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जांच कर्मचारियों की अनुभवहीनता से दर दर भटक रहे पेंशनधारक: गुप्ता
Updated Tue, 03 Apr 2018 10:28 PM IST
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नीले कार्ड व पेंशन से वंचित लाभपात्रियों ने जताया रोष
अबोहर। समाज सुधार सभा की बैठक मंगलवार को प्रधान राजेश गुप्ता के नेतृत्व में जेपी पार्क में हुई। इसमें नीले कार्ड व पेंशन से वंचित किए कई लाभपात्रियों ने सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया। इस दौरान राजेश गुप्ता ने कहा कि बीते साल सरकार की ओर से पेंशन धारकों की करवाई गई जांच में अनुभवहीन कर्मचारियों को शामिल किया गया। इससे कई ऐसे बुजुर्गों के नीले कार्ड व पेंशन काट दिए गए, जो केवल सरकार की इन स्कीमों पर ही आश्रित थे।
गुप्ता ने कहा कि जांच के दौरान सिधू नगरी निवासी कैलाश देवी की पेंशन व नीला कार्ड काट दिया गया। वहीं वह इसी योजना पर आश्रित थीं। इसके अलावा बाजार नंबर 12 में हुए गोलीकांड की पीड़ित शांति देवी और दो ऐसे दृष्टिहीनों की पेंशन भी काट दी गई, जिनका सरकार के अलावा और कोई सहारा ही नहीं है। गुप्ता ने आरोप लगाया कि अगर जांच के दौरान 33 वार्डों के पार्षदों ने सरकार व प्रशासन को पूरा सहयोग दिया होता तो इन जरूरतमंदों को दर-दर की ठोकरें न खानी पड़ती। राजेश गुप्ता ने प्रशासन से मांग की है कि काटी गई पेंशनों व नीले कार्डों की दुबारा जांच करके उन्हें दोबारा लागू किया जाए।
इस समाचार की फोटो एबीआर 1 भेजी जा रही है।
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अबोहर। समाज सुधार सभा की बैठक मंगलवार को प्रधान राजेश गुप्ता के नेतृत्व में जेपी पार्क में हुई। इसमें नीले कार्ड व पेंशन से वंचित किए कई लाभपात्रियों ने सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया। इस दौरान राजेश गुप्ता ने कहा कि बीते साल सरकार की ओर से पेंशन धारकों की करवाई गई जांच में अनुभवहीन कर्मचारियों को शामिल किया गया। इससे कई ऐसे बुजुर्गों के नीले कार्ड व पेंशन काट दिए गए, जो केवल सरकार की इन स्कीमों पर ही आश्रित थे।
गुप्ता ने कहा कि जांच के दौरान सिधू नगरी निवासी कैलाश देवी की पेंशन व नीला कार्ड काट दिया गया। वहीं वह इसी योजना पर आश्रित थीं। इसके अलावा बाजार नंबर 12 में हुए गोलीकांड की पीड़ित शांति देवी और दो ऐसे दृष्टिहीनों की पेंशन भी काट दी गई, जिनका सरकार के अलावा और कोई सहारा ही नहीं है। गुप्ता ने आरोप लगाया कि अगर जांच के दौरान 33 वार्डों के पार्षदों ने सरकार व प्रशासन को पूरा सहयोग दिया होता तो इन जरूरतमंदों को दर-दर की ठोकरें न खानी पड़ती। राजेश गुप्ता ने प्रशासन से मांग की है कि काटी गई पेंशनों व नीले कार्डों की दुबारा जांच करके उन्हें दोबारा लागू किया जाए।
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