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मॉमले सेवा केंद्रो को बंद करने का
Updated Thu, 01 Mar 2018 10:52 PM IST
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सुखबीर बादल के ड्रीम योजनाएं बंद होने के कगार पर
पंजाब में सिर्फ 510 सेवा केंद्रों को चलाएगी सरकार, बाकी होंगे बंद
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला।
पंजाब की अकाली-भाजपा सरकार की तरफ से चलाए और सुखवीर सिंह बादल के ड्रीम प्रोजैक्ट रहे एक ही छत नीचे दर्जनों स्कीमें देने वाले सेवा केंद्रों को कांग्रेस सरकार ने ब्रेक लगाने की पूरी तैयारी कर ली है। करीब दस हजार की आबादी पर पंजाब भर में बनाए 2142 सेवा केंद्रों को उनके अब तक के किए लेखे-जोखे के बाद सरकार ने पंजाब में सिर्फ 510 सेवा केंद्रों को ही चलाएगी। सरकार के इस फैसले से 1600 सेवा केंद्रों के बड़ी संख्या में कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे। सेवा केंद्रों में काम कर रहे कर्मचारियों के बारे में स्थिति क्लीयर नहीं है कि उनकी सेवाएं जारी रहेंगी या नए प्रबंधक कर्मचारी भर्ती करेंगे।
जुलाई तक पूरा होने वाला है ठेका
मौजूदा कंपनी जो 2142 सेवा केंद्र चला रही है, उसका ठेका जुलाई तक पूरा होने वाला है। इसलिए सरकार ने इन सेवा केंद्रों को आगे भी ठेकेदारी सिस्टम अधीन ही चलाने का मन बनाया है। इसलिए भाईवाला (ठेकेदार कंपनियों) को निमंत्रण दिया गया है, जिन्होंने इन केंद्रों का सारा प्रबंध खर्चा स्वयं करना है और स्वयं सेवा चार्ज लेकर सरकारी फीस सरकार को अदा करनी है। जानकारी के अनुसार यह ठेका 3 वर्ष के लिए होगा और 25 करोड़ का टर्न ओवर होगा। इन सेवा केंद्रों से सरकारी फीस और सेवा चार्ज ही वसूल किए जाएंगे।
बंद होने के बाद कौन से जिले में कितने सेवा केंद्र रहेंगे
पंजाब में चल रहे 2142 सेवा केंद्रों को बंद करके 510 सेवा केंद्रों के रह जाने पर विभाग की साइट पर लोड की सूची के अनुसार पंजाब को 3 जोनों में बांटा गया है। जोन नंबर-1 में आठ जिले शामिल किए गए हैं, जिनमें अमृतसर में कुल 41 सेवा केंद्र चलेंगे। गुरदासपुर में 53, होशियारपुर में 19, जालंधर में 34, कपूरथला में 20, पठानकोट में 11, शहीद भगत सिंह नगर में 14 और तरनतारन में 21 सेवा केंद्र चलेंगे। जोन नंबर-2 में बरनाला में 9, फतेहगढ़ साहिब में 14, लुधियाना में 38, पटियाला में 40, रूपनगर में 22, एसएएस नगर में 30 और संगरूर में 17 सेवा केंद्र चलेंगे। जोन नंबर-3 में बठिंडा में 32, फरीदकोट में 13, फाजिल्का में 18, फिरोजपुर में 23, मानसा में 13, मोगा में 13 और मुक्तसर में 15 सेवा केंद्र चलते रखे जाने हैं। इन 510 सेवा केंद्रों में टाइप 1 जो जिला काम्पलेक्स में हैं 22 केंद्र, टाइएप-2 जो शहरो में हैं 239 और टाइप-3 जो गांवों में हैं 249 सेवा केंद्र रखे गए हैं।
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धक्का हुआ तो करेंगे संघर्ष
पंजाब भर में 2142 सेवा केंद्रों के बंद हो जाने पर बड़ी संख्या में ऐसे कर्मचारी बेरोजगार हो सकते हैं जो पिछले कई वर्षों से सेवा निभा रहे हैं। ऐसे में पंजाब सरकार का उनके लिए कोई विशेष प्रबंध न करने पर उनके द्वारा सरकार विरोधी संघर्ष शुरू किया जा सकता है। सरकार एक तरफ तो घर-घर रोजगार देने की बात कर रही है। दूसरी तरफ जो ठीक काम कर रहे हैं उनको भी बेरोजगार किया जा रहा है।
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पंजाब में सिर्फ 510 सेवा केंद्रों को चलाएगी सरकार, बाकी होंगे बंद
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला।
पंजाब की अकाली-भाजपा सरकार की तरफ से चलाए और सुखवीर सिंह बादल के ड्रीम प्रोजैक्ट रहे एक ही छत नीचे दर्जनों स्कीमें देने वाले सेवा केंद्रों को कांग्रेस सरकार ने ब्रेक लगाने की पूरी तैयारी कर ली है। करीब दस हजार की आबादी पर पंजाब भर में बनाए 2142 सेवा केंद्रों को उनके अब तक के किए लेखे-जोखे के बाद सरकार ने पंजाब में सिर्फ 510 सेवा केंद्रों को ही चलाएगी। सरकार के इस फैसले से 1600 सेवा केंद्रों के बड़ी संख्या में कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे। सेवा केंद्रों में काम कर रहे कर्मचारियों के बारे में स्थिति क्लीयर नहीं है कि उनकी सेवाएं जारी रहेंगी या नए प्रबंधक कर्मचारी भर्ती करेंगे।
जुलाई तक पूरा होने वाला है ठेका
मौजूदा कंपनी जो 2142 सेवा केंद्र चला रही है, उसका ठेका जुलाई तक पूरा होने वाला है। इसलिए सरकार ने इन सेवा केंद्रों को आगे भी ठेकेदारी सिस्टम अधीन ही चलाने का मन बनाया है। इसलिए भाईवाला (ठेकेदार कंपनियों) को निमंत्रण दिया गया है, जिन्होंने इन केंद्रों का सारा प्रबंध खर्चा स्वयं करना है और स्वयं सेवा चार्ज लेकर सरकारी फीस सरकार को अदा करनी है। जानकारी के अनुसार यह ठेका 3 वर्ष के लिए होगा और 25 करोड़ का टर्न ओवर होगा। इन सेवा केंद्रों से सरकारी फीस और सेवा चार्ज ही वसूल किए जाएंगे।
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बंद होने के बाद कौन से जिले में कितने सेवा केंद्र रहेंगे
पंजाब में चल रहे 2142 सेवा केंद्रों को बंद करके 510 सेवा केंद्रों के रह जाने पर विभाग की साइट पर लोड की सूची के अनुसार पंजाब को 3 जोनों में बांटा गया है। जोन नंबर-1 में आठ जिले शामिल किए गए हैं, जिनमें अमृतसर में कुल 41 सेवा केंद्र चलेंगे। गुरदासपुर में 53, होशियारपुर में 19, जालंधर में 34, कपूरथला में 20, पठानकोट में 11, शहीद भगत सिंह नगर में 14 और तरनतारन में 21 सेवा केंद्र चलेंगे। जोन नंबर-2 में बरनाला में 9, फतेहगढ़ साहिब में 14, लुधियाना में 38, पटियाला में 40, रूपनगर में 22, एसएएस नगर में 30 और संगरूर में 17 सेवा केंद्र चलेंगे। जोन नंबर-3 में बठिंडा में 32, फरीदकोट में 13, फाजिल्का में 18, फिरोजपुर में 23, मानसा में 13, मोगा में 13 और मुक्तसर में 15 सेवा केंद्र चलते रखे जाने हैं। इन 510 सेवा केंद्रों में टाइप 1 जो जिला काम्पलेक्स में हैं 22 केंद्र, टाइएप-2 जो शहरो में हैं 239 और टाइप-3 जो गांवों में हैं 249 सेवा केंद्र रखे गए हैं।
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धक्का हुआ तो करेंगे संघर्ष
पंजाब भर में 2142 सेवा केंद्रों के बंद हो जाने पर बड़ी संख्या में ऐसे कर्मचारी बेरोजगार हो सकते हैं जो पिछले कई वर्षों से सेवा निभा रहे हैं। ऐसे में पंजाब सरकार का उनके लिए कोई विशेष प्रबंध न करने पर उनके द्वारा सरकार विरोधी संघर्ष शुरू किया जा सकता है। सरकार एक तरफ तो घर-घर रोजगार देने की बात कर रही है। दूसरी तरफ जो ठीक काम कर रहे हैं उनको भी बेरोजगार किया जा रहा है।