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आईआईटी रोपड़ में 11वें महिंद्रा बीएजेए एसएईइंडिया 201
Updated Sun, 11 Mar 2018 10:04 PM IST
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ग्राउंड टू ग्लोरी के सफर में कोयंबटूर अव्वल
आईआईटी रोपड़ ग्राउंड में महिंद्रा बीएजेए एसएई इंडिया 2018 के दूसरे चरण का समापन
अमर उजाला ब्यूरो
रोपड़।
आईआईटी रोपड़ ग्राउंड में 8 मार्च से शुरू हुए महिंद्रा बीएजेए एसएई इंडिया 2018 के दूसरे चरण का समापन हो गया। पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने आफ रोड व्हीकल रेस को हरी झंडी दी। इस दौरान इंड्योरेंस राउंड में 25 बीएजेए टीमें सफल रहीं।
रेत और कीचड़ भरे ट्रैक पर तमाम रुकावटों को पार करते और झटके लेते हुए कोयंबटूर (तमिलनाडु) के सरकारी कॉलेज ऑफ टेक्नालाजी की टीम को भारत में 11वें बीएजेए सीरीज के दूसरे चरण का विजेता घोषित किया गया और डेढ़ लाख का नकद पुरस्कार दिया गया। प्रथम उपविजेता, औरंगाबाद (महाराष्ट्र) के सरकारी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को एक लाख रुपये दिए गए। चितकारा युनिवर्सीटी, राजपुरा के वरिंद्र सिंह को विशिष्ट द्रोणाचार्य पुस्कार दिया गया। 2.8 किमी लंबे ट्रैक पर कीचड़ भरे गड्ढे, खड़ी चढ़ाई और 15-20 फुट ढाल ने प्रतिभागियों के लिए चुनौती बढ़ा दी। इसमें 388 टीमों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 221 (पीतमपुरा के लिए 161 और रोपड़ के लिए 60) टीमें फाइनल में प्रवेश करने में सफल रहीं।
बीएजेए के लिए केवल 25 टीमें ही एंड्योरेंस राउंड में प्रवेश कर पाईं। यह वर्ष इस दृष्टि से उल्लेखनीय रहा कि इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से 4000 छात्रों ने आईआईटी रोपड़ के थीम ‘ग्राउंड टु ग्लोरी’ के उत्सव में भाग लिया। चार दिन के आयोजन का आरंभ बेसिक स्टेटिक राउंड के साथ हुआ जिसमें डिजाइन, लागत का आकलन और मार्केटिंग प्रेजेंटेशन के लिए मूल्यांकन किया गया। अंतिम राउंड में टीमों ने मजबूत सिंगल सीटर ऑफ-रोड मनोरंजक चार पहिया वाहन का प्रोटोटाइप पेश किया और विभिन्न मानकों पर उनका मूल्यांकन किया गया। हालांकि ये टीमें खुद की ट्रांसमिशन डिजाइन करने को स्वतंत्र थीं पर 60 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति सीमा निर्धारित की गई थी। इस अवसर पर महिंद्रा एंड महिंद्रा के प्रबंध निदेशक डॉ. पवन गोयनका, आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. एसके दास, भारत पेट्रोलियम के रिटेल प्रमुख पीताम्बरम भी मौजूद रहे।
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आईआईटी रोपड़ ग्राउंड में महिंद्रा बीएजेए एसएई इंडिया 2018 के दूसरे चरण का समापन
अमर उजाला ब्यूरो
रोपड़।
आईआईटी रोपड़ ग्राउंड में 8 मार्च से शुरू हुए महिंद्रा बीएजेए एसएई इंडिया 2018 के दूसरे चरण का समापन हो गया। पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने आफ रोड व्हीकल रेस को हरी झंडी दी। इस दौरान इंड्योरेंस राउंड में 25 बीएजेए टीमें सफल रहीं।
रेत और कीचड़ भरे ट्रैक पर तमाम रुकावटों को पार करते और झटके लेते हुए कोयंबटूर (तमिलनाडु) के सरकारी कॉलेज ऑफ टेक्नालाजी की टीम को भारत में 11वें बीएजेए सीरीज के दूसरे चरण का विजेता घोषित किया गया और डेढ़ लाख का नकद पुरस्कार दिया गया। प्रथम उपविजेता, औरंगाबाद (महाराष्ट्र) के सरकारी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को एक लाख रुपये दिए गए। चितकारा युनिवर्सीटी, राजपुरा के वरिंद्र सिंह को विशिष्ट द्रोणाचार्य पुस्कार दिया गया। 2.8 किमी लंबे ट्रैक पर कीचड़ भरे गड्ढे, खड़ी चढ़ाई और 15-20 फुट ढाल ने प्रतिभागियों के लिए चुनौती बढ़ा दी। इसमें 388 टीमों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 221 (पीतमपुरा के लिए 161 और रोपड़ के लिए 60) टीमें फाइनल में प्रवेश करने में सफल रहीं।
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बीएजेए के लिए केवल 25 टीमें ही एंड्योरेंस राउंड में प्रवेश कर पाईं। यह वर्ष इस दृष्टि से उल्लेखनीय रहा कि इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से 4000 छात्रों ने आईआईटी रोपड़ के थीम ‘ग्राउंड टु ग्लोरी’ के उत्सव में भाग लिया। चार दिन के आयोजन का आरंभ बेसिक स्टेटिक राउंड के साथ हुआ जिसमें डिजाइन, लागत का आकलन और मार्केटिंग प्रेजेंटेशन के लिए मूल्यांकन किया गया। अंतिम राउंड में टीमों ने मजबूत सिंगल सीटर ऑफ-रोड मनोरंजक चार पहिया वाहन का प्रोटोटाइप पेश किया और विभिन्न मानकों पर उनका मूल्यांकन किया गया। हालांकि ये टीमें खुद की ट्रांसमिशन डिजाइन करने को स्वतंत्र थीं पर 60 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति सीमा निर्धारित की गई थी। इस अवसर पर महिंद्रा एंड महिंद्रा के प्रबंध निदेशक डॉ. पवन गोयनका, आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. एसके दास, भारत पेट्रोलियम के रिटेल प्रमुख पीताम्बरम भी मौजूद रहे।
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