशासन कमरे में बैठकर प्रेस नोट रिलीज करने में लगा है, लेकिन प्रबंधों के नाम पर कुछ नहीं है। इस बारे में डीसी धर्मपाल गुप्ता ने कहा कि वह तुरंत सुधार करवा रहे हैं।